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Unnao News: बाढ़ से बढ़ीं दुश्वारियां, फिर भी घर छोड़ने को तैयार नहीं ग्रामीण
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फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद
उन्नाव/परियर। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा ने तराई इलाके के लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। बाढ़ से जहां फसलें नष्ट हो रही हैं वहीं लोगों के दैनिक कामकाज भी प्रभावित हैं। रास्तों पर पानी भरने से लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं। प्रशासनिक अमला ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझा रहा है लेकिन लोग गृहस्थी छोड़कर गांव से जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबू बंगला, चंडीबंगला, कोलवा, टपरा, देवीपुरवा सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सैकड़ों बीघा फसलें डूबकर सड़ गई हैं, जो कुछ बची हैं उन्हें कच्ची ही तोड़कर किसान बेच रहे हैं। रास्ते बाढ़ में डूब गए है। बाढ़ से घिरे गांवों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। फिलहाल इनके इलाज की खास व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। तहसील प्रशासन ने आवागमन के लिए पनपथा में नावों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी है। बाबू बंगला व चंडी बंगला के लिए भी चार नावें लगाई गईं हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविर में लाने के लिए प्रशासन ग्रामीणों को समझा रहा है लेकिन लोग गृहस्थी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि घर छोड़कर गए तो चोरी हो जाएगी।
फोटो-20- जलमग्न जगदीशपुर-सरोसी मार्ग से निकलते वाहन।
रास्तों पर भरा दो फीट पानी, आवागमन में परेशानी
चकलवंशी। ब्लॉक सफीपुर के करीमाबाद, चंदनखेड़ा, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया, उम्मेदखेड़ा आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां गलियों से लेकर घरों के अंदर तक पानी भरा है। शनिवार को जलस्तर बढ़ने से जगदीशपुर-सरोसी मार्ग जलमग्न हो गया। सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जंगेनगर-थाना का निर्माणाधीन मार्ग भी जलमग्न है। ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने के लिए बंदाखेड़ा या चकलवंशी होकर करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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फोटो-21- गढ़ेवा गांव स्थित गोशाला में भरा पानी
गोशाला में भरा पानी, छोड़ दिए गए मवेशी
बीघापुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र की गंगा कटरी के लक्षनिया कटरी, दीवान कटरी, चंदनपुर, सहिबी खेड़ा, करमी, गंगानगर, संत नगर, रामनगर में गांव के किनारे पानी भर गया है। ऐसे में तिल, उड़द, मूंग, मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। गढ़ेवा गांव के आत्माराम का घर चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। गांव की गोशाला में एक फीट पानी भर जाने से मवेशियों को छोड़ दिया गया है। किसान सोनू सैनी ने बताया कि बाढ़ से कटरी में बोई करेला की फसल नष्ट हो गई है। प्रदीप शुक्ल ने बताया कि दलहन व तिलहन की फसल खराब हो गई है। किसान उमाशंकर लोधी, राममिलन सिंह, सुधीर सिंह चौहान ने बताया कि पुल तक जाने वाले मार्ग पर एक फीट पानी बह रहा है। जय राजपूत ने बताया कि पनिया खेड़ा-सीताराम खेड़ा मार्ग पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है।
फोटो-22- बाढ़ से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर दूसरी जगह शुरू हुई कटान। संवाद
फिर कटने लगा कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग
फतेहपुर चौरासी। बाढ़ के पानी से नया बंगला, हिंदूपुर, शहुरिया बंगला, कुशेहर बंगला चारों तरफ से घिर गए हैं। चिरंजूपुरवा, भुलभुलिया खेड़ा में पानी मार्गों पर भर जाने लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर नया बंगला व हिंदूपुर पुलिया के बीच में मार्ग पर कटान हो रहा है। जानकारी मिलते ही पीडब्ल्यूडी की टीम सक्रिय हो गई है। विभाग के लोग बालू की बोरियां डालकर पानी का बहाव रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
फोटो-23- जमालनगर एहतेमाली स्कूल परिसर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
बाढ़ से विद्यालयों के संचालन पर भी संकट
