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Unnao News: हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी, तुम देखी सीता मृगनैनी
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फोटो-19- सीता खोज लीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत: आयोजक
मौरावां। हिलौली की आदर्श रामलीला के सातवें दिन सीता खोज, जटायु लीला, बालि वध व लंका दहन लीला का भावपूर्ण मंचन हुआ। सोने की लंका जलती देखकर दर्शकों ने हनुमानजी के जयकारे लगाए।
बृहस्पतिवार की रात लीला में दिखाया कि पंचवटी में सीता को न देख राम-लक्ष्मण व्याकुल हो गए। उन्हें वन में खोजते हुए विलाप करते राम पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों से सीता के बारे में पूछते हुए कहते हैं, हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी, तुम देखी सीता मृगनयनी। इसके बाद भगवान राम की जटायु से मुलाकात होती है जो रावण द्वारा सीता माता के हरण करने की जानकारी देते हैं।
इसके बाद दोनों भाई शबरी के आश्रम पहुंचे। जहां शबरी के आतिथ्य सत्कार से प्रसन्न होकर श्रीराम ने उसको अपने धाम भेजा। इसके बाद राम और सुग्रीव की मित्रता होती है। बालि का वध करने के बाद सुग्रीव, हनुमान समेत वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजते हैं। लंका पहुंचे हनुमान जी ने माता सीता का आशीर्वाद लेकर पहले अशोक वाटिका उजाड़ी और फिर सोने की लंका का दहन करते हैं। लंका दहन की लीला देख दर्शकों ने जय श्री राम और जय हनुमान का उद्घोष किया।
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बृहस्पतिवार की रात लीला में दिखाया कि पंचवटी में सीता को न देख राम-लक्ष्मण व्याकुल हो गए। उन्हें वन में खोजते हुए विलाप करते राम पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों से सीता के बारे में पूछते हुए कहते हैं, हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी, तुम देखी सीता मृगनयनी। इसके बाद भगवान राम की जटायु से मुलाकात होती है जो रावण द्वारा सीता माता के हरण करने की जानकारी देते हैं।
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इसके बाद दोनों भाई शबरी के आश्रम पहुंचे। जहां शबरी के आतिथ्य सत्कार से प्रसन्न होकर श्रीराम ने उसको अपने धाम भेजा। इसके बाद राम और सुग्रीव की मित्रता होती है। बालि का वध करने के बाद सुग्रीव, हनुमान समेत वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजते हैं। लंका पहुंचे हनुमान जी ने माता सीता का आशीर्वाद लेकर पहले अशोक वाटिका उजाड़ी और फिर सोने की लंका का दहन करते हैं। लंका दहन की लीला देख दर्शकों ने जय श्री राम और जय हनुमान का उद्घोष किया।
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