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हजार साल पुरानी अष्टधातु की मूर्ति के साथ एक हत्थे चढ़ा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 19 Dec 2016 09:01 PM IST
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अष्टधातु की मूर्ती
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी एसटीएफ को सोमवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने सारनाथ थान क्षेत्र के रंगोली तिराहा से करीब 15 किलो वजनी अष्टधातु की मूर्ती के साथ एक शख्स को गिरफ्तार किया है।
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बताया जा रहा है कि यह मूर्ती लगभग 1000 वर्ष पुरानी है और इसकी बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ रुपए है। मूर्ती का 1/8वां हिस्सा सोने का है। मूर्ती के साथ पकड़े गये शख्स का नाम संजय यादव है जो गाजीपुर के नंदगंज क्षेत्र के रहने वाला है।
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एसटीएफ ने उसे सारनाथ थाना को सुपुर्द कर दिया है। एसटीएफ और पुलिस उस शख्स से यह पड़ताल करने में जुटी है कि उसके पास यह मूर्ती कहां से आई। यह मूर्ती कहां की है। बनारस में वह कौन शख्स है जो यह मूर्ती खरीदना चाहता है।
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एसटीएफ के मुताबिक, सर्विलांस की मदद से यह सूचना मिली थी की एक शख्स बहुत ही कीमती मूर्ती बेचने के फिराक में है। इसके बाद एसटीएफ सक्रिय हो गयी और मुखबिरों को इस काम लगा दिया। सूचना सही मिली और वह शख्स सोमवार दोपहर रंगोली तिराहा पर पकड़ा गया। वह एक बोरे में मूर्ती लेकर ऑटो इसे उतरा था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बलिया के सहतवार में पिछले कई साल से फेरी लगाता है। करीब दो साल पहले उसे सहतवार निवासी बेचूराम ने उसे यह मूर्ती रखने को दी थी।
संजय ने बताया कि उसने मूर्ति की जांच कराई तो पता चला कि वह एक हजार साल से भी ज्यादा पुरानी है और उसका 1/8 हिस्सा सोने का है। मूर्ति कीमती होने के कारण उसे ग्राहक नहीं मिल रहा था।
इसी बीच एक शख्स से बातचीत हुई तो वह उस मूर्ति दिखाकर सौदा तय करने के लिए सारनाथ क्षेत्र में आया था। पुलिस उस
व्यक्ति के तलाश में जुटी है कि मूर्ती खरीदने के लिए किसने वाराणसी बुलाया था।