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प्रदूषण: दिवाली के पटाखों ने बिगाड़ी सेहत, पॉल्यूशन गंभीर श्रेणी में बरकरार, मरीज परेशान
Tue, 09 Nov 2021 01:45 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 09 Nov 2021 01:45 PM IST
सार
कई शहरों में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हुई हैं। इनमें सांस लेने में दिक्कत, खांसी, कफ जमना, गले में खराश या आंखों में जलन आदि की शिकायतें हैं। आइए जानते हैं कहां-कहां प्रदूषण की मार अभी भी लोगों को झेलनी पड़ रही है।
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लखनऊ में मौसम का बदलाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर बना हुआ है। दिवाली के बाद से ही कई बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में है। पहले से ही खराब चल रही हवा दिवाली पर आतिशबाजी होने के बाद और बिगड़ गई। तबसे यह लगातार खराब बनी हुई है। कई शहरों में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हुई हैं। इनमें सांस लेने में दिक्कत, खांसी, कफ जमना, गले में खराश या आंखों में जलन आदि की शिकायतें हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 486 पर पहुंच गया। पड़ोसी मथुरा जिले का वृंदावन दूसरा प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 475 रहा। देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से 8 उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि दो हरियाणा के हैं। आइए जानते हैं कहां-कहां प्रदूषण की मार अभी भी लोगों को झेलनी पड़ रही है।
लखनऊ: लखनऊ में प्रदूषण से गिरा पारा, मंगलवार सुबह कई इलाकों में हुआ थोड़ा सुधार
राजधानी लखनऊ में स्मॉग और गिरते पारे का असर इस सीजन में पहली बार दिखने लगा है। मौसम विज्ञानी और भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि दीपावली पर दागे गए पटाखों के धुएं से बनी चादर ने सूरज की किरणों को धरती तक आने में रोक दिया। इसके चलते पारा गिरा और वायु प्रदूषण भी बढ़ गया। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पछुआ हवाएं जल्द चलेंगी। इससे प्रदूषण का स्तर तो कम होगा, पर सर्दी बढ़ेगी। हालांकि, मंगलवार सुबह 11 बजे तक अलीगंज, गोमती नगर, बीबीएयू व कुकरैल के इलाकों की हवा थोड़ा बेहतर हुई है पर लालबाग और तालकटोरा इलाके की हवा अब भी खराब है जबकि ओवरऑल लखनऊ की हवा अभी बहुत खराब स्थिति में है।
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ताजमहल पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदूषण: देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा आगरा, दूसरे नंबर पर तीर्थनगरी वृंदावन
आगरा में दिवाली पर बिगड़ी हवा की सेहत सोमवार को वेंटिलेटर पर पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 486 पर पहुंच गया। पड़ोसी मथुरा जिले का वृंदावन दूसरा प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 475 रहा। देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से 8 उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि दो हरियाणा के हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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लखनऊ: लखनऊ में प्रदूषण से गिरा पारा, मंगलवार सुबह कई इलाकों में हुआ थोड़ा सुधार
राजधानी लखनऊ में स्मॉग और गिरते पारे का असर इस सीजन में पहली बार दिखने लगा है। मौसम विज्ञानी और भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि दीपावली पर दागे गए पटाखों के धुएं से बनी चादर ने सूरज की किरणों को धरती तक आने में रोक दिया। इसके चलते पारा गिरा और वायु प्रदूषण भी बढ़ गया। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पछुआ हवाएं जल्द चलेंगी। इससे प्रदूषण का स्तर तो कम होगा, पर सर्दी बढ़ेगी। हालांकि, मंगलवार सुबह 11 बजे तक अलीगंज, गोमती नगर, बीबीएयू व कुकरैल के इलाकों की हवा थोड़ा बेहतर हुई है पर लालबाग और तालकटोरा इलाके की हवा अब भी खराब है जबकि ओवरऑल लखनऊ की हवा अभी बहुत खराब स्थिति में है।
