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ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में बंद किए मवेशी
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पिपरोसा प्राथमिक विद्यालय में बंद मवेशी।
- फोटो : UNNAO
सोनिक/नवाबगंज/ चकलवंशी।(उन्नाव)। विकासखंड की ग्रामसभा पिपरोसा के किसानों ने 50 से अधिक छुट्टा मवेशियों को मंगलवार रात गांव के प्राइमरी स्कूल में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पीआरवी, प्रधान और सचिव ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। बुधवार सुबह उपजिलाधिकारी हसनगंज और तहसीलदार गांव पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। इसके बाद मवेशियों को टैगिंग करा वाहनों से पास के गांव जंसार और भौली में बनी अस्थायी गोशाला भेजा। वहीं, बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी।
फ सलों को नुकसान पहुंचा रहे मवेशियों को ग्रामीणों ने खदेड़कर मंगलवार रात प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया था। रात को तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव और कोतवाली प्रभारी अजयराज वर्मा मौके पर पहुंचे थे और जानवरों को बाहर निकलवाकर वापस लौट गए थे। बुधवार सुबह प्रधान शिक्षिका मंजू विद्यालय पहुंची तो गेट का ताला टूटा मिला। अंदर देखा तो मवेशी भरे हुए थे। बाहर गांव के लोग लाठी-डंडे लिए मौजूद थे। शिक्षिका ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। इस पर एसडीएम प्रदीप वर्मा और तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव पहुंचे और वहां पर ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीण जब कोई बात सुनने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने डराने-धमकाने का प्रयास किया। इससे महिलाएं भी सड़क पर निकल आईं। सैकड़ों महिलाओं को विरोध करता देख पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फ ूल गए।
एसडीएम ने पशु चिकित्सक डॉ. राजेश मौर्या और ग्राम विकास अधिकारी बृजेश को निर्देश दिए कि सभी जानवरों को यहां से निकाल कर उनकी टैगिंग कराते हुए दूसरी गोशाला में भिजवाएं। इस पर अधिकारियों ने ट्रक व डीसीएम बुलवाकर उसमें मवेशियों को लदवाया। इसके बाद जंसार और भौली गोशाला में भिजवाने की कार्रवाई शुरू कराई। जब तक पूरे जानवर गोशाला नहीं भेज दिए गए तब तक गांव के लोग वहीं पर बैठे रहे।
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माखी थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत मेथीटीकुर के मजरा चकलवंशी में स्थित अस्थायी गोशाला का अराजकतत्वों ने ताला काट दिया। जिससे गोशाला में बंद सौ से अधिक मवेशी भाग गए। एसडीएम सफ ीपुर, बीडीओ व पशु चिकित्साधिकारी पहुंचे। प्रधान प्रतिनिधि ने करीब बीस लोगों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी है।
तहसील सफ ीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेथीटीकुर के मजरा चकलवंशी में स्थित कन्या जूनियर स्कूल के नजदीक एक अस्थायी गोशाला का निर्माण कराया जा रहा है। गोशाला और स्कूल की बाउंड्री एक ही है। ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को रविवार से गोशाला में ही बंद करना शुरु किया था। पिछले तीन दिन से मवेशियों को चारा-पानी नसीब नहीं हो रहा था। सोमवार को पशु चिकित्सक राजेश कुमार ने 72 मवेशियों को टैग लगाया था। उसके बाद किसानों ने और मवेशी भरकर ताला लगा दिया था। उप पशु चिकित्साधिकारी सफ ीपुर आरके चौरसिया ने बताया कि इस गोशाला में अधिकतम दो दर्जन मवेशी रखे जा सकते हैं। मंगलवार रात किसी अराजकतत्व ने गेट में लगी जंजीर को आरी से काट कर उसे खोल दिया। जिससे सभी मवेशी भाग गए। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सचिन सिंह ने पुलिस और एसडीएम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सफ ीपुर एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने अराजकतत्वों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इस मौके पर दरोगा बलराम यादव, लेखपाल रामस्वरूप व ग्राम सचिव सकुशल सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
