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काशी में पौने दो मीटर बढ़ी गंगा, किनारों पर हलचल
Updated Sat, 08 Jul 2017 02:07 AM IST
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वाराणसी। गंगा में तेज बढ़ाव के चलते शुक्रवार को घाट किनारे के लोग सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे। 24 घंटे में पौने दो मीटर यानी(1.77मीटर)जलस्तर में वृद्धि होने से जहां नाविक नावों के लंगर बांधने में जुट गए, वहीं पंडों में छतरियों और चौकियों को हटाना शुरू कर दिया। गंगा पार लगने वाली गुमटियों की अस्थाई दुकानें भी हटाई जाने लगीं। हालांकि देर रात प्रवाह धीमा पड़ने लगा, लेकिन अब किसी भी समय गंगा पाट पकड़ सकती है।
पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के बाद गंगा में गुरुवार की रात को तेज बढ़ाव होने लगा। गुरुवार की रात आठ बजे जहां जलस्तर 59.22 मीटर था, वहीं शुक्रवार की रात इसी समय 60.99 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की बुलेटिन के अनुसार फिलहाल एक सेंटीमीटर प्रति घंटी का रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। फाफामऊ, सीतामढ़ी, इलाहाबाद, मिर्जापुर में गंगा बढ़ाव पर है। गंगा में तेज बढ़ाव का असर घाटों पर जीवन यापन करने वालों पर पड़ने लगा है। हालांकि फूलमाला, मोती के गहने और पूजा, प्रसाद , चाट, झालमूड़ी की दुकानें और फेरी वाले अभी अपनी जगहों पर यथावत हैं, लेकिन पंडों की चौकियां, छतरियां हटाई जाने लगीं हैं।
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पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के बाद गंगा में गुरुवार की रात को तेज बढ़ाव होने लगा। गुरुवार की रात आठ बजे जहां जलस्तर 59.22 मीटर था, वहीं शुक्रवार की रात इसी समय 60.99 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की बुलेटिन के अनुसार फिलहाल एक सेंटीमीटर प्रति घंटी का रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। फाफामऊ, सीतामढ़ी, इलाहाबाद, मिर्जापुर में गंगा बढ़ाव पर है। गंगा में तेज बढ़ाव का असर घाटों पर जीवन यापन करने वालों पर पड़ने लगा है। हालांकि फूलमाला, मोती के गहने और पूजा, प्रसाद , चाट, झालमूड़ी की दुकानें और फेरी वाले अभी अपनी जगहों पर यथावत हैं, लेकिन पंडों की चौकियां, छतरियां हटाई जाने लगीं हैं।
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