{"_id":"6a8caf6045d8f6db5801fe1f","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1024-156339-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: दहेज हत्या में पति को 14 साल की कैद, जेठ बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: दहेज हत्या में पति को 14 साल की कैद, जेठ बरी
विज्ञापन
उन्नाव। न्यायाधीश रवि प्रकाश साहू ने आठ साल पुराने दहेज हत्या के मामले में पति केशन कुमार को दोषी ठहराया है। उसे 14 साल के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। मृतका के जेठ केशनपाल को दोषमुक्त कर दिया है।
यह मामला रायबरेली जनपद के खीरो थानाक्षेत्र के तिवारिनखेड़ा गांव निवासी मायाराम ने दर्ज कराया था। मायाराम ने 14 नवंबर 2018 को पुलिस को शिकायत दी थी। बताया कि वर्ष 2012 में बेटी की शादी उन्नाव के चतुरखेड़ा गांव निवासी केशन कुमार से की थी। शादी के बाद से केशन कुमार 50 हजार रुपये दहेज की मांग कर रहा था। वह परिजनों के साथ मिलकर बेटी को प्रताड़ित कर रहा था।
11 अक्तूबर को केशन कुमार ने बड़े भाई केशनपाल के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी। मृतका के परिजनों को पहले सर्पदंश से मौत की जानकारी दी गई थी। ससुराल पहुंचने पर हत्या का पता चला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। 9 फरवरी 2019 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई सोमवार को पूरी हुई। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की दलीलें और साक्ष्य के आधार पर केशन कुमार को दोषी पाया और सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह मामला रायबरेली जनपद के खीरो थानाक्षेत्र के तिवारिनखेड़ा गांव निवासी मायाराम ने दर्ज कराया था। मायाराम ने 14 नवंबर 2018 को पुलिस को शिकायत दी थी। बताया कि वर्ष 2012 में बेटी की शादी उन्नाव के चतुरखेड़ा गांव निवासी केशन कुमार से की थी। शादी के बाद से केशन कुमार 50 हजार रुपये दहेज की मांग कर रहा था। वह परिजनों के साथ मिलकर बेटी को प्रताड़ित कर रहा था।
विज्ञापन
11 अक्तूबर को केशन कुमार ने बड़े भाई केशनपाल के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी। मृतका के परिजनों को पहले सर्पदंश से मौत की जानकारी दी गई थी। ससुराल पहुंचने पर हत्या का पता चला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। 9 फरवरी 2019 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई सोमवार को पूरी हुई। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की दलीलें और साक्ष्य के आधार पर केशन कुमार को दोषी पाया और सजा सुनाई।
विज्ञापन