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Unnao News: स्वास्थ्य विभाग ने किया अवैध अस्पताल सील
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फोटो-29- नर्सिंग होम को सील कराते एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह। संवाद
बीघापुर। न्यू मां हॉस्पिटल में रविवार की सुबह प्रसूता की मौत के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की जांच की। एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल सील कर दिया। एसीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पंकज पांडेय को अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
बिहार थाना क्षेत्र के रामपुर खरही गांव निवासी फतेबहादुर शनिवार दोपहर पत्नी बिट्टो देवी (27) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी ले गए थे। वहां मौजूद गांव की आशा कार्यकर्ता सुशीला की सलाह पर उन्होंने पत्नी को न्यू मां हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शनिवार की रात ऑपरेशन से बिट्टो ने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद प्रसूता और नवजात की हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालकों ने नवजात को जिला अस्पताल भेज दिया जबकि बिट्टो को अस्पताल में ही रखा। रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई थी।
मामले की जांच करने के लिए सीएमओ डॉ. अजय शर्मा ने दो सदस्यीय टीम गठित की थी। सोमवार को टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह और डॉ. पंकज पांडेय मौके पर पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण किया। कुछ देर बाद टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले अस्पताल को सील किया गया था। अस्पताल संचालक को बगैर मानक पूरे किए दोबारा संचालन न करने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद संचालक ने अस्पताल संचालित किया। इस पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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इंसेट
गिरफ्तार हुई आशा बहू
परिजनों ने आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कमीशन के फेर में निजी अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। सोमवार को पुलिस ने मदनपुर हाईवे कट के पास से आशा कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बिहार थाना क्षेत्र के रामपुर खरही गांव निवासी फतेबहादुर शनिवार दोपहर पत्नी बिट्टो देवी (27) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी ले गए थे। वहां मौजूद गांव की आशा कार्यकर्ता सुशीला की सलाह पर उन्होंने पत्नी को न्यू मां हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शनिवार की रात ऑपरेशन से बिट्टो ने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद प्रसूता और नवजात की हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालकों ने नवजात को जिला अस्पताल भेज दिया जबकि बिट्टो को अस्पताल में ही रखा। रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई थी।
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मामले की जांच करने के लिए सीएमओ डॉ. अजय शर्मा ने दो सदस्यीय टीम गठित की थी। सोमवार को टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह और डॉ. पंकज पांडेय मौके पर पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण किया। कुछ देर बाद टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले अस्पताल को सील किया गया था। अस्पताल संचालक को बगैर मानक पूरे किए दोबारा संचालन न करने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद संचालक ने अस्पताल संचालित किया। इस पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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गिरफ्तार हुई आशा बहू
परिजनों ने आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कमीशन के फेर में निजी अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। सोमवार को पुलिस ने मदनपुर हाईवे कट के पास से आशा कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।