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Unnao News: विशेषज्ञ न होने से बच्चों का नहीं हो पा रहा इलाज
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फोटो-4- हसनगंज सीएचसी की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
हसनगंज। मौसम में बदलाव के कारण बच्चे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीमार बच्चों के इलाज के लिए परिजनों को 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। कुछ लोग निजी अस्पतालों की शरण लेने को मजबूर हैं।
सीएचसी में प्रतिदिन 300 से 350 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें बड़ी संख्या में नवजात और बच्चे शामिल रहते हैं। क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी होने के बावजूद यहां बाल रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। आदमपुर भासी निवासी चंद्रशेखर द्विवेदी और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टर न होने से अभिभावकों को बच्चों के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं।
वर्जन...करीब दो साल पहले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज की तैनाती हुई थी लेकिन बाद में उन्हें जिला अस्पताल से अटैच कर दिया गया। कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की जा चुकी है। -डॉ. नितिन श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक
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सीएचसी में प्रतिदिन 300 से 350 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें बड़ी संख्या में नवजात और बच्चे शामिल रहते हैं। क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी होने के बावजूद यहां बाल रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। आदमपुर भासी निवासी चंद्रशेखर द्विवेदी और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टर न होने से अभिभावकों को बच्चों के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं।
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वर्जन...करीब दो साल पहले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज की तैनाती हुई थी लेकिन बाद में उन्हें जिला अस्पताल से अटैच कर दिया गया। कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की जा चुकी है। -डॉ. नितिन श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक
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