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UP: प्रेमानंद महाराज से बोले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट- मुठभेड़ में मारता हूं गोली, मन विचलित है, कैसे करूं पश्चाताप
Wed, 12 Feb 2025 10:18 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 12 Feb 2025 10:18 PM IST
सार
एसआई मुन्नेश सिंह को 22 जनवरी को मुठभेड़ के दौरान सीने में गोली लग गई थी। मगर वह बच गए थे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि क्या मैं अपना काम जारी रखूं या कुछ और करूं।
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प्रेमानंद महाराज को अपनी बात बताते एसआई मुन्नेश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कंकरखेड़ा में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से मुठभेड़ में सीने में गोली लगने से घायल होने वाले एसआई मुन्नेश सिंह बुधवार को वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुनने पहुंचे। वे मेरठ के सिविल लाइन थाने में वरिष्ठ उप निरीक्षक पद पर तैनात हैं। उन्होंने महाराज से कहा, मैंने अब तक कई एनकाउंटर किए हैं। मुझे इसके लिए कई पुरस्कार मिले। राष्ट्रपति वीरता पदक भी मिला। मगर मन विचलित रहता है। पश्चाताप कैसे करूं।
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एसआई मुन्नेश सिंह ने महाराज से कहा कि 22 जनवरी को जिस दिन राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी। उस दिन बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान उनके सीने में गोली लग गई थी। मेरी मृत्यु का समाचार भी जारी हो गया था, प्रभु कृपा से मैं बच गया। अब मेरा प्रश्न यह है कि मैं अपने पथ पर ऐसे ही चलता रहूं या प्रभु की शरण में आ जाऊं। मन विचलित रहता है, पश्चाताप कैसे होगा। जान बची तो आप में और ज्यादा विश्वास बढ़ गया। रात में जब भी समय मिलता है, आप को सुनने के बाद ही नींद आती है।
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महाराज ने पूछा कि कितना समय हो गया है देश सेवा करते हुए। बोले कि आधा जीवन देश सेवा में लगा दिया, अब प्रभु सेवा में भी समय दो। रिटायर्ड होने के बाद भी देश सेवा कर सकते हो, जो नौजवान देश सेवा में आना चाहते हैं, उनका मार्गदर्शन करो।
आगे क्या करना है विचार करेंगे
मूलरूप से आगरा निवासी मुन्नेश सिंह ने बताया कि वह पहले से ही संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन मोबाइल पर सुनते थे, लेकिन अब जान बचने के बाद और विश्वास बढ़ गया है। महाराज से मिलकर अच्छा लग रहा है। उनके दिए गए प्रवचन को आत्मसात करने की जरूरत है। आगे क्या करना है अभी विचार करेंगे। मुन्नेश सिंह मूल रूप से आगरा के बाह क्षेत्र के रहने वाले हैं।
मूलरूप से आगरा निवासी मुन्नेश सिंह ने बताया कि वह पहले से ही संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन मोबाइल पर सुनते थे, लेकिन अब जान बचने के बाद और विश्वास बढ़ गया है। महाराज से मिलकर अच्छा लग रहा है। उनके दिए गए प्रवचन को आत्मसात करने की जरूरत है। आगे क्या करना है अभी विचार करेंगे। मुन्नेश सिंह मूल रूप से आगरा के बाह क्षेत्र के रहने वाले हैं।
राकेश दुजाना और बिल्लू दुजाना के एनकाउंटर में शामिल थे
मुन्नेश सिंह गाजियाबाद में गौतमबुद्ध नगर के दुजाना गांव के राकेश दुजाना और बिल्लू दुजाना का एनकाउंटर करने वाली टीम में भी शामिल थे। 11 महीने तक उन्होंने पल्लवपुरम थाने का भी चार्ज संभाला। इसी वर्ष 26 जनवरी को उन्हें सम्मानित किया गया। मेरठ में उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है।
मुन्नेश सिंह गाजियाबाद में गौतमबुद्ध नगर के दुजाना गांव के राकेश दुजाना और बिल्लू दुजाना का एनकाउंटर करने वाली टीम में भी शामिल थे। 11 महीने तक उन्होंने पल्लवपुरम थाने का भी चार्ज संभाला। इसी वर्ष 26 जनवरी को उन्हें सम्मानित किया गया। मेरठ में उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है।