गंजमुरादाबाद। भुड्डा, मितानपुरवा, रतईपुरवा, गढ़ेवा, सहिबापुर, मुन्नीपुरवा, भगवंतपुरवा, बगिया, गहरपुरवा, सिरधरपुर सहित दर्जनों परिषदीय विद्यालयों पर भी बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो दो दिन में ये स्कूल जलमग्न हो जाएंगे। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो जाएगा। बीईओ संजय कुमार ने बताया कि गंगा की बाढ़ की चपेट में कटरी इलाके के कई परिषदीय स्कूल आ सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से छात्र-छात्राओं को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
फोटो-24- इब्राहिमाबाद में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
घरों में घुसा पानी, पलायन की तैयारी
सफीपुर। लगातार बढ़ रहा बाढ़ के पानी के घरों में पहुंचने से प्रभावित परिवार पलायन की तैयारी में जुट गए। क्षेत्र के तीन स्कूलों के परिसर में भी पानी भर गया है। कटरी क्षेत्र के सभी मार्गों पर पानी भरा होने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। हमजापुर प्राथमिक पाठशाला व शेरपुर पंचायत भवन के बाद शनिवार को शेरपुर व इब्राहिमाबाद परिषदीय पाठशाला के परिसर में भी पानी भर गया। जमालनगर गैर एहतेमाली-दबौली मार्ग पर कल्याणी नदी के अलावा उडंकपुरवा में भी सड़क डूब गई। रामपुर, सनहा-गहोली व मुरादपुर मार्ग पहले से जलमग्न हैं। क्षेत्र के हमजापुर, माढ़ापुर, मनियापुर में बाढ़ का पानी गलियारों के अलावा घरों में भी पहुंच गया है। इससे प्रभावित ग्रामीण गृहस्थी समेट कर पलायन की तैयारी में जुट गए हैं।
फोटो- 25-वीरान पड़ी बक्सर धर्मशाला में बनाई गई चौकी। संवाद
बक्सर धर्मशाला में बनी बाढ़ चौकी पर नहीं मिला कोई
पाटन। क्षेत्र के दूलीखेड़ा, मंझा, सेढ़वा, धरमपुर आदि गांवों के रास्तों पर बाढ़ का पानी भरने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। सेढ़वा निवासी संतोष ने बताया कि बाढ़ के कारण भिंडी, तरोई व फूल आदि की फसलें बर्बाद हो गई है। गांव के रास्तों में पानी भरने से लोग परेशान हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए छह बाढ़ चौकियां बनाई है। इनमें बक्सर स्थित धर्मशाला में बनी बाढ़ चौकी में शनिवार शाम बंद मिली। ग्रामीणों ने बताया कि यह चौकी कभी नहीं खुलती है।एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बाढ़ राहत चौकियों के टेंडर कर दिए गए हैं।
फोटो-26- बाढ़ पीड़ित को खाद्यान्न किट देते विधायक। स्रोत: कर्मचारी
बाढ़ प्रभावित 150 ग्रामीणों को बांटी खाद्यान्न किट
हसनगंज। ब्लॉक के बिचपरी गांव में सई नदी का पानी भरने से आवागमन समेत ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए थे। बाढ़ की चपेट में आने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को क्षेत्रीय विधायक ब्रजेश रावत, एसडीएम शालिनी सिंह तोमर, तहसीलदार कीरत सेन ने बाढ़ प्रभावित करीब 150 ग्रामीणों को खाद्यान्न किट के साथ बाल्टियां वितरित कीं। विधायक ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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फोटो-27- कैंप लगाकर दवाएं वितरित करते डॉक्टर। स्रोत: विभाग
उन्नाव। बाढ़ की चपेट में आए क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच शुरू की है। शनिवार को डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए और आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
जिले की चार तहसीलों के 18 गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं तेज कर दी हैं। विभाग की टीमें ने बाढ़ प्रभावित गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच कर रही हैं। इस दौरान बुखार, उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और सांस संबंधी समस्या वाले मरीजों को दवाएं भी वितरित की जा रही हैं। शनिवार को परियर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों से पीने के लिए साफ या उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करने, पानी को क्लोरीन टैबलेट से शुद्ध करने, खुले में रखे भोजन और बाढ़ के पानी में रखी खाद्य सामग्री का सेवन न करने की सलाह दी। (संवाद)
प्रशासन की रिपोर्ट में सिर्फ 18 गांव प्रभावित
उन्नाव। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में जिले की चार तहसीलों के केवल 18 गांव और शुक्लागंज का एक वार्ड ही बाढ़ से प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार 5,380 लोग और करीब 1,151 हेक्टेयर कृषि व रिहायशी क्षेत्र में बाढ़ का पानी चढ़ा है। राहत-बचाव कार्य तेज के लिए 36 नावें, आठ मेडिकल टीमें और पीएसी की एक टुकड़ी तैनात है। अब तक 3,000 राहत खाद्य सामग्री पैकेट, जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए 3,100 क्लोरीन टैबलेट और 1,700 ओआरएस पैकेट भी वितरण करने का दावा है। कुल 90 पशु प्रभावित हैं, चार क्विंटल भूसे की व्यवस्था की गई। जिले में 15 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, लेकिन अभी किसी को ठहराने की जरूरत नहीं पड़ी।
