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Unnao News: पुलिस वर्दी में उन्नाव क्यों आई, मौत के साथ दफन राज खोज रही पुलिस
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उन्नाव/सोनिक। पुलिस की वर्दी पहने स्कूटी सवार महिला की मौत ने पुलिस के सामने खासी चुनौती खड़ी कर दी है। कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब महिला की मौत के साथ ही दफन हो गए। मसलन, पुलिस पुलिस विभाग में न होकर भी वर्दी पहनकर उन्नाव क्यों और किससे मिलने आई थी? वह अपना और बेटे का पालन पोषण का खर्च कैसे चलाती थी?
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर मऊ जिले के रानीपुर थाना के मंडूसरा की रहने वाली शिल्पी (30) पत्नी अश्वनी सिंह की 31 जनवरी की रात सोनिक गांव के गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बन रहे अंडरपास के पास वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। स्कूटी में पुलिस लिखा होने और वर्दी पहने होने से उसे पुलिस कर्मी मान लिया गया था। हालांकि कि अभी तक की जांच में उसके पुलिस कर्मी न होने की बात सामने आई है। गुजरात में रहकर काम करने वाले मृतका के पति अश्वनी सिंह, रविवार दोपहर 1:30 बजे, मृतका के साथ लखनऊ में रह रहे बेटे हर्ष, उसके भाई आशीष सहित अन्य के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पत्नी के शव को वर्दी में और उसमें यूपीपी का बिल्ला लगा देख हैरान रह गया।
बेटा हर्ष भी मां का शव देख बिलख पड़ा। हालांकि पति ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और सवालों के जवाब देने से कतराता रहा। वह उसने बताया कि वह खुद नहीं जानता कि पत्नी अक्सर पुलिस की वर्दी क्यों पहनती थी। सोशल मीडिया पर अपने वर्दी वाले फोटो भी शेयर करती थी। घटना की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि वह मृतका के घर वालों का इंतजार कर रही थी। उसे उम्मीद थी कि उनसे बातचीत में सवालों के जवाब मिलेंगे और वर्दी वाला राज सामने आ जाएगा। लेकिन घर वालों का कहना है कि वह भी उससे (मृतका) से ज्यादा ताल्लुक नहीं रखते थे।
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इसलिए वह भी कई सवालों के जवाब नहीं दे सके, इससे गुत्थी और उलझ गई है। यहां तक मृतका के बेटे को भी नहीं पता कि उसकी मां उन्नाव क्यों आई थी, उसे किसने बुलाया था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से रुपये लेने के मामले में जेल गई शिल्पी, जमानत पर छूटने के बाद वह वर्दी की आड़ में और क्या कर रही थी। थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मृतका के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं।
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तीसरे दिन हुआ शव का पोस्टमार्टम
सड़क हादसे में मृत शिल्पी के शव का पति व परिजनों के बाद रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पति अश्वनी सिंह रविवार दोपहर 1:30 बजे, बेटे हर्ष, मृतका के भाई आशीष सहित अन्य घरवालों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पत्नी के शव को गांव लेकर जाने के बजाए शुक्लागंज गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
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मासूम बेटा दो दिन करता रहा मां का इंतजार
साथ रहने वाले बेटे हर्ष ने दो दिन तक मां के आने का इंतजार किया। वह हर बार रिश्तेदारों से मां को दिखाने की जिद कर रहा था। जैसे ही उसने मां के शव को देखा, तेज से चीखा और पिता के लिपट गया। वह बस मां को बुलाने की जिद पर अड़ा था, जैसे-तैसे लोगों ने उसे शांत कराया, बाद में वह पिता के साथ मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। पिता बोला कि वह बेटे को अपने साथ ले जाएगा।
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कानपुर-लखनऊ हाईवे पर मऊ जिले के रानीपुर थाना के मंडूसरा की रहने वाली शिल्पी (30) पत्नी अश्वनी सिंह की 31 जनवरी की रात सोनिक गांव के गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बन रहे अंडरपास के पास वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। स्कूटी में पुलिस लिखा होने और वर्दी पहने होने से उसे पुलिस कर्मी मान लिया गया था। हालांकि कि अभी तक की जांच में उसके पुलिस कर्मी न होने की बात सामने आई है। गुजरात में रहकर काम करने वाले मृतका के पति अश्वनी सिंह, रविवार दोपहर 1:30 बजे, मृतका के साथ लखनऊ में रह रहे बेटे हर्ष, उसके भाई आशीष सहित अन्य के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पत्नी के शव को वर्दी में और उसमें यूपीपी का बिल्ला लगा देख हैरान रह गया।
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बेटा हर्ष भी मां का शव देख बिलख पड़ा। हालांकि पति ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और सवालों के जवाब देने से कतराता रहा। वह उसने बताया कि वह खुद नहीं जानता कि पत्नी अक्सर पुलिस की वर्दी क्यों पहनती थी। सोशल मीडिया पर अपने वर्दी वाले फोटो भी शेयर करती थी। घटना की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि वह मृतका के घर वालों का इंतजार कर रही थी। उसे उम्मीद थी कि उनसे बातचीत में सवालों के जवाब मिलेंगे और वर्दी वाला राज सामने आ जाएगा। लेकिन घर वालों का कहना है कि वह भी उससे (मृतका) से ज्यादा ताल्लुक नहीं रखते थे।
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इसलिए वह भी कई सवालों के जवाब नहीं दे सके, इससे गुत्थी और उलझ गई है। यहां तक मृतका के बेटे को भी नहीं पता कि उसकी मां उन्नाव क्यों आई थी, उसे किसने बुलाया था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से रुपये लेने के मामले में जेल गई शिल्पी, जमानत पर छूटने के बाद वह वर्दी की आड़ में और क्या कर रही थी। थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मृतका के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं।
तीसरे दिन हुआ शव का पोस्टमार्टम
सड़क हादसे में मृत शिल्पी के शव का पति व परिजनों के बाद रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पति अश्वनी सिंह रविवार दोपहर 1:30 बजे, बेटे हर्ष, मृतका के भाई आशीष सहित अन्य घरवालों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पत्नी के शव को गांव लेकर जाने के बजाए शुक्लागंज गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
मासूम बेटा दो दिन करता रहा मां का इंतजार
साथ रहने वाले बेटे हर्ष ने दो दिन तक मां के आने का इंतजार किया। वह हर बार रिश्तेदारों से मां को दिखाने की जिद कर रहा था। जैसे ही उसने मां के शव को देखा, तेज से चीखा और पिता के लिपट गया। वह बस मां को बुलाने की जिद पर अड़ा था, जैसे-तैसे लोगों ने उसे शांत कराया, बाद में वह पिता के साथ मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। पिता बोला कि वह बेटे को अपने साथ ले जाएगा।