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उप्र मातृभूमि योजना : तीन साल में मात्र एक आवेदन, उसे भी मंजूरी नहीं

Mon, 09 Dec 2024 12:26 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2024 12:26 AM IST
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UP Matribhoomi Yojana: Only one application in three years, even that was not approved
उन्नाव। साधन संपन्न लोगों का साथ लेकर गांवों के विकास के लिए शुरू की गई मातृभूमि योजना में तीन साल में मात्र एक आवेदन आया। इसे भी शासनस्तर पर मंजूरी नहीं मिली। इससे योजना आगे बढ़ने से पहले ही धड़ाम हो गई।
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15 सितंबर 2021 को प्रदेश सरकार ने उप्र मातृभूमि योजना शुरू की थी। योजना के तहत सरकार ने आर्थिक रूप से मजबूत लोगों के साथ मिलकर उनकी मातृभूमि का विकास करने की रुपरेखा तैयार की थी। इसमें देश-विदेश में रहने वाले लोगों को सरकार का सहयोगी बनाने की तैयारी की गई थी। इसके तहत ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के इच्छुक लोगों का सरकार ने पूरा सहयोग करने की बात कही थी। मातृभूमि के विकास के लिए काम की लागत का 60 प्रतिशत धन व्यक्ति को और 40 फीसदी धनराशि सरकार को देनी थी। इसमें आर्थिक मदद देने वाले का शिलापट पर नाम भी लिखवाया जाना था।
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गांव के विकास के लिए निजी संस्था के लिए रास्ते खोले गए थे। ऐसे इच्छुक लोगों को खोजने की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को सौंपी गई थी। बड़ी बात यह है कि योजना को शुरू हुए तीन साल बीत गए लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। यही नहीं अभी तक अधिकारी केवल एक व्यक्ति को ही ढूंढ सके हैं, जिसने अपने गांव के विकास में सरकार का सहयोगी बनने की इच्छा जताई है। उसका भी आवेदन शासनस्तर पर लंबित है।
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इनसेट-1



इन कामों में सहयोग की योजना

- स्कूल, काॅलेज में कक्षाओं का निर्माण, स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना व संचालन।

- सामुदायिक भवन, बरातशाला, स्किल सेंटर का निर्माण व संचालन।
- प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, उप चिकित्सा केंद्र भवन, साज सज्जा व उपकरण की व्यवस्था।
- आंगनबाड़ी, एमडीएम का रसोईघर व भंडारण गृह।

- पुस्तकालय या ऑडिटोरियम। स्टेडियम के साथ व्यायामशाला।
- सीसीटीवी कैमरे, सर्विलांस सिस्टम व पब्लिक एड्रेस सिस्टम।
- अंत्येष्टि स्थल का निर्माण व चारागाह का विकास।

- जल निकासी की व्यवस्था, सीवेज सिस्टम व सालिड वेस्ट मैनेजमेंट।
- तालाब का सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण के कार्य, बस स्टैंड या यात्री शेड।
- सोलर एनर्जी, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था के लिए आरओ प्लांट।

- पशु सुधार नस्ल केंद्र की स्थापना व संचालन।

- फायर सर्विस स्टेशन के अलावा अन्य विकास व जन उपयोगी कार्य।
.........


उप्र मातृभूमि योजना में हसनगंज से आए एक आवेदन को मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था, जो अभी लंबित है। पहले योजना में बजट की कोई सीमा तय नहीं थी। अब करीब एक करोड़ के कार्य कराए जाने के लिए धनराशि तय कर दी गई है। इसका प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। उम्मीद है कि अब लोग योजना में सहयोगी बनने के लिए आगे आएंगे।

- प्रेम प्रकाश मीणा, मुख्य विकास अधिकारी।
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