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उत्तराखंड: सांस के मरीजों को 'बेदम' कर रहा प्रदूषण, इमरजेंसी और ओपीडी में बढ़े मरीज 

Tue, 09 Nov 2021 11:49 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 09 Nov 2021 11:49 AM IST
सार

Pollution in uttarakhand: दीपावली के दिन ऋषिकेश में एक्यूआई 257 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। प्रदूषण के चलते फेफड़ों से संबंधित रोगों के मरीजों, बच्चों और बूढों को तकलीफ झेलनी पड़ रही है।

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Pollution on diwali in uttarakhand: Asthma Patients Increased in Hospitals in rishikesh
दमा रोगी(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

दीपावली पर जबरदस्त आतिशबाजी के बाद तीर्थनगरी ऋषिकेश में खतरनाक स्तर तक बढ़े प्रदूषण के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या में 20 फीसदी और ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 25 फीसदी की बढोतरी हुई है। अधिकांश मरीज सांस लेने में तकलीफ, सीने में जलन, खांसी आदि की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।

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शहर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर अमर उजाला ने खबर के माध्यम से तीर्थनगरीवासियों को चेताया था। दीपावली के दिन ऋषिकेश में एक्यूआई 257 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। प्रदूषण के चलते फेफड़ों से संबंधित रोगों के मरीजों, बच्चों और बूढों को तकलीफ झेलनी पड़ रही है।
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सोमवार को एसपीएस राजकीय अस्पताल की ओपीडी में 504 और इमरजेंसी में 52 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इमरजेंसी में आने वाले अधिकांश मरीज पहले से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, ब्रोन्किइक्टेसिस, टीबी आदि बीमारियों से ग्रस्त थे। इन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वहीं फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में काफी भीड़ थी। अधिकांश बीमार वृद्ध और बच्चों को सांस लेने में परेशानी, छाती में जलन, खांसी, जुकाम, गले में दर्द और आंखों में दर्द और जलन की शिकायत थी।  

बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा

एसपीएम राजकीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर के बीच बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंन कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में वे प्रदूषण के दुष्प्रभाव की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों, बुर्जुगों और महिलाओं को एक्यूआई सामान्य होने तक घर पर रहने की सलाह दी है।  

ऐसे बचें
- कुछ दिन सैर के लिए बाहर न निकलें।
- गुनगुना पानी पीएं।
- घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करें।
- नवजात और छोटे बच्चों घर पर रखें।
- सांस लेने में दिक्कत, खांसी, जुकाम, सीने में जलन आदि समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं  

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