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Unnao News: चाइल्ड पीजीआई में दिल के ऑपरेशन के बाद ढाई साल के बच्चे की मौत, हंगामा
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नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में शनिवार शाम ऑपरेशन के दौरान ढाई वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया।
मूलरूप से उन्नाव निवासी प्रदीप रावत ने बताया कि वह पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां रहते हैं और सेक्टर-76 में स्टॉल लगाते हैं। उनके ढाई वर्षीय छोटे बेटे पविश के छाती पर दर्द उठने से उसके दिल में 10 एमएम का छेद होने और बॉल्व दबने की बात पता चली। 27 जनवरी को उन्होंने बेटे को चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे का ऑपरेशन होगा। इसके लिए पांच फरवरी की तिथि निर्धारित की।
परिजनों का कहना है कि पांच फरवरी को चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया लेकिन मिलने नहीं दिया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन को सफल बताया। आरोप है कि छह फरवरी को चिकित्सकों ने कहा कि बच्चे के 30 प्रतिशत जीवित रहने की संभावना है और कुछ समय के लिए मिलने दिया।
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दवा देने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बाल चिकित्सालय में एक काउंटर पर तैनात कर्मी ने दवा देने के नाम पर रुपयों की मांग की। जब उन्होंने ऑनलाइन रुपये देने के लिए कहा तो उसने लेने से इन्कार कर दिया। उसने नगद में ही रुपयों की मांग की। शनिवार शाम करीब छह बजे चिकित्सकों ने बच्चे की मौत की सूचना दी। इसको लेकर परिजन भड़क गए। वहीं, इस संबंध में जब संस्थान के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक और हृदय रोग विशेषज्ञ से फोन पर बात करने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मूलरूप से उन्नाव निवासी प्रदीप रावत ने बताया कि वह पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां रहते हैं और सेक्टर-76 में स्टॉल लगाते हैं। उनके ढाई वर्षीय छोटे बेटे पविश के छाती पर दर्द उठने से उसके दिल में 10 एमएम का छेद होने और बॉल्व दबने की बात पता चली। 27 जनवरी को उन्होंने बेटे को चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे का ऑपरेशन होगा। इसके लिए पांच फरवरी की तिथि निर्धारित की।
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परिजनों का कहना है कि पांच फरवरी को चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया लेकिन मिलने नहीं दिया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन को सफल बताया। आरोप है कि छह फरवरी को चिकित्सकों ने कहा कि बच्चे के 30 प्रतिशत जीवित रहने की संभावना है और कुछ समय के लिए मिलने दिया।
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दवा देने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बाल चिकित्सालय में एक काउंटर पर तैनात कर्मी ने दवा देने के नाम पर रुपयों की मांग की। जब उन्होंने ऑनलाइन रुपये देने के लिए कहा तो उसने लेने से इन्कार कर दिया। उसने नगद में ही रुपयों की मांग की। शनिवार शाम करीब छह बजे चिकित्सकों ने बच्चे की मौत की सूचना दी। इसको लेकर परिजन भड़क गए। वहीं, इस संबंध में जब संस्थान के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक और हृदय रोग विशेषज्ञ से फोन पर बात करने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।