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रमजान : तरावीह का पहला दौर मुकम्मल
Updated Wed, 23 May 2018 12:32 AM IST
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भदोही। मर्यादपट्टी स्थित मस्जिद गाजी मियां रौजा में सोमवार की रात मुकद्दस रमजान के तरावीह का पहले दौर समाप्त हो गया। हाफिज तालिब ने पांचवें रोजे को कुरआने मुक़द्दस के तीसों सिपारे पढ़कर पूरे किए। अंतिम सिपारा पूरा होते ही नमाजियों ने हाफिज का इस्तकबाल किया।
हाफिज ने कहा कि तरावीह माहे रमजान का चांद दिखते शुरू होती है और ईद का चांद होने तक चलनी चाहिए। कहा
रमजान के मुकद्दस महीने में जितनी बार कुरआन मुकम्मल हो सके, करनी चाहिए। कुरआन को किसी के पढ़ते हुए सुनना भी सवाब का काम है। उन्होंने मौजूद लोगों को रमजान की बरकतों और रहमतों के बारे में बताया। कहा कि इस महीने में अल्लाह एक नेकी का 70 गुना सवाब देता है। जितनी हो सके, इबादत कर नेकी हासिल करनी चाहिए। बताया रोजेदारों को इफ्तार कराना, गरीब मिस्कीनों की मदद करना चाहिए। इस्तकबाल करने वालो में गुलाम अहमद, मुहर्रम खां, नूरैन खां, एकराम सिद्दीकी, हारुन खां, आफताब खां, जमाल खां, आजम खां, आसिफ खां, गुफरान अहमद, सरफराज अहमद, ख़ुर्शीद खां आदि रहे।
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हाफिज ने कहा कि तरावीह माहे रमजान का चांद दिखते शुरू होती है और ईद का चांद होने तक चलनी चाहिए। कहा
रमजान के मुकद्दस महीने में जितनी बार कुरआन मुकम्मल हो सके, करनी चाहिए। कुरआन को किसी के पढ़ते हुए सुनना भी सवाब का काम है। उन्होंने मौजूद लोगों को रमजान की बरकतों और रहमतों के बारे में बताया। कहा कि इस महीने में अल्लाह एक नेकी का 70 गुना सवाब देता है। जितनी हो सके, इबादत कर नेकी हासिल करनी चाहिए। बताया रोजेदारों को इफ्तार कराना, गरीब मिस्कीनों की मदद करना चाहिए। इस्तकबाल करने वालो में गुलाम अहमद, मुहर्रम खां, नूरैन खां, एकराम सिद्दीकी, हारुन खां, आफताब खां, जमाल खां, आजम खां, आसिफ खां, गुफरान अहमद, सरफराज अहमद, ख़ुर्शीद खां आदि रहे।
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