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महोलिया में श्रीकृष्ण महोत्सव शुरू
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गंजमुरादाबाद(उन्नाव)। महोलिया गांव में शुक्रवार को श्रीकृष्ण महोत्सव शुरू हो गया। पहले दिन वृंदावन धाम की रास मंडली के कलाकारों ने वासुदेव-देवकी के विवाह का मंचन किया।
कलाकारों ने दिखाया कि मथुरा का राजा कंस अपनी चचेरी बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ करता है। बारात मथुरा पहुंचने पर कंस स्वागत करता है। धूमधाम के साथ वैवाहिक कार्यक्रम होता है। कंस अपनी बहन देवकी को एक भव्य सजे रथ पर बैठाकर विदा करने लगता है। तभी आकाशवाणी होती है कि हे कंस, जिसे तू इतने प्रेम से विदा कर रहा है, उसी की आठवीं संतान तेरा काल बनेगी।
इतना सुनते ही कंस आग बबूला हो जाता है। तलवार उठाकर देवकी और वासुदेव को मार डालने की कोशिश करता है। वासुदेव अपनी और देवकी के छोड़ने की विनती करते हैं। उनसे जन्म लेने वाली सभी संतानों को सौंपने का वचन देते हैं। इससे कंस दोनों को जीवनदान दे देता है। कंस वासुदेव और देवकी को मथुरा के कारागार में डाल देता है।
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कलाकारों ने दिखाया कि मथुरा का राजा कंस अपनी चचेरी बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ करता है। बारात मथुरा पहुंचने पर कंस स्वागत करता है। धूमधाम के साथ वैवाहिक कार्यक्रम होता है। कंस अपनी बहन देवकी को एक भव्य सजे रथ पर बैठाकर विदा करने लगता है। तभी आकाशवाणी होती है कि हे कंस, जिसे तू इतने प्रेम से विदा कर रहा है, उसी की आठवीं संतान तेरा काल बनेगी।
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इतना सुनते ही कंस आग बबूला हो जाता है। तलवार उठाकर देवकी और वासुदेव को मार डालने की कोशिश करता है। वासुदेव अपनी और देवकी के छोड़ने की विनती करते हैं। उनसे जन्म लेने वाली सभी संतानों को सौंपने का वचन देते हैं। इससे कंस दोनों को जीवनदान दे देता है। कंस वासुदेव और देवकी को मथुरा के कारागार में डाल देता है।
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