उन्नाव। बिहार थानाक्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के छह साल के भतीजे के लापता होने में जिन लोगों को अपहरण की धारा में जेल भेजा गया, उनके परिजनों ने नार्को टेस्ट की मांग कर रविवार को धरना दिया। परिजनों का आरोप है कि दोनों पक्षाें का नार्को टेस्ट कराया जाए, जिससे सच सामने आ सके।
दुष्कर्म पीड़िता का छह साल का भतीजा दो अक्तूबर को रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। बच्चे की बुआ ने गांव की तीन महिलाओं समेत 5 लोगों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बच्चे का पता न लगने पर पुलिस ने नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया था। आरोपियों के परिजनों ने दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल को ज्ञापन देकर दोनों पक्षों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। रविवार सुबह परिजन कलक्ट्रेट गेट के बगल में धरना देने के लिए पहुंच गए। हालांकि, धरने की भनक लगने से पहले से ही वहां भारी पुलिस बल तैनात हो गया था। पुलिस को देख परिजन ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष विजय त्रिपाठी के साथ निराला प्रेक्षागृह पहुंचे और धरना देना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एसडीएम अक्षत वर्मा, एएसपी विनोद कुमार पांडेय, सीओ सिटी गौरव त्रिपाठी व सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र मौके पर पहुंचे। एएसपी से परिजनों ने उनकी वकील की मौजूदगी में एक सप्ताह में नार्कों टेस्ट कराए जाने और उसकी रिपोर्ट के आधार पर निर्दोष जेल भेजे गए उनके परिजनों को बाहर लाने की मांग की। ऐसा न करने पर उन्होंने विधानभवन के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी। एएसपी ने उनका ज्ञापन लेकर शासन को भेजने और जल्द नार्को टेस्ट कराने का भरोसा दिलाया। एएसपी के आश्वासन के बाद परिवार के लोेग धरने से उठ गए।