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समाधान दिवस से फिर निराश लौटे फरियादी
Updated Wed, 02 May 2018 12:52 AM IST
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ज्ञानपुर। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई शासन की महत्वाकांक्षी पहल संपूर्ण समाधान दिवस में जिस हिसाब से शिकायतें आ रही हैं, उसके अनुसार निस्तारण नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को जिले की तगीनों तहसीलों में कुल 187 मामले पटल पर आएी, जिनमें से केवल 12 मामलों का मौके पर निस्तारण किया जा सका। औराई में एक भी मामले का निस्तारण नहीं किया हुआ।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने भदोही तहसील में सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की मंशा का पाठ पढ़ाया और कहा कि हर संभव प्रयास हों कि मामले दोबारा समाधान दिवस में न आएं। अधिकारियों को उन्हें समय पर निस्तारित करना चाहिए। इससे समय भी बर्बाद होता है और मामलों का निस्तारण बाधित होता है। उन्होंने ऐसे कई मामलों में फरियादियों से भी कहा कि संबंधित अधिकारियों से अपने मामलों की जानकारी लेने के बाद ही दोबारा प्रार्थना पत्र दें। बिहियापुर सुरियावां के शिवलखन ने डीएम से आवास के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बगैर सूचना के उनके मकान को तालाब का हिस्सा बताते हुए ध्वस्त कर दिया गया था। इसी प्रकार सालिमपुर के बृजेश पांडेय पुत्र विजय शंकर पांडेय ने गंदा पानी बहाने पर रोक के लिए संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे। उन्होंने अपने खेत में बहाए जा रहे गंदे पानी पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि बीते दिनों रोके जाने पर विपक्षियों ने उन्हें मारा पीटा। कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दिवस पर डीएम ने कुल 85 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कुल सात मामलों का मौके पर निपटारा कर दिया। उन्होंने फरियादियों से कहा कि एक मामले को बार बार लेकर न आएं। उधर विभागीय अधिकारियों के पेच कसे। कहा कि शासन की मंशा है कि संपूर्ण समाधान दिवस पर लोगों को समाधान मिलना चाहिए। इसलिए मामलों को गंभीरता से लेकर उनका निस्तारण कराएं। किसी भी दशा में लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर नगर निकायों, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत विभाग समेत विभागीय अधिकारियों मौजूद थे। ज्ञानपुर तहसील में उप जिलाधिकारी आशीष कुमार ने जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान 60 मामले आए, जिनमें से पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसी तरह औराई तहसील में कुल 42 मामले आए, लेकिन एक भी मामले का निस्तारण मौके पर नहीं किया जा सका।
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जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने भदोही तहसील में सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की मंशा का पाठ पढ़ाया और कहा कि हर संभव प्रयास हों कि मामले दोबारा समाधान दिवस में न आएं। अधिकारियों को उन्हें समय पर निस्तारित करना चाहिए। इससे समय भी बर्बाद होता है और मामलों का निस्तारण बाधित होता है। उन्होंने ऐसे कई मामलों में फरियादियों से भी कहा कि संबंधित अधिकारियों से अपने मामलों की जानकारी लेने के बाद ही दोबारा प्रार्थना पत्र दें। बिहियापुर सुरियावां के शिवलखन ने डीएम से आवास के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बगैर सूचना के उनके मकान को तालाब का हिस्सा बताते हुए ध्वस्त कर दिया गया था। इसी प्रकार सालिमपुर के बृजेश पांडेय पुत्र विजय शंकर पांडेय ने गंदा पानी बहाने पर रोक के लिए संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे। उन्होंने अपने खेत में बहाए जा रहे गंदे पानी पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि बीते दिनों रोके जाने पर विपक्षियों ने उन्हें मारा पीटा। कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दिवस पर डीएम ने कुल 85 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कुल सात मामलों का मौके पर निपटारा कर दिया। उन्होंने फरियादियों से कहा कि एक मामले को बार बार लेकर न आएं। उधर विभागीय अधिकारियों के पेच कसे। कहा कि शासन की मंशा है कि संपूर्ण समाधान दिवस पर लोगों को समाधान मिलना चाहिए। इसलिए मामलों को गंभीरता से लेकर उनका निस्तारण कराएं। किसी भी दशा में लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर नगर निकायों, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत विभाग समेत विभागीय अधिकारियों मौजूद थे। ज्ञानपुर तहसील में उप जिलाधिकारी आशीष कुमार ने जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान 60 मामले आए, जिनमें से पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसी तरह औराई तहसील में कुल 42 मामले आए, लेकिन एक भी मामले का निस्तारण मौके पर नहीं किया जा सका।
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