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Unnao News: शोधित होगा पानी, स्वच्छ होगी गंगा

Thu, 28 Sep 2023 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Sep 2023 11:42 PM IST
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Water will be purified, Ganga will be clean
उन्नाव/अचलगंज। चर्म इकाइयों का गंदा व प्रदूषित पानी अब दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा। प्रदूषित पानी को अत्याधुनिक सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट प्लांट) में शुद्ध किया जाएगा। बंथर और दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सीईटीपी के अपग्रेडेशन पर 218 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सीईटीपी से शोधित पानी को दोबारा प्रयोग में लाया जा सकेगा। इससे गंगा भी स्वच्छ होगी।
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एनएमसीजी (नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा) के तहत दही चौकी और बंथर औद्योगिक क्षेत्र के सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) को अपग्रेड किया जाएगा। इस पर 218 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बंथर सीईटीपी पर 111 करोड़ और दही चौकी पर 107 करोड़ खर्च आएगा। अत्याधुनिक उपकरण लगाकर क्रोमियम, फ्लोराइड, सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड), पीएचबी, बीओडी और एसएस (सब स्टैंड सॉलिड) पानी से अलग हो जाएगा। इससे चर्म इकाइयों के उत्प्रवाह को सीईटीपी में साफ कर शुद्ध बनाने के बाद दोबारा प्रयोग में भी लाया जा सकेगा। पानी में हानिकारक तत्व न होने से गंगा भी प्रदूषण मुक्त होगी।
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अपग्रेडेशन में होने वाले खर्च का 25 फीसदी उन उद्यमियों को देना होगा जो इन ट्रीटमेंट प्लांट में उद्योगों का उत्प्रवाह (पानी) साफ करते हैं। वर्तमान में बंथर सीईटीपी के अपग्रेड करने का काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों का दावा है कि एक से दो साल में काम पूरा हो जाएगा। दही चौकी सीईटीपी को अहमदाबाद की कंपनी यूनीप्रो अपग्रेड करेगी। बंथर सीईटीपी का काम दिल्ली की ईएमएस इंफ्राकॉम करा रही है।
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दही चौकी व बंथर सीईटीपी से 42 चर्म इकाईयां जुड़ी हुई हैं। वर्तमान में इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायनयुक्त पानी से आसपास के गांवों का भूगर्भ इतना प्रदूषित हो चुका है कि पीना तो दूर उसे किसी भी काम में नहीं लाया जा सकता है।
सबसे मुख्य समस्या यहां की टेनरियों से निकलने वाला केमिकलयुक्त पानी है। इससे पहले भी यहां ट्रीटमेंट प्लांट था लेकिन उससे निकलने वाला पानी पूरी तरह से शुद्ध नहीं होता था जिस कारण उसे दोबारा प्रयोग में नहीं लाया जा रहा था। लिहाजा टेनरियों के जल को सामान्य रूप से शोधित करके नाले के जरिए गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता था। इसे शुद्ध करने के लिए ही अत्याधुनिक तकनीक के प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है।
बंथर में निर्माणाधीन प्लांट में अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इसके जरिए एक दिन में पांच लाख 40 हजार लीटर पानी शोधित किया जा सकेगा। सीईटीपी के मैनेजर ऋतुराज ने बताया कि नई तकनीक से बन रहे इस प्लांट की क्षमता पांच लाख चालीस हजार लीटर पानी है। इतना पानी रोजाना साफ हो सकेगा। जो दोबारा इन्हीं टेनरियों में प्रयोग होगा। जिसे दिल्ली की ईएमएस लिमिटेड कंपनी बना रही है। पहले चरण का काम चल रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश में बगल से गुजरने वाले नाले की दीवार लगातार दो बार टूट चुकी है। जिससे निर्माणाधीन प्लांट के काम में बाधा आई है। उधर, दही चौकी में भी जल्द काम शुरू करने की तैयारी है।

प्रदूषित पानी को लोन नदी के जरिए गंगा में गिराने को लेकर दो जुलाई को दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित 15 इकाईयों को एमजीसी ने बंद कर दिया था। इनका चोरी छिपे संचालन न हो सके इसके लिए बाद में बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए थे। तबसे यह इकाईयां बंद ही चल रही हैं।
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