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सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबू बंगला, चंडीबंगला, कोलवा, टपरा, देवीपुरवा सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सैकड़ों बीघा फसलें डूबकर सड़ गई हैं, जो कुछ बची हैं उन्हें कच्ची ही तोड़कर किसान बेच रहे हैं। रास्ते बाढ़ में डूब गए है। बाढ़ से घिरे गांवों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। फिलहाल इनके इलाज की खास व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। तहसील प्रशासन ने आवागमन के लिए पनपथा में नावों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी है। बाबू बंगला व चंडी बंगला के लिए भी चार नावें लगाई गईं हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविर में लाने के लिए प्रशासन ग्रामीणों को समझा रहा है लेकिन लोग गृहस्थी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि घर छोड़कर गए तो चोरी हो जाएगी।
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फोटो-20- जलमग्न जगदीशपुर-सरोसी मार्ग से निकलते वाहन।
रास्तों पर भरा दो फीट पानी, आवागमन में परेशानी
चकलवंशी। ब्लॉक सफीपुर के करीमाबाद, चंदनखेड़ा, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया, उम्मेदखेड़ा आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां गलियों से लेकर घरों के अंदर तक पानी भरा है। शनिवार को जलस्तर बढ़ने से जगदीशपुर-सरोसी मार्ग जलमग्न हो गया। सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जंगेनगर-थाना का निर्माणाधीन मार्ग भी जलमग्न है। ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने के लिए बंदाखेड़ा या चकलवंशी होकर करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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फोटो-21- गढ़ेवा गांव स्थित गोशाला में भरा पानी
गोशाला में भरा पानी, छोड़ दिए गए मवेशी
बीघापुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र की गंगा कटरी के लक्षनिया कटरी, दीवान कटरी, चंदनपुर, सहिबी खेड़ा, करमी, गंगानगर, संत नगर, रामनगर में गांव के किनारे पानी भर गया है। ऐसे में तिल, उड़द, मूंग, मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। गढ़ेवा गांव के आत्माराम का घर चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। गांव की गोशाला में एक फीट पानी भर जाने से मवेशियों को छोड़ दिया गया है। किसान सोनू सैनी ने बताया कि बाढ़ से कटरी में बोई करेला की फसल नष्ट हो गई है। प्रदीप शुक्ल ने बताया कि दलहन व तिलहन की फसल खराब हो गई है। किसान उमाशंकर लोधी, राममिलन सिंह, सुधीर सिंह चौहान ने बताया कि पुल तक जाने वाले मार्ग पर एक फीट पानी बह रहा है। जय राजपूत ने बताया कि पनिया खेड़ा-सीताराम खेड़ा मार्ग पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है।
फोटो-22- बाढ़ से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर दूसरी जगह शुरू हुई कटान। संवाद
फिर कटने लगा कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग
फतेहपुर चौरासी। बाढ़ के पानी से नया बंगला, हिंदूपुर, शहुरिया बंगला, कुशेहर बंगला चारों तरफ से घिर गए हैं। चिरंजूपुरवा, भुलभुलिया खेड़ा में पानी मार्गों पर भर जाने लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर नया बंगला व हिंदूपुर पुलिया के बीच में मार्ग पर कटान हो रहा है। जानकारी मिलते ही पीडब्ल्यूडी की टीम सक्रिय हो गई है। विभाग के लोग बालू की बोरियां डालकर पानी का बहाव रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
फोटो-23- जमालनगर एहतेमाली स्कूल परिसर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
बाढ़ से विद्यालयों के संचालन पर भी संकट
गंजमुरादाबाद। भुड्डा, मितानपुरवा, रतईपुरवा, गढ़ेवा, सहिबापुर, मुन्नीपुरवा, भगवंतपुरवा, बगिया, गहरपुरवा, सिरधरपुर सहित दर्जनों परिषदीय विद्यालयों पर भी बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो दो दिन में ये स्कूल जलमग्न हो जाएंगे। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो जाएगा। बीईओ संजय कुमार ने बताया कि गंगा की बाढ़ की चपेट में कटरी इलाके के कई परिषदीय स्कूल आ सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से छात्र-छात्राओं को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
