उत्तर प्रदेश चुनाव: जसवंतनगर में भाजपा के चुनावी दफ्तर का पता पूछो तो सपा का बताते हैं, कितना सच है 'चचा का रामराज'
राजीव कुमार कहते हैं, 2018 के बाद कोई भर्ती नहीं हुई। बेरोजगारी का मुद्दा है। योगी सरकार का यह दावा कि हमने लाखों नौकरियां दी हैं, सही नहीं है। योगी सरकार बताए कितनी नौकरी लगी हैं। खाली दावा करने से कुछ नहीं होता...
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रामराज को लेकर अकसर 'भाजपा' की तरफ से बयान आते रहते हैं। यूपी चुनाव में 'चचा' की सीट पर भी यह शब्द सुनाई पड़ा। चचा यानी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रमुख शिवपाल सिंह यादव जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अमर उजाला की टीम सोमवार को जसवंतनगर पहुंची। मुख्य बाजार में कई लोगों से पूछा, भाजपा का चुनावी कार्यालय कहां पर है, पता बता दें। जवाब मिलता, सपा कार्यालय उस तरफ है, सीधे चले जाएं। बसपा और कांग्रेस का कार्यालय कहां खुला है, पता बता दें, जवाब मिला, सपा कार्यालय बस थोड़ी दूर ही है। आप इसी रास्ते से निकलेंगे तो पहुंच जाएंगे। चचा की सीट पर चुनाव की क्या स्थिति है, इसी से अंदाजा लगा लें। लोगों ने कहा, गौशाला वालों को इलाके के दबंग लोग धमकी देते हैं। कहते हैं, हमारी गायों को रखो। जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो वे उसे खुले में दूसरों के खेत चरने के लिए छोड़ देते हैं।
पढ़े-लिखे लड़के तो दिन रात गायों को घेर रहे हैं
राजीव कुमार कहते हैं, हमको दोबारा पढ़ना पड़ रहा है। उम्रदराज हो चले हैं। 2018 के बाद कोई भर्ती नहीं हुई। बेरोजगारी का मुद्दा है। योगी सरकार का यह दावा कि हमने लाखों नौकरियां दी हैं, सही नहीं है। योगी सरकार बताए कितनी नौकरी लगी हैं। खाली दावा करने से कुछ नहीं होता। इलाके के सपा प्रवक्ता बीपी यादव कहते हैं, वैकेंसी नहीं हैं। पढ़े-लिखे लड़के दिन-रात गायों को घेर रहे हैं। ये बहुत बड़ी समस्या है। दुकान पर लगी भट्टी में पशु चारा काटने वाले फरसों को धार दे रहे जाहिद हुसैन कहते हैं, साहब इधर तो सपा ही सपा है।
जसवंत नगर में सपा का रामराज है
फतेह सिंह यादव ने कहा, जसवंत नगर में सपा का रामराज है। यहां पर सपा के अलावा किसी पार्टी का वर्चस्व ही नहीं है। ये मान लें कि यहां न भाजपा का पार्टी कार्यालय मिलेगा, न कांग्रेस का मिलेगा और न बसपा का मिलेगा। किसी का कार्यालय इटावा में तो किसी का लंदन में है, तो हम वहां क्यों जाएं। यहां तो शिवपाल ही हैं। मुसीबत में हमें बचाने कौन आएगा। दूसरी पार्टियों के तो दफ्तर तक ही नहीं हैं। ऐसे में हम कहां जाएंगे। राम नरेश, विमलेश कुमार, वीपी सिंह और राजीव कुमार ने भी इलाके की समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा, इलाके में विकास कुछ नहीं हुआ। बेरोजगारी है। खेत चट हो रहे हैं।
दूध निकालकर गायों को खुले में छोड़ देते हैं
