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Unnao News: ऑपरेशन के बाद आंखें खोलीं तो बगल के बेड पर भर्ती मिली 25 दिन से लापता पत्नी
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अस्पताल में भर्ती पत्नी शांति की देखभाल करता राकेश।
- फोटो : संवाद
उन्नाव। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद जिला अस्पताल में भर्ती मरीज ने जब आंखें खोलीं तो बगल के बेड़ पर 25 दिनों से लापता पत्नी भर्ती मिली। यह देख उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सिर में चोट लगने से पत्नी की याददाश्त चली गई है। यही वजह है कि वह अपने बारे में कुछ नहीं बता पाईं। पति की सेवा से अब उनकी याददाश्त लौटने लगी है।
शहर के केवटा तालाब बस्ती निवासी राकेश कुमार (50) वेल्डिंग का काम करते हैं। 13 जनवरी को उनकी पत्नी शांति (46) बाजार गईं और घर नहीं लौटीं। तीन दिन तक राकेश ने शहर में और रिश्तेदारी में खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। 16 जनवरी को उन्होंने कोतवाली पुलिस में पत्नी के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद राकेश काम पर नहीं गए। पत्नी के अलावा उनके घर में और कोई नहीं है। इसलिए वह घर न जाकर एक दोस्त के यहां रहने लगे। कुछ दिन वह वाहन स्टैंड संचालक रजोल शुक्ला के यहां भी रहे। छह फरवरी को आंख में परेशानी होने पर वह जिला अस्पताल पहुंचे। आंखों की जांच करने के बाद डॉक्टर ने मोतियाबिंद की परेशानी बताई और ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
जिला अस्पताल में वाहन स्टैंड संचालक रजोल शुक्ला की मदद से राकेश ने सात फरवरी को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया। इसके बाद उन्हें वार्ड नंबर दो में भर्ती कर दिया गया। कुछ देर बाद उनके आंख की पट्टी खोली गई। इसी बीच उनके बगल वाले बेड पर लेटी महिला पानी मांग रही थी। आवाज सुनकर वह चौक गए। देखा तो उनकी लापता पत्नी शांति बगल के बेड पर लेटी हैं और पानी मांग रही हैं। यह देख राकेश की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। वह उठकर पत्नी के पास गए, लेकिन शांति ने उन्हें पहचाना ही नहीं। इसके बाद उन्होंने नर्स से पूछताछ की।
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राकेश ने बताया कि मालूम करने पर उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी को अस्पताल में घायलावस्था में 16 जनवरी को भर्ती कराया गया था। तब से वह भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से उनकी याददाश्त चली गई है। इस वजह से वह अपने बारे में किसी को कुछ नहीं बता पा रही हैं। राकेश सात फरवरी से ही पत्नी की देखभाल कर रहे हैं। अब धीरे-धीरे पत्नी की याददाश्त लौटने लगी है। वह राकेश को पहचानने लगी हैं।
कोट--
महिला को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उनके सिर में गहरी चोट लगी थी। वह कुछ बताने और समझने की स्थिति में नहीं थीं। इलाज से उनकी स्थिति ठीक हुई है। पति से मिलने के बाद उनकी तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। वह उन्हें पहचाने लगी हैं।
- डॉ. कौशलेंद्र प्रकाश, शांति का इलाज करने वाले डॉक्टर।
फोटो-26- अस्पताल में भर्ती पत्नी शांति की चादर सही करता राकेश। संवाद
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शहर के केवटा तालाब बस्ती निवासी राकेश कुमार (50) वेल्डिंग का काम करते हैं। 13 जनवरी को उनकी पत्नी शांति (46) बाजार गईं और घर नहीं लौटीं। तीन दिन तक राकेश ने शहर में और रिश्तेदारी में खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। 16 जनवरी को उन्होंने कोतवाली पुलिस में पत्नी के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद राकेश काम पर नहीं गए। पत्नी के अलावा उनके घर में और कोई नहीं है। इसलिए वह घर न जाकर एक दोस्त के यहां रहने लगे। कुछ दिन वह वाहन स्टैंड संचालक रजोल शुक्ला के यहां भी रहे। छह फरवरी को आंख में परेशानी होने पर वह जिला अस्पताल पहुंचे। आंखों की जांच करने के बाद डॉक्टर ने मोतियाबिंद की परेशानी बताई और ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
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जिला अस्पताल में वाहन स्टैंड संचालक रजोल शुक्ला की मदद से राकेश ने सात फरवरी को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया। इसके बाद उन्हें वार्ड नंबर दो में भर्ती कर दिया गया। कुछ देर बाद उनके आंख की पट्टी खोली गई। इसी बीच उनके बगल वाले बेड पर लेटी महिला पानी मांग रही थी। आवाज सुनकर वह चौक गए। देखा तो उनकी लापता पत्नी शांति बगल के बेड पर लेटी हैं और पानी मांग रही हैं। यह देख राकेश की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। वह उठकर पत्नी के पास गए, लेकिन शांति ने उन्हें पहचाना ही नहीं। इसके बाद उन्होंने नर्स से पूछताछ की।
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राकेश ने बताया कि मालूम करने पर उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी को अस्पताल में घायलावस्था में 16 जनवरी को भर्ती कराया गया था। तब से वह भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से उनकी याददाश्त चली गई है। इस वजह से वह अपने बारे में किसी को कुछ नहीं बता पा रही हैं। राकेश सात फरवरी से ही पत्नी की देखभाल कर रहे हैं। अब धीरे-धीरे पत्नी की याददाश्त लौटने लगी है। वह राकेश को पहचानने लगी हैं।
कोट
महिला को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उनके सिर में गहरी चोट लगी थी। वह कुछ बताने और समझने की स्थिति में नहीं थीं। इलाज से उनकी स्थिति ठीक हुई है। पति से मिलने के बाद उनकी तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। वह उन्हें पहचाने लगी हैं।
- डॉ. कौशलेंद्र प्रकाश, शांति का इलाज करने वाले डॉक्टर।
फोटो-26- अस्पताल में भर्ती पत्नी शांति की चादर सही करता राकेश। संवाद