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बिना सरकारी डाक्टरों की मुहर के ही कट रहे जानवर
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 29 Jan 2015 12:03 AM IST
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उन्नाव। जिले के स्लाटर हाउसों में दूषित जल उत्प्रवाह व मानकों को दरकिनार कर की जा रही स्लाटिंग की शिकायत मिलने पर डीएम सौम्या अग्रवाल ने अधिकारियों को भेजकर इनकी जांच करवाई। कुछ स्लाटर हाउसों में नियम के विरुद्ध सरकारी डाक्टरों की गैरहाजिरी में ही जानवरों को काटा जा रहा है।
इसके अलावा बिना ट्रीट किए दूषित पानी भी बहाते हुए पाया गया। जिसका सैंपल भी लिया गया। जिले में पांच स्लाटर हाउस स्थापित हैं और इनमें मानकों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं।
एसडीएम सदर जसजीत कौर ने बताया कि जिले के बंथर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित जेएस इंटरनेशनल स्लाटर हाउस में जांच के दौरान सरकारी डाक्टर मौजूद नहीं मिले। फैक्ट्री में लगे ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाया गया है। रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जाएगा।
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उपजिलाधिकारी पुरवा विवेक चतुर्वेदी के अनुसार यह डीएम द्वारा कराई गई गोपनीय जांच थी। उन्होंने दही चौकी स्थित इंडाग्रो स्लाटर हाउस में जांच करने के बाद रिपोर्ट तैयार कराकर डीएम कार्यालय भेज दी है।
हालांकि उन्होंने भी स्लाटर हाउस में सरकारी डाक्टर के मौजूद न होने की पुष्टि की। इसके अलावा अन्य स्लाटर हाउसों में भी अलग-अलग अधिकारियों की टीमों ने जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
जिला प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. रामकरन ने कहा कि यह रूटीन चेकिंग थी। सभी अधिकारियों ने मिलकर फैक्ट्रियों की चेकिंग की। इसमें सभी कुछ सामान्य पाया गया।
सील हुई और फिर चालू हो गई जेएस इंटरनेशनल
उन्नाव। जेएस इंटरनेशनल में प्रदूषण विभाग ने करीब चार माह पूर्व सील कर दिया था। कुछ समय बाद ही इसकी सील खोल दी गई। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का कहना था कि जेएस इंटरनेशलन के संचालक द्वारा मानकों को तय समय के भीतर पूरा करने के आश्वासन के बाद इसे खोला गया।
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इसके अलावा बिना ट्रीट किए दूषित पानी भी बहाते हुए पाया गया। जिसका सैंपल भी लिया गया। जिले में पांच स्लाटर हाउस स्थापित हैं और इनमें मानकों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं।
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एसडीएम सदर जसजीत कौर ने बताया कि जिले के बंथर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित जेएस इंटरनेशनल स्लाटर हाउस में जांच के दौरान सरकारी डाक्टर मौजूद नहीं मिले। फैक्ट्री में लगे ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाया गया है। रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जाएगा।
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उपजिलाधिकारी पुरवा विवेक चतुर्वेदी के अनुसार यह डीएम द्वारा कराई गई गोपनीय जांच थी। उन्होंने दही चौकी स्थित इंडाग्रो स्लाटर हाउस में जांच करने के बाद रिपोर्ट तैयार कराकर डीएम कार्यालय भेज दी है।
हालांकि उन्होंने भी स्लाटर हाउस में सरकारी डाक्टर के मौजूद न होने की पुष्टि की। इसके अलावा अन्य स्लाटर हाउसों में भी अलग-अलग अधिकारियों की टीमों ने जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
जिला प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. रामकरन ने कहा कि यह रूटीन चेकिंग थी। सभी अधिकारियों ने मिलकर फैक्ट्रियों की चेकिंग की। इसमें सभी कुछ सामान्य पाया गया।
सील हुई और फिर चालू हो गई जेएस इंटरनेशनल
उन्नाव। जेएस इंटरनेशनल में प्रदूषण विभाग ने करीब चार माह पूर्व सील कर दिया था। कुछ समय बाद ही इसकी सील खोल दी गई। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का कहना था कि जेएस इंटरनेशलन के संचालक द्वारा मानकों को तय समय के भीतर पूरा करने के आश्वासन के बाद इसे खोला गया।