रायनगर गांव और इसके आसपास के इलाके में आवारा पशुओं की समस्या से किसान बहुत परेशान हैं। लोग अपने घरों में गाय रखते हैं। उनकी दबंगई तो देखिये। जैसे ही उनकी गाय दूध देना बंद कर देती है, उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है। किसान राम किशन का कहना है कि यहां दो तरफ मुसीबत होती है। एक तो किसी से शिकायत नहीं कर सकते। दूसरा, अपने खेतों में आंखों के सामने नुकसान होते हुए देखते हैं। गोशाला का कामकाज देखने वाले इमरान खान कहते हैं, दबंग लोग अपनी गायों को गोशाला में रखने का दबाव डालते हैं। मना करें तो वे मारने की धमकी देते हैं। यहां कोई आता ही नहीं है तो शिकायत किससे करें। हम अपनी आंखों के सामने खेत खत्म होते देख रहे हैं।
गायों को सुरक्षित एवं सुखी रखते हैं, हम मुसलमान हैं
इस गोशाला में गाय को सुरक्षित एवं सुखी रखने की जिम्मेदारी इमरान खान और विजय सिंह की है। गायों को चारा डालने, पानी पिलाने और साफ सफाई, ये सारा काम इमरान खान ही करते हैं। बाकी की जिम्मेदारी विजय निभाते हैं। इमरान खान कहते ह्रैं, हम मुसलमान हैं, ऊपर वाला सब देख रहा है। हम बहुत सेवा करते ह्रैं। हमें पांच हजार रुपये मिलते हैं। वह भी समय पर नहीं मिलते। रायनगर के प्रधान और सचिव की देखरेख में गोशाला का संचालन होता है। उन्होंने कहा, यहां गायों को हरा चारा नहीं मिलता है।
भाजपा-बसपा का मालूम नहीं, कहां हैं
गोशाला के बाहर सतेंद्र यादव कहते हैं, ये तो कोई नए प्रत्याशी नहीं हैं। सब जानते हैं। यहां शिवपाल सिंह ही तो हैं। राम योगेश यादव से जब पूछा गया कि बसपा-कांग्रेस कहां हैं, बोले यहां तो सपा ही है। वे दूसरी पार्टियों की स्थिति को लेकर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थे। चचा ने किसानों की सिंचाई मुफ्त और होली-दीपावली पर दो बार मुफ्त सिलेंडर देने की बात कही है। इन लोगों ने दावा किया कि शिवपाल सिंह की कम से कम डेढ़ लाख से ज्यादा मार्जन से जीत होगी। जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के बाजार में अखिलेश कुमार ने बताया, यहां तो कोई भी हो, किसी बिरादरी का भी आदमी हो, वह शिवपाल को ही अपना मानता है, वे भले इंसान हैं। सब सुविधाएं देते हैं। भाजपा ने पांच साल में कुछ नहीं किया। हमारे लिए तो अखिलेश और शिवपाल ही हैं।
'चचा' को टक्कर दे रहे 32 वर्षीय विवेक शाक्य
भाजपा ने इस सीट पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रमुख शिवपाल सिंह यादव के सामने 32 वर्षीय विवेक शाक्य को चुनाव में उतारा है। वे किसी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक नहीं रखते। ये अलग बात है कि भाजपा ने उन्हें कई पदों की जिम्मेदारी सौंपकर इलाके में उनकी पहचान बनाने का प्रयास किया है। शाक्य को लेकर गैर-यादव मतदाता खुलकर नहीं बोल रहे थे। कोई कहता है, उन्हें जानते हैं, दूसरे लोगों ने कहा, नाम ही सुना है। दूसरी तरफ यादव मतदाताओं ने शिवपाल के नाम के साथ रामराज जोड़ दिया है। हालांकि शाक्य दावा करते हैं कि इस बार समीकरण बदल जाएंगे। सपा के राज की गुंडागर्दी लोग भूले नहीं हैं। योगी सरकार ने यहां सुरक्षा का माहौल बनाने का प्रयास किया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी से 126834 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी। उस दौरान दूसरे नंबर पर भाजपा के मनीष यादव उर्फ पतरे (74218) रहे थे। इस सीट पर लगभग 141000 यादव हैं। 1996 में शिवपाल ने पहली बार जीत दर्ज की थी। उसके बाद 2002, 2007, 2012 और 2017 में चचा ने ही जीत का परचम लहराया है।