{"_id":"63f3ca1253a5edccd9054785","slug":"worker-buried-under-debris-while-demolishing-wall-died-unnao-news-c-12-1-89320-2023-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नाव: दीवार गिराते समय मलबे में दबा श्रमिक, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नाव: दीवार गिराते समय मलबे में दबा श्रमिक, मौत
Tue, 21 Feb 2023 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Tue, 21 Feb 2023 12:59 AM IST
विज्ञापन
बिछिया। कच्ची दीवार तोड़ने के दौरान वह अचानक श्रमिक के ऊपर गिर गई। मलबे में दबने से घायल श्रमिक को गृहस्वामी ने सीएचसी पहुंचाया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के बजाए शव लेकर गृहस्वामी के घर पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर शांत कराने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।
पुरवा कोतवाली के सकरन गांव निवासी राजकुमार (50) बिछिया गांव निवासी सुरेश के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहा था। कच्ची दीवार गिराते समय मलबा अचानक उसी पर गिर गया जिससे उसी में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गृहस्वामी सुरेश ने उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर सीधे गृहस्वामी के घर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। हंगामें की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से बात की और कृषक दुर्घटना बीमा दिलाने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि परिजनों को शांत कराकर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसके कोई संतान नहीं है। भाइयों के साथ रहता था।
विज्ञापन
पुरवा कोतवाली के सकरन गांव निवासी राजकुमार (50) बिछिया गांव निवासी सुरेश के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहा था। कच्ची दीवार गिराते समय मलबा अचानक उसी पर गिर गया जिससे उसी में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गृहस्वामी सुरेश ने उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर सीधे गृहस्वामी के घर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। हंगामें की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से बात की और कृषक दुर्घटना बीमा दिलाने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि परिजनों को शांत कराकर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसके कोई संतान नहीं है। भाइयों के साथ रहता था।
विज्ञापन