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Unnao News: हे राम कहें जमुहाई लेकर हम पाए विश्राम...
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फोटो-3- कवि अनुज तिवारी को सम्मानित करते समिति के सदस्य। स्रोत: आयोजक
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के अढ़ौली गांव में रामनवमी पर काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ रामभरोसे सिंह ने मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। कवि अनुज तिवारी ने पढ़ा, ‘राम राम कहना ही है अभिवादन अभिराम, हे राम कहें जमुहाई लेकर हम पाए विश्राम।’
संजीव तिवारी पिंटू ने ‘लंकापति मारने वाले राम, अहिल्या तारने वाले राम,’ पढ़ा तो पूरा पंडाल राममय हो गया। कवि मनोज सरल ने ‘कण-कण राम राम, तृण-तृण राम राम, राम सारे धरा पर राम सारे व्योम में,’ पढ़कर तालियां बटोरीं। डॉ. शिवपाल सिंह ने वसंत ऋतु पर रचना सुनाई जिसमें ऋतु के सौंदर्य का वर्णन था। कवि अयोध्या प्रसाद सुमन, रामविलास सिंह और योगेंद्र सहित अन्य कवियों ने भी प्रभु श्रीराम पर अपनी रचनाएं सुनाईं। इन रचनाओं ने श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
काव्य गोष्ठी में रामविलास सिंह, ग्राम प्रधान रामभरोसे सिंह और चंद्र किशोर सिंह भी शामिल रहे। उन्होंने सभी कवियों और अतिथियों का स्वागत किया। आयोजकों ने अंग वस्त्र तथा प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। पप्पू सिंह चंदेल, चंद्रकांत बाजपेयी और अनुज तिवारी ने भी कार्यक्रम में योगदान दिया।
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संजीव तिवारी पिंटू ने ‘लंकापति मारने वाले राम, अहिल्या तारने वाले राम,’ पढ़ा तो पूरा पंडाल राममय हो गया। कवि मनोज सरल ने ‘कण-कण राम राम, तृण-तृण राम राम, राम सारे धरा पर राम सारे व्योम में,’ पढ़कर तालियां बटोरीं। डॉ. शिवपाल सिंह ने वसंत ऋतु पर रचना सुनाई जिसमें ऋतु के सौंदर्य का वर्णन था। कवि अयोध्या प्रसाद सुमन, रामविलास सिंह और योगेंद्र सहित अन्य कवियों ने भी प्रभु श्रीराम पर अपनी रचनाएं सुनाईं। इन रचनाओं ने श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
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काव्य गोष्ठी में रामविलास सिंह, ग्राम प्रधान रामभरोसे सिंह और चंद्र किशोर सिंह भी शामिल रहे। उन्होंने सभी कवियों और अतिथियों का स्वागत किया। आयोजकों ने अंग वस्त्र तथा प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। पप्पू सिंह चंदेल, चंद्रकांत बाजपेयी और अनुज तिवारी ने भी कार्यक्रम में योगदान दिया।
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