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किशोरी से दुष्कर्म में सात साल की सजा
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उन्नाव। करीब सात साल पहले नाबालिग लड़की से हुए दुष्कर्म के मामले में दोषी को सात साल कारावास की सजा सुनाई गई है। 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बीघापुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग लड़की 25 मई 2015 को इसी थानाक्षेत्र के एक गांव में विवाह समारोह में शामिल होने गई थी। गांव के प्रमोद से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवक शादी का झांसा देकर उसे भगा ले गया था। लड़की के पिता ने प्रमोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रमोद व लड़की को पुलिस ने पकड़ा था। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। डॉक्टरी परीक्षण में लड़की से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 11 की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को मामले की सुनवाई थी।
विशेष लोक अभियोजक प्रदीप श्रीवास्तव की दलीलों, गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने प्रमोद को दोषी मानते हुए सात साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न जमा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा प्रमोद को भुगतनी होगी।
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बीघापुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग लड़की 25 मई 2015 को इसी थानाक्षेत्र के एक गांव में विवाह समारोह में शामिल होने गई थी। गांव के प्रमोद से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवक शादी का झांसा देकर उसे भगा ले गया था। लड़की के पिता ने प्रमोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रमोद व लड़की को पुलिस ने पकड़ा था। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। डॉक्टरी परीक्षण में लड़की से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 11 की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को मामले की सुनवाई थी।
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विशेष लोक अभियोजक प्रदीप श्रीवास्तव की दलीलों, गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने प्रमोद को दोषी मानते हुए सात साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न जमा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा प्रमोद को भुगतनी होगी।
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