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‘भेदभाव खत्म करता है इस्लाम’
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:55 AM IST
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वाराणसी। जामिया सलफिया रेवड़ीतालाब में बुधवार को दो दिवसीय पुरातन छात्र सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस दौरान कुलपति यूनुस मदनी ने कहा कि इस्लाम भेदभाव को खत्म कर पूरी दुनिया को भाईचारे के रिश्ते से बांधता है। जामिया सलफिया से तालीम लेने वाले अमन, शांति और कौमी एकता का पैगाम आम करते हैं। उन्होंने पुरातन छात्रों से अपील की कि वे मुल्क की तरक्की में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
शारजाह दुबई के मौलाना जफरुल हसन मदनी ने कहा कि यहां से पढ़े छात्र सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि विदेश में धार्मिक व सामाजिक सेवा के जरिये हिंदुस्तान का नाम कर रहे हैं। मक्का से आए मुफ्ती डॉ. वसीउल्लाह अब्बास ने कहा कि इस्लाम धार्मिक सौहार्द व देश प्रेम का पाठ पढ़ाता है। जामिया सलफिया के महासचिव अब्दुल्लाह सऊद सलफी ने कहा कि जहां एक ओर से कंप्यूटर और विज्ञान ने तरक्की के नए रास्ते खोले हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल ने हमारी नई पीढ़ी को भ्रम में डाल दिया है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि नौजवान पीढ़ी को सही रास्ता दिखाएं। हर नमाज में हम यही दुआ करते हैं कि हम सच के रास्ते पर चलें लेकिन उसे हम अपनी जिंदगी में लागू नहीं करते। उन्हाेंने कहा कि हमें सही और सच के रास्ते पर चलना होगा। डॉ. फजलुरर्हमान मदनी, मौलाना अब्दुल मन्नान सलफी, डॉ. अब्दुर्रहमान, डॉ. अरशद फहीम ने अपनी तकरीर पेश की। अध्यक्षता जामिया सलफिया के अध्यक्ष शाहिद जुनैद सलफी ने की। संचालन असद आजमी ने किया।
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शारजाह दुबई के मौलाना जफरुल हसन मदनी ने कहा कि यहां से पढ़े छात्र सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि विदेश में धार्मिक व सामाजिक सेवा के जरिये हिंदुस्तान का नाम कर रहे हैं। मक्का से आए मुफ्ती डॉ. वसीउल्लाह अब्बास ने कहा कि इस्लाम धार्मिक सौहार्द व देश प्रेम का पाठ पढ़ाता है। जामिया सलफिया के महासचिव अब्दुल्लाह सऊद सलफी ने कहा कि जहां एक ओर से कंप्यूटर और विज्ञान ने तरक्की के नए रास्ते खोले हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल ने हमारी नई पीढ़ी को भ्रम में डाल दिया है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि नौजवान पीढ़ी को सही रास्ता दिखाएं। हर नमाज में हम यही दुआ करते हैं कि हम सच के रास्ते पर चलें लेकिन उसे हम अपनी जिंदगी में लागू नहीं करते। उन्हाेंने कहा कि हमें सही और सच के रास्ते पर चलना होगा। डॉ. फजलुरर्हमान मदनी, मौलाना अब्दुल मन्नान सलफी, डॉ. अब्दुर्रहमान, डॉ. अरशद फहीम ने अपनी तकरीर पेश की। अध्यक्षता जामिया सलफिया के अध्यक्ष शाहिद जुनैद सलफी ने की। संचालन असद आजमी ने किया।
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