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Unnao News: पत्रकार बताकर युवकों ने फिजियोथेरेपिस्ट से की मारपीट, घायल
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उन्नाव। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बने फिजियोथेरेपी कक्ष में पत्रकार बता रहे युवकों की फिजियोथेरेपिस्ट से पहले कहासुनी फिर मारपीट हो गई, उसमें एक युवक की आईडी गिरने से उसकी पहचान हो गई। घायल का मेडिकल कराया गया, पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस जांच कर रही है।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फिजियोथेरेपिस्ट के पद पर जिला अस्पताल में संविदा पर तैनात राजीव कुमार श्रीवास्तव शनिवार दोपहर 12 बजे अपने कक्ष में थे, तभी तीन युवक पहुंचे और गाली गलौज की, दूसरे पक्ष से भी गालियां दी गईं, इससे विवाद बढ़ा और युवकों ने फिजियोथेरेपिस्ट को पीट दिया, इससे उनके सिर के पीछे हिस्से से खून भी निकला, यह देख तीनों युवक मौके से भाग निकले।
मामला प्रभारी सीएमएस संजीव कुमार तक पहुंचा तो वह घायल को लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और चौकी प्रभारी अंजनी कुमार सिंह को बताया। पुलिस ने घायल का मेडिकल कराया। यही नहीं डॉक्टरों के पास बैठे बाहरी युवकों को आनन-फानन वहां से हटा दिया गया, यहां तक कि प्रभारी सीएमएस के साथ रहने वाले युवक को भी कुछ समय के लिए दूर रहने की सलाह दी।
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कोतवाल अवनीश सिंह ने बताया कि तहरीर के बाद घायल फिजियोथेरेपिस्ट का मेडिकल कराया गया है। जांच की जा रही है।
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फिजियोथेरेपिस्ट के व्यवहार से नाराज स्टाफ बचाने नहीं पहुंचा
उन्नाव। घायल फिजियोथेरेपिस्ट के साथ मारपीट होती देख ट्रॉमा सेंटर में मौजूद स्टाफ उन्हें बचाने के बजाए सीट छोड़कर बाहर आ गया। बाद में पता चला कि संविदा कर्मी के व्यवहार से स्टाफ भी नाराज रहता है। आरोप यह भी है कि वह उन्हीं मरीजों को देखते हैं जिनको वह दवा लिखते हैं, अन्य मरीजों की फिजियोथेरेपी तो दूर सही से बात तक नहीं करते।
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प्रभारी सीएमएस ने सभी मीडिया कर्मियों के लिए अपशब्दों का किया प्रयोग
उन्नाव। फिजियोथेरेपिस्ट से मारपीट के बाद प्रभारी सीएमएस सीधे चौकी के सामने वाहन स्टैंड पहुंच गए। उन्होंने मौके से मिली आईडी को लोगों को दिखाया। इसके बाद सीएमएस ने मीडिया कर्मियों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हुए ठेकेदार को हिदायत दी कि स्टैंड या इसके आसपास कोई भी मीडिया कर्मी नजर नहीं आना चाहिए। जानकारी होने पर कई मीडिया कर्मी पहुंचे और नाराजगी जताई। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने शांत कराया। सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने बताया जिम्मेदार पद पर होने के बाद अपशब्दों का प्रयोग गलत है, इसके लिए चेतावनी पत्र दिया जाएगा। जिसने जो घटना की उसके लिए पुलिस है, शिकायत करने पर कार्रवाई होगी।
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नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फिजियोथेरेपिस्ट के पद पर जिला अस्पताल में संविदा पर तैनात राजीव कुमार श्रीवास्तव शनिवार दोपहर 12 बजे अपने कक्ष में थे, तभी तीन युवक पहुंचे और गाली गलौज की, दूसरे पक्ष से भी गालियां दी गईं, इससे विवाद बढ़ा और युवकों ने फिजियोथेरेपिस्ट को पीट दिया, इससे उनके सिर के पीछे हिस्से से खून भी निकला, यह देख तीनों युवक मौके से भाग निकले।
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मामला प्रभारी सीएमएस संजीव कुमार तक पहुंचा तो वह घायल को लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और चौकी प्रभारी अंजनी कुमार सिंह को बताया। पुलिस ने घायल का मेडिकल कराया। यही नहीं डॉक्टरों के पास बैठे बाहरी युवकों को आनन-फानन वहां से हटा दिया गया, यहां तक कि प्रभारी सीएमएस के साथ रहने वाले युवक को भी कुछ समय के लिए दूर रहने की सलाह दी।
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कोतवाल अवनीश सिंह ने बताया कि तहरीर के बाद घायल फिजियोथेरेपिस्ट का मेडिकल कराया गया है। जांच की जा रही है।
फिजियोथेरेपिस्ट के व्यवहार से नाराज स्टाफ बचाने नहीं पहुंचा
उन्नाव। घायल फिजियोथेरेपिस्ट के साथ मारपीट होती देख ट्रॉमा सेंटर में मौजूद स्टाफ उन्हें बचाने के बजाए सीट छोड़कर बाहर आ गया। बाद में पता चला कि संविदा कर्मी के व्यवहार से स्टाफ भी नाराज रहता है। आरोप यह भी है कि वह उन्हीं मरीजों को देखते हैं जिनको वह दवा लिखते हैं, अन्य मरीजों की फिजियोथेरेपी तो दूर सही से बात तक नहीं करते।
प्रभारी सीएमएस ने सभी मीडिया कर्मियों के लिए अपशब्दों का किया प्रयोग
उन्नाव। फिजियोथेरेपिस्ट से मारपीट के बाद प्रभारी सीएमएस सीधे चौकी के सामने वाहन स्टैंड पहुंच गए। उन्होंने मौके से मिली आईडी को लोगों को दिखाया। इसके बाद सीएमएस ने मीडिया कर्मियों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हुए ठेकेदार को हिदायत दी कि स्टैंड या इसके आसपास कोई भी मीडिया कर्मी नजर नहीं आना चाहिए। जानकारी होने पर कई मीडिया कर्मी पहुंचे और नाराजगी जताई। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने शांत कराया। सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने बताया जिम्मेदार पद पर होने के बाद अपशब्दों का प्रयोग गलत है, इसके लिए चेतावनी पत्र दिया जाएगा। जिसने जो घटना की उसके लिए पुलिस है, शिकायत करने पर कार्रवाई होगी।