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सपा सरकार नहीं बचा सकी कार्यकर्ता की जान
चंद्रप्रकाश गुप्ता/मुरादाबाद
Updated Sat, 23 Nov 2013 06:14 AM IST
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बरेली रैली में जाते समय रामपुर रोड पर हादसे में घायल हुए सपा के विधानसभा सचिव मसीत खान की जान उत्तर प्रदेश सरकार नहीं बचा पाई। दिल्ली में घायल मसीत को लेकर सपाई कभी एम्स तो कभी दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाते रहे।
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राज्यमंत्री कमाल अख्तर और प्रोफेसर रामगोपाल ने भी फोन किया। लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। रात 11 बजे मसीत को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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बरेली में सपा की देश बचाओ-देश बनाओ रैली में कार्यकर्ताओं को ले जाते समय बृहस्पतिवार सुबह अमरोहा के पौरारा गांव की वैन को उल्टी दिशा से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी।
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हादसे में चार कार्यकर्ता सोनू, साबिर, जाकिर, इस्लाम की मौत हो गई थी। जबकि विधानसभा सचिव मसीत खान, अनीस, सईद और हाजी सत्तार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मसीत की हालत नाजुक देख डाक्टरों ने तत्काल ही उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
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राज्य मंत्री कमाल अख्तर ने मसीत के साथ कई सपाइयों को भी भेजा। खुद प्रदेश सरकार इस हादसे में घायलों के बेहतर इलाज कराने और हर पल नजर रखने के निर्देश दे चुकी थी।
दिल्ली में सर्पाई घायल मसीत को लेकर एक से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे, लेकिन उसे भर्ती नहीं करा पाए। एम्स में बेड न होने की बात कहकर टरका दिया गया तो सफदरजंग अस्पताल में भी सुनवाई नहीं हुई।
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रात 10 बजे मसीत की तबीयत बिगड़ी। तब 11 बजे के बाद उसे एम्स के पास ट्रामा सेंटर ले जाया गया। देर रात करीब डेढ़ बजे मसीत ने दम तोड़ दिया।