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बेटे की मौत के बाद महिला का शव ट्रैक पर मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 08 May 2015 12:48 AM IST
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उन्नाव। बेटे की मौत के बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटक रही महिला का शव बुधवार शाम को रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। महिला, बेटे की मौत की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वकील से मिलने उन्नाव आई थी। जिसके बाद संदिग्ध हालात में ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो गई।
आठ दिन के अंतराल में बेटे और मां की मौत से पूरा परिवार टूट गया। मृतका के पति ने दबंगों पर जमीन कब्जाने के लिए पहले बेटे और अब पत्नी की हत्या की साजिश रचने की आशंका जताई है। हसनगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि परिवार के किसी सदस्य ने ऐसी कोई तहरीर नहीं दी है। अगर तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जाएगी।
हसनगंज थानाक्षेत्र के सूबेदार खेड़ा गांव निवासी जीत बहादुर (22) पुत्र अमर सिंह का शव 29 अप्रैल को गांव के बाहर फांसी पर लटका मिला था। जीत बहादुर लखनऊ मेें राजगीर का काम करता था। घटना के बाद पिता अमर सिंह ने बताया था कि जीत बहादुर ने 29 अप्रैल को दिन में फोन करके शाम तक घर आने की सूचना दी थी लेकिन वह घर नहीं पहुंचा और अगली सुबह उसका शव फांसी पर लटका मिला।
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घटना के बाद से बेटेे की हत्या किए जाने की बात कह रही जीत बहादुर की मां श्रीमती सिंह ने थाने गांव के ही कुछ दबंगों के खिलाफ सहन की जमीन पर कब्जा करने का विरोध करने पर हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए तहरीर भी दी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अमर सिंह के मुताबिक उसकी पत्नी श्रीमती बुधवार को किसी वकील से मिलने कचहरी आई थी। शाम को रहस्यमय हालात में उसका शव कल्याणी देवी बंद रेलवे फाटक के पास पड़ा मिला।
करीब 6.30 बजे चित्रकूट एक्सप्रेस के ड्राइवर ने देखा तो स्टेशन अधीक्षक को रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना दी। मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पास से मिले कागज से उसकी शिनाख्त कर जीआरपी ने परिजनों को सूचना दी।
पोस्टमार्टम हाउस में मिले मृतका के पति अमर सिंह ने दोनों ही घटनाओं को सोची समझी साजिश बताया। आशंका जताई कि दोनों ही घटनाओं को आत्महत्या का रूप दिया गया है। जमीन पर कब्जा करने के लिए दबंग कुछ भी कर सकते हैं। दहशत का आलम यह कि उसने अपना घर और जमीन बेचकर गांव से पलायन करने के बात कही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि जीत बहादुर की मौत के बाद पिता अमर सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत होने की पुष्टि भी हुई थी। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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आठ दिन के अंतराल में बेटे और मां की मौत से पूरा परिवार टूट गया। मृतका के पति ने दबंगों पर जमीन कब्जाने के लिए पहले बेटे और अब पत्नी की हत्या की साजिश रचने की आशंका जताई है। हसनगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि परिवार के किसी सदस्य ने ऐसी कोई तहरीर नहीं दी है। अगर तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जाएगी।
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हसनगंज थानाक्षेत्र के सूबेदार खेड़ा गांव निवासी जीत बहादुर (22) पुत्र अमर सिंह का शव 29 अप्रैल को गांव के बाहर फांसी पर लटका मिला था। जीत बहादुर लखनऊ मेें राजगीर का काम करता था। घटना के बाद पिता अमर सिंह ने बताया था कि जीत बहादुर ने 29 अप्रैल को दिन में फोन करके शाम तक घर आने की सूचना दी थी लेकिन वह घर नहीं पहुंचा और अगली सुबह उसका शव फांसी पर लटका मिला।
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घटना के बाद से बेटेे की हत्या किए जाने की बात कह रही जीत बहादुर की मां श्रीमती सिंह ने थाने गांव के ही कुछ दबंगों के खिलाफ सहन की जमीन पर कब्जा करने का विरोध करने पर हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए तहरीर भी दी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अमर सिंह के मुताबिक उसकी पत्नी श्रीमती बुधवार को किसी वकील से मिलने कचहरी आई थी। शाम को रहस्यमय हालात में उसका शव कल्याणी देवी बंद रेलवे फाटक के पास पड़ा मिला।
करीब 6.30 बजे चित्रकूट एक्सप्रेस के ड्राइवर ने देखा तो स्टेशन अधीक्षक को रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना दी। मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पास से मिले कागज से उसकी शिनाख्त कर जीआरपी ने परिजनों को सूचना दी।
पोस्टमार्टम हाउस में मिले मृतका के पति अमर सिंह ने दोनों ही घटनाओं को सोची समझी साजिश बताया। आशंका जताई कि दोनों ही घटनाओं को आत्महत्या का रूप दिया गया है। जमीन पर कब्जा करने के लिए दबंग कुछ भी कर सकते हैं। दहशत का आलम यह कि उसने अपना घर और जमीन बेचकर गांव से पलायन करने के बात कही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि जीत बहादुर की मौत के बाद पिता अमर सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत होने की पुष्टि भी हुई थी। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।