फोटो-24- इब्राहिमाबाद में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
घरों में घुसा पानी, पलायन की तैयारी
सफीपुर। लगातार बढ़ रहा बाढ़ के पानी के घरों में पहुंचने से प्रभावित परिवार पलायन की तैयारी में जुट गए। क्षेत्र के तीन स्कूलों के परिसर में भी पानी भर गया है। कटरी क्षेत्र के सभी मार्गों पर पानी भरा होने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। हमजापुर प्राथमिक पाठशाला व शेरपुर पंचायत भवन के बाद शनिवार को शेरपुर व इब्राहिमाबाद परिषदीय पाठशाला के परिसर में भी पानी भर गया। जमालनगर गैर एहतेमाली-दबौली मार्ग पर कल्याणी नदी के अलावा उडंकपुरवा में भी सड़क डूब गई। रामपुर, सनहा-गहोली व मुरादपुर मार्ग पहले से जलमग्न हैं। क्षेत्र के हमजापुर, माढ़ापुर, मनियापुर में बाढ़ का पानी गलियारों के अलावा घरों में भी पहुंच गया है। इससे प्रभावित ग्रामीण गृहस्थी समेट कर पलायन की तैयारी में जुट गए हैं।
फोटो- 25-वीरान पड़ी बक्सर धर्मशाला में बनाई गई चौकी। संवाद
बक्सर धर्मशाला में बनी बाढ़ चौकी पर नहीं मिला कोई
पाटन। क्षेत्र के दूलीखेड़ा, मंझा, सेढ़वा, धरमपुर आदि गांवों के रास्तों पर बाढ़ का पानी भरने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। सेढ़वा निवासी संतोष ने बताया कि बाढ़ के कारण भिंडी, तरोई व फूल आदि की फसलें बर्बाद हो गई है। गांव के रास्तों में पानी भरने से लोग परेशान हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए छह बाढ़ चौकियां बनाई है। इनमें बक्सर स्थित धर्मशाला में बनी बाढ़ चौकी में शनिवार शाम बंद मिली। ग्रामीणों ने बताया कि यह चौकी कभी नहीं खुलती है।एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बाढ़ राहत चौकियों के टेंडर कर दिए गए हैं।
फोटो-26- बाढ़ पीड़ित को खाद्यान्न किट देते विधायक। स्रोत: कर्मचारी
बाढ़ प्रभावित 150 ग्रामीणों को बांटी खाद्यान्न किट
हसनगंज। ब्लॉक के बिचपरी गांव में सई नदी का पानी भरने से आवागमन समेत ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए थे। बाढ़ की चपेट में आने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को क्षेत्रीय विधायक ब्रजेश रावत, एसडीएम शालिनी सिंह तोमर, तहसीलदार कीरत सेन ने बाढ़ प्रभावित करीब 150 ग्रामीणों को खाद्यान्न किट के साथ बाल्टियां वितरित कीं। विधायक ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
फोटो-27- कैंप लगाकर दवाएं वितरित करते डॉक्टर। स्रोत: विभाग
उन्नाव। बाढ़ की चपेट में आए क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच शुरू की है। शनिवार को डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए और आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
जिले की चार तहसीलों के 18 गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं तेज कर दी हैं। विभाग की टीमें ने बाढ़ प्रभावित गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच कर रही हैं। इस दौरान बुखार, उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और सांस संबंधी समस्या वाले मरीजों को दवाएं भी वितरित की जा रही हैं। शनिवार को परियर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों से पीने के लिए साफ या उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करने, पानी को क्लोरीन टैबलेट से शुद्ध करने, खुले में रखे भोजन और बाढ़ के पानी में रखी खाद्य सामग्री का सेवन न करने की सलाह दी। (संवाद)
प्रशासन की रिपोर्ट में सिर्फ 18 गांव प्रभावित
उन्नाव। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में जिले की चार तहसीलों के केवल 18 गांव और शुक्लागंज का एक वार्ड ही बाढ़ से प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार 5,380 लोग और करीब 1,151 हेक्टेयर कृषि व रिहायशी क्षेत्र में बाढ़ का पानी चढ़ा है। राहत-बचाव कार्य तेज के लिए 36 नावें, आठ मेडिकल टीमें और पीएसी की एक टुकड़ी तैनात है। अब तक 3,000 राहत खाद्य सामग्री पैकेट, जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए 3,100 क्लोरीन टैबलेट और 1,700 ओआरएस पैकेट भी वितरण करने का दावा है। कुल 90 पशु प्रभावित हैं, चार क्विंटल भूसे की व्यवस्था की गई। जिले में 15 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, लेकिन अभी किसी को ठहराने की जरूरत नहीं पड़ी।

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद

फोटो-18- सदर तहसील के पनपथा गांव में नाव से सब्जियां लेकर जाते ग्रामीण। संवाद