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स्टाफ की कमी, कैसे जीतेंगे डेंगू से जंग
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उन्नाव। मलेरिया विभाग के पास डेंगू से बचाव के लिए दवाएं तो हैं लेकिन मैन पावर न होने से उसे दिक्कतें आ रही हैं। समय से सभी स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा सके। इसके लिए विभाग अब नगर पालिका की मदद ले रहा है। मलेरिया विभाग पालिका को दवाएं उपलब्ध कराता है। पालिका कर्मचारी उसका छिड़काव करा रहे हैं। ताकि समय रहते लोगों को डेंगू के खतरे से बचाया जा सके।
मच्छर जनित रोगों का मौसम आते ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के लिए जिले में अलर्ट जारी कर रखा है। इसके लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। लेकिन मैन पावर कम होने से अभियान को गति देने में दिक्कतें आ रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि मलेरिया विभाग में नियमानुसार 155 बेसिक हेल्थ वर्करों की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन काम करने के लिए सिर्फ 5 हेल्थ वर्कर काम कर रहे हैं। वहीं 12 फील्ड वर्करों के स्थान पर सिर्फ 2 ही बचे हैं। स्टाफ की कमी होने से काम प्रभावित हो रहा है। लेकिन, लोगों को डेंगू के डंक से बचाने के लिए अब नगरपालिका व नगर पंचायतों की मदद ली जा रही है। एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए दवाएं मलेरिया विभाग उपलब्ध कराता है और छिड़काव पालिका के माध्यम से कराया जा रहा है। जिले में अभी तक डेंगू के मरीजों की संख्या शून्य है।
डेंगू से बचाव के लिए मलेरिया विभाग के कर्मचारियों ने शहर के अलग अलग मोहल्लों में अभियान चलाया था। जिसमें घर के अंदर खाली बर्तनों व टायरों में पानी भरा मिलने पर वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराकर उस पानी बर्तनों से बाहर निकलवाया और दोबारा पानी भरा न मिलने की हिदायत भी दी।
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डेंगू में मरीज के शरीर में लाल दाने निकल आते हैं। प्लेटलेट्स की कमी होने पर मरीज के मुंह, नाक, मल के रास्ते खून निकलने लगता है। इसके साथ ही चिकनगुनिया में मरीज को तेज बुखार, जोड़-मांसपेशियों में दर्द व सूजन की शिकायत होती है।
डेंगू व चिकनगुनिया, एडीज मच्छर के काटने से होता है। एडीज मच्छर हमेशा साफ व रुके हुए पानी में पनपते हैं। डेंगू व चिकनगुनिया से बचने के लिए जरूरी है कि हम घरों में टूटे हुए बर्तनों, कूलर व गमलों आदि में पानी न जमा होने दे। अगर कहीं पानी रुकता है तो उसमें दवाओं का छिड़काव करते रहें। इसके साथ ही बुखार आने पर फौरन चिकित्सक से संपर्क कर खून की जांच कराए।
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मच्छर जनित रोगों का मौसम आते ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के लिए जिले में अलर्ट जारी कर रखा है। इसके लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। लेकिन मैन पावर कम होने से अभियान को गति देने में दिक्कतें आ रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि मलेरिया विभाग में नियमानुसार 155 बेसिक हेल्थ वर्करों की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन काम करने के लिए सिर्फ 5 हेल्थ वर्कर काम कर रहे हैं। वहीं 12 फील्ड वर्करों के स्थान पर सिर्फ 2 ही बचे हैं। स्टाफ की कमी होने से काम प्रभावित हो रहा है। लेकिन, लोगों को डेंगू के डंक से बचाने के लिए अब नगरपालिका व नगर पंचायतों की मदद ली जा रही है। एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए दवाएं मलेरिया विभाग उपलब्ध कराता है और छिड़काव पालिका के माध्यम से कराया जा रहा है। जिले में अभी तक डेंगू के मरीजों की संख्या शून्य है।
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डेंगू से बचाव के लिए मलेरिया विभाग के कर्मचारियों ने शहर के अलग अलग मोहल्लों में अभियान चलाया था। जिसमें घर के अंदर खाली बर्तनों व टायरों में पानी भरा मिलने पर वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराकर उस पानी बर्तनों से बाहर निकलवाया और दोबारा पानी भरा न मिलने की हिदायत भी दी।
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डेंगू में मरीज के शरीर में लाल दाने निकल आते हैं। प्लेटलेट्स की कमी होने पर मरीज के मुंह, नाक, मल के रास्ते खून निकलने लगता है। इसके साथ ही चिकनगुनिया में मरीज को तेज बुखार, जोड़-मांसपेशियों में दर्द व सूजन की शिकायत होती है।
डेंगू व चिकनगुनिया, एडीज मच्छर के काटने से होता है। एडीज मच्छर हमेशा साफ व रुके हुए पानी में पनपते हैं। डेंगू व चिकनगुनिया से बचने के लिए जरूरी है कि हम घरों में टूटे हुए बर्तनों, कूलर व गमलों आदि में पानी न जमा होने दे। अगर कहीं पानी रुकता है तो उसमें दवाओं का छिड़काव करते रहें। इसके साथ ही बुखार आने पर फौरन चिकित्सक से संपर्क कर खून की जांच कराए।