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ताजमहल पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदूषण: देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा आगरा, दूसरे नंबर पर तीर्थनगरी वृंदावन
आगरा में दिवाली पर बिगड़ी हवा की सेहत सोमवार को वेंटिलेटर पर पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 486 पर पहुंच गया। पड़ोसी मथुरा जिले का वृंदावन दूसरा प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 475 रहा। देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से 8 उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि दो हरियाणा के हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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गोरखपुर में प्रदूषण: पटाखों के धुएं से खतरनाक हुई शहर की हवा, बुजुर्गों के लिए हो सकती है खतरनाक
दिवाली के बाद से ही गोरखपुर शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। मंगलवार को शहर में भी एक्यूआई 392 हो गया, जिसे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत खतरनाक माना जाता है। इस दौरान लोगों को सांस लेने की दिक्कत होने के मामले सामने आए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सेहत पर भारी प्रदूषण: पांच दिन से लगातार टॉप टेन में मेरठ, एक्यूआई 400 के पार
मेरठ लगातार टॉप टेन प्रदूषित शहरों में बना हुआ है सेहत के लिए हालात बेहद खतरनाक हैं। सोमवार को भी मेरठ में एक्यूआई 410 रहा। शहर में दिल्ली रोड सबसे ज्यादा प्रदूषित रही जबकि पल्लवपुरम और शास्त्रीनगर जैसे पॉश इलाकों में भी लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। सोमवार को देश में सबसे अधिक प्रदूषित आगरा रहा। वहां एक्यूआई 487 पहुंच गया। वृंदावन 475 एक्यूआई के साथ दूसरे नंबर पर रहा। तीसरे स्थान पर 440 एक्यूआई की वजह से गाजियाबाद रहा। पांचवे नंबर पर बल्लभगढ़ और छठे स्थान पर 429 एक्यूआई के साथ बागपत रहा। मेरठ नौवें पायदान पर रहा। शनिवार की रात न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंच गया। यह इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वाराणसी की जहरीली हुई हवा: कार्बन और नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ने से रेड जोन में शहर, आंख और सांस रोगियों के लिए घातक
वायुमंडल में बढ़ते धूल, धुआं, कार्बन व नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ने से बनारस सोमवार को रेड जोन में पहुंच गया। वायु की गुणवत्ता सुबह करीब 11 बजे 319 रिकॉर्ड की गई। जो कि रात 08:30 बजे 340 दर्ज किया गया। सर्वाधिक प्रदूषित इलाका मलदहिया रहा जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 348 रहा। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों, दमा रोगियों के लिए यह हवा खतरनाक है। इस धुंध का असर सांस के मरीजों पर ज्यादा देखने को मिलता है। सोमवार सुबह से ही बनारस रेड जोन में है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
दिवाली के बाद से ही गोरखपुर शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। मंगलवार को शहर में भी एक्यूआई 392 हो गया, जिसे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत खतरनाक माना जाता है। इस दौरान लोगों को सांस लेने की दिक्कत होने के मामले सामने आए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सेहत पर भारी प्रदूषण: पांच दिन से लगातार टॉप टेन में मेरठ, एक्यूआई 400 के पार
मेरठ लगातार टॉप टेन प्रदूषित शहरों में बना हुआ है सेहत के लिए हालात बेहद खतरनाक हैं। सोमवार को भी मेरठ में एक्यूआई 410 रहा। शहर में दिल्ली रोड सबसे ज्यादा प्रदूषित रही जबकि पल्लवपुरम और शास्त्रीनगर जैसे पॉश इलाकों में भी लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। सोमवार को देश में सबसे अधिक प्रदूषित आगरा रहा। वहां एक्यूआई 487 पहुंच गया। वृंदावन 475 एक्यूआई के साथ दूसरे नंबर पर रहा। तीसरे स्थान पर 440 एक्यूआई की वजह से गाजियाबाद रहा। पांचवे नंबर पर बल्लभगढ़ और छठे स्थान पर 429 एक्यूआई के साथ बागपत रहा। मेरठ नौवें पायदान पर रहा। शनिवार की रात न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंच गया। यह इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वाराणसी की जहरीली हुई हवा: कार्बन और नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ने से रेड जोन में शहर, आंख और सांस रोगियों के लिए घातक