दरोगा बलराम ने बताया कि करीब बीस लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर मिली है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों को रात में लोडर से कहीं भेज दिया गया है। उधर, 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर देने से आक्रोशित ग्रामीणों ने चकलवंशी में जाम लगाकर हंगामे का प्रयास किया। प्रधान प्रतिनिधि व सचिव पर आरोप लगाया कि कोई उनकी सुन नहीं रहा है। फसल बर्बाद हो रही है। इसके विपरीत मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। इसकी जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी माखी सुधाकर यादव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। कहा कि किसी ग्रामीण पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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फ सलों को नुकसान पहुंचा रहे मवेशियों को ग्रामीणों ने खदेड़कर मंगलवार रात प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया था। रात को तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव और कोतवाली प्रभारी अजयराज वर्मा मौके पर पहुंचे थे और जानवरों को बाहर निकलवाकर वापस लौट गए थे। बुधवार सुबह प्रधान शिक्षिका मंजू विद्यालय पहुंची तो गेट का ताला टूटा मिला। अंदर देखा तो मवेशी भरे हुए थे। बाहर गांव के लोग लाठी-डंडे लिए मौजूद थे। शिक्षिका ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। इस पर एसडीएम प्रदीप वर्मा और तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव पहुंचे और वहां पर ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीण जब कोई बात सुनने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने डराने-धमकाने का प्रयास किया। इससे महिलाएं भी सड़क पर निकल आईं। सैकड़ों महिलाओं को विरोध करता देख पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फ ूल गए।
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एसडीएम ने पशु चिकित्सक डॉ. राजेश मौर्या और ग्राम विकास अधिकारी बृजेश को निर्देश दिए कि सभी जानवरों को यहां से निकाल कर उनकी टैगिंग कराते हुए दूसरी गोशाला में भिजवाएं। इस पर अधिकारियों ने ट्रक व डीसीएम बुलवाकर उसमें मवेशियों को लदवाया। इसके बाद जंसार और भौली गोशाला में भिजवाने की कार्रवाई शुरू कराई। जब तक पूरे जानवर गोशाला नहीं भेज दिए गए तब तक गांव के लोग वहीं पर बैठे रहे।
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माखी थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत मेथीटीकुर के मजरा चकलवंशी में स्थित अस्थायी गोशाला का अराजकतत्वों ने ताला काट दिया। जिससे गोशाला में बंद सौ से अधिक मवेशी भाग गए। एसडीएम सफ ीपुर, बीडीओ व पशु चिकित्साधिकारी पहुंचे। प्रधान प्रतिनिधि ने करीब बीस लोगों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी है।
तहसील सफ ीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेथीटीकुर के मजरा चकलवंशी में स्थित कन्या जूनियर स्कूल के नजदीक एक अस्थायी गोशाला का निर्माण कराया जा रहा है। गोशाला और स्कूल की बाउंड्री एक ही है। ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को रविवार से गोशाला में ही बंद करना शुरु किया था। पिछले तीन दिन से मवेशियों को चारा-पानी नसीब नहीं हो रहा था। सोमवार को पशु चिकित्सक राजेश कुमार ने 72 मवेशियों को टैग लगाया था। उसके बाद किसानों ने और मवेशी भरकर ताला लगा दिया था। उप पशु चिकित्साधिकारी सफ ीपुर आरके चौरसिया ने बताया कि इस गोशाला में अधिकतम दो दर्जन मवेशी रखे जा सकते हैं। मंगलवार रात किसी अराजकतत्व ने गेट में लगी जंजीर को आरी से काट कर उसे खोल दिया। जिससे सभी मवेशी भाग गए। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सचिन सिंह ने पुलिस और एसडीएम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सफ ीपुर एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने अराजकतत्वों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इस मौके पर दरोगा बलराम यादव, लेखपाल रामस्वरूप व ग्राम सचिव सकुशल सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
दरोगा बलराम ने बताया कि करीब बीस लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर मिली है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों को रात में लोडर से कहीं भेज दिया गया है। उधर, 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर देने से आक्रोशित ग्रामीणों ने चकलवंशी में जाम लगाकर हंगामे का प्रयास किया। प्रधान प्रतिनिधि व सचिव पर आरोप लगाया कि कोई उनकी सुन नहीं रहा है। फसल बर्बाद हो रही है। इसके विपरीत मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। इसकी जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी माखी सुधाकर यादव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। कहा कि किसी ग्रामीण पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।