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Unnao News: सैंपल देने और रिपोर्ट लेने में लग रहे तीन दिन
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फोटो नंबर-3- पैथोलॉजी में सैंपल देने के लिए लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : mathura
उन्नाव। जिला पुरुष अस्पताल की पैथोलॉजी में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें जांच के लिए सैंपल देने में पूरा दिन लग जाता हैै और रिपोर्ट लेने के लिए दो दिन की दौड़ लगानी पड़ रही है। मरीजों का आरोप है समय से पहले ही सैंपल लेना बंद कर दिया जाता है।
जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें करीब 400 मरीजों को डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह देते हैं। शुक्रवार को डॉक्टर की मरीज और तीमारदारों से नोकझोंक भी हुई थी। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों ने डेढ़ बजे ही सैंपल लेना बंद कर दिया था यहीं हाल शनिवार को भी रहा।
सैंपल देने के लिए मरीज लाइन में लग गएए काफी देर तक नंबर नहीं आया तो जमीन पर बैठ गए। लाइन में खड़े मरीजों ने बताया कि एक दिन सैंपल देने में लग जाता है जबकि रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा लाइन में लगना होता है। इसके बाद जब रिपोर्ट मिलने का नंबर आया तो स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा अब छुट्टी का समय हो गया। अगले दिन रिपोर्ट लेने आना। नियम के अनुसार जितने मरीजों का पर्चा जमा है और वह कतार में खड़े हैं, उनकी रिपोर्ट भी देना चाहिए और सैंपल भी लेना होगा लेकिन जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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मरीजों ने बताई परेशानी
फोटो-4- सरस्वती। संवाद
नहीं मिली दूसरे दिन रिपोर्ट
साईंपुरम की सरस्वती ने बताया कि बेटे की जांच के लिए शुक्रवार को सैंपल लिया गया था। रिपोर्ट लेने के लिए सुबह से लाइन में लगी हूं। जब खड़े-खड़े थक गई तो जमीन में बैठ गई। शनिवार को भी रिपोर्ट नहीं मिल सकी।
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फोटो-5- गंगा देवी। संवाद
दूसरे दिन देने आई हैं सैंपल
गदनखेड़ा की गंगा देवी ने बताया कि डॉक्टर ने जांच कराने की सलाह दी है। सुबह नौ बजे से लाइन में लग गई थीं लेकिन 12 बजे तक नंबर ही नहीं आया। आज लगातार दूसरे दिन है। शुक्रवार को भी सैंपल नहीं लिया गया था।
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बोले सीएमएस
दो बजे तक रिपोर्ट तैयार करनी होती है, इसके पहले ही मरीजों के सैंपल ले लिए जाते हैं। किसी भी मरीज को वापस न करने का निर्देश पहले से ही दिया गया है। फिर भी अगर ऐसा कुछ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। एमएस, डॉ.संजीव
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें करीब 400 मरीजों को डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह देते हैं। शुक्रवार को डॉक्टर की मरीज और तीमारदारों से नोकझोंक भी हुई थी। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों ने डेढ़ बजे ही सैंपल लेना बंद कर दिया था यहीं हाल शनिवार को भी रहा।
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सैंपल देने के लिए मरीज लाइन में लग गएए काफी देर तक नंबर नहीं आया तो जमीन पर बैठ गए। लाइन में खड़े मरीजों ने बताया कि एक दिन सैंपल देने में लग जाता है जबकि रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा लाइन में लगना होता है। इसके बाद जब रिपोर्ट मिलने का नंबर आया तो स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा अब छुट्टी का समय हो गया। अगले दिन रिपोर्ट लेने आना। नियम के अनुसार जितने मरीजों का पर्चा जमा है और वह कतार में खड़े हैं, उनकी रिपोर्ट भी देना चाहिए और सैंपल भी लेना होगा लेकिन जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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मरीजों ने बताई परेशानी
फोटो-4- सरस्वती। संवाद
नहीं मिली दूसरे दिन रिपोर्ट
साईंपुरम की सरस्वती ने बताया कि बेटे की जांच के लिए शुक्रवार को सैंपल लिया गया था। रिपोर्ट लेने के लिए सुबह से लाइन में लगी हूं। जब खड़े-खड़े थक गई तो जमीन में बैठ गई। शनिवार को भी रिपोर्ट नहीं मिल सकी।
फोटो-5- गंगा देवी। संवाद
दूसरे दिन देने आई हैं सैंपल
गदनखेड़ा की गंगा देवी ने बताया कि डॉक्टर ने जांच कराने की सलाह दी है। सुबह नौ बजे से लाइन में लग गई थीं लेकिन 12 बजे तक नंबर ही नहीं आया। आज लगातार दूसरे दिन है। शुक्रवार को भी सैंपल नहीं लिया गया था।
बोले सीएमएस
दो बजे तक रिपोर्ट तैयार करनी होती है, इसके पहले ही मरीजों के सैंपल ले लिए जाते हैं। किसी भी मरीज को वापस न करने का निर्देश पहले से ही दिया गया है। फिर भी अगर ऐसा कुछ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। एमएस, डॉ.संजीव