वायुमंडल में बढ़ते धूल, धुआं, कार्बन व नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ने से बनारस सोमवार को रेड जोन में पहुंच गया। वायु की गुणवत्ता सुबह करीब 11 बजे 319 रिकॉर्ड की गई। जो कि रात 08:30 बजे 340 दर्ज किया गया। सर्वाधिक प्रदूषित इलाका मलदहिया रहा जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 348 रहा। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों, दमा रोगियों के लिए यह हवा खतरनाक है। इस धुंध का असर सांस के मरीजों पर ज्यादा देखने को मिलता है। सोमवार सुबह से ही बनारस रेड जोन में है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
उत्तराखंड: सांस के मरीजों को 'बेदम' कर रहा प्रदूषण, इमरजेंसी और ओपीडी में बढ़े मरीज
दीपावली पर जबरदस्त आतिशबाजी के बाद तीर्थनगरी ऋषिकेश में खतरनाक स्तर तक बढ़े प्रदूषण के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या में 20 फीसदी और ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 25 फीसदी की बढोतरी हुई है। अधिकांश मरीज सांस लेने में तकलीफ, सीने में जलन, खांसी आदि की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चंडीगढ़: दीपावली पर आतिशबाजी से प्रदूषित हुई हवा, अब तक नहीं सुधरी, सेक्टर 22 में औसत से ज्यादा एक्यूआई
चंडीगढ़ में दीपावली पर हुई आतिशबाजी की वजह से हवा अब भी खराब है। सेक्टर-22 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार को 160 दर्ज किया गया, जो औसत से काफी ज्यादा है। हालांकि सेक्टर-25 में एक्यूआई संतोषजनक है।
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बिगड़ रही आबोहवा: दीपावली के बाद भी पंजाब में पांच जिलों की हवा खराब, पटियाला में हालात बदतर
दीपावली के पांच दिन बाद भी पंजाब में प्रदूषण नहीं सुधर पाया है। पांच जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ओरेंज श्रेणी में दर्ज किया गया है। वहीं पटियाला में हालात बेहद खराब हैं। यहां का एक्यूआई 334 तक पहुंच गया है। पंजाब में अमृतसर में एक्यूआई 240, बठिंडा में 230, जालंधर में 217, लुधियाना में 282 दर्ज किया गया है। इन जिलों में प्रदूषण का स्तर ओरेंज श्रेणी में है। वहीं पटियाला में एक्यूआई 334 दर्ज किया गया है, जो रेड श्रेणी में आता है।
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दीपावली पर जबरदस्त आतिशबाजी के बाद तीर्थनगरी ऋषिकेश में खतरनाक स्तर तक बढ़े प्रदूषण के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या में 20 फीसदी और ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 25 फीसदी की बढोतरी हुई है। अधिकांश मरीज सांस लेने में तकलीफ, सीने में जलन, खांसी आदि की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चंडीगढ़: दीपावली पर आतिशबाजी से प्रदूषित हुई हवा, अब तक नहीं सुधरी, सेक्टर 22 में औसत से ज्यादा एक्यूआई
चंडीगढ़ में दीपावली पर हुई आतिशबाजी की वजह से हवा अब भी खराब है। सेक्टर-22 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार को 160 दर्ज किया गया, जो औसत से काफी ज्यादा है। हालांकि सेक्टर-25 में एक्यूआई संतोषजनक है।
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बिगड़ रही आबोहवा: दीपावली के बाद भी पंजाब में पांच जिलों की हवा खराब, पटियाला में हालात बदतर
दीपावली के पांच दिन बाद भी पंजाब में प्रदूषण नहीं सुधर पाया है। पांच जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ओरेंज श्रेणी में दर्ज किया गया है। वहीं पटियाला में हालात बेहद खराब हैं। यहां का एक्यूआई 334 तक पहुंच गया है। पंजाब में अमृतसर में एक्यूआई 240, बठिंडा में 230, जालंधर में 217, लुधियाना में 282 दर्ज किया गया है। इन जिलों में प्रदूषण का स्तर ओरेंज श्रेणी में है। वहीं पटियाला में एक्यूआई 334 दर्ज किया गया है, जो रेड श्रेणी में आता है।
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