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Unnao News: आतिशबाजी का वैध से ज्यादा अवैध कारोबार, विस्फोटों में उजड़े कई परिवार
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अब्बासपुर स्थित पटाखा मार्केट में सजी दुकानें। संवाद
उन्नाव। जिले में वैध से ज्यादा अवैध आतिशबाजी का कारोबार है। अवैध कमाई के लालच में कई परिवारों की जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं। जिले में पटाखा बिक्री, निर्माण और भंडार सहित करीब 100 लाइसेंस हैं। लखनऊ, कानपुर, फतेहपुर, हरदोई के बीच होने से जिले में वैध से अधिक अवैध कारोबार है, जो बड़े हादसे हुए उनमें अवैध निर्माण या अवैध भंडारण की बात सामने आई।
कन्नौज जिले में मंगलवार को आतिशबाजी के अवैध कारखाने में विस्फोट में श्रमिक की मौत के बाद भी प्रशासन अभी अलर्ट नहीं है। कमाई के लालच में लोगों ने घरों और गांव के बाहर बाग-जंगल में चोरी-छिपे आतिशबाजी तैयार करना शुरू कर दिया है। पुरवा, बीघापुर, हसनगंज, बांगरमऊ, मियागंज, औरास, शुक्लागंज, मियागंज, मौरावां सहित कई क्षेत्रों में अवैध कारखानों में पटाखे बनाए जाते हैं। राजधानी लखनऊ, महानगर कानपुर के बीच का जिला होने के साथ ही हरदोई, रायबरेली, फतेहपुर जिले से भी सटा है। इन जिलों में उन्नाव में बने पटाखों की खूब मांग है।
ब्रांडेड कंपनियों से काफी कम कीमत में मिलने और छह-सात गुना अधिक कीमत में बिक्री होने से विक्रेताओं को खूब मुनाफा होता है। यही वजह है कि जिले में अवैध तरीके से आतिशबाजी बनाने का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार जिले में हर साल पटाखों का कारोबार करीब 20 करोड़ रुपये का होता है। आतिशबाजी बनाने का सबसे ज्यादा काम पुरवा और बीघापुर तहसील क्षेत्र में होता है। यहां हर साल अवैध भंडारण पकड़ा जाता है।
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जिले में आतिश बनाने का कोई लाइसेंस नहीं है। सिर्फ बिक्री का लाइसेंस हैं। समय-समय पर जांच भी की जा रही है। अगर कोई आतिशबाजी बना रहा है तो वह कारखाने अवैध हैं। बताया कि आयुध कार्यालय और विभाग के रिकार्ड का मिलान कर सभी आतिशबाजी दुकानों का सत्यापन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि भंडारण और बिक्री, लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।-अनूप सिंह, सीएफओ।
पटाखा बाजार का एसडीएम और सीओ ने किया था निरीक्षण
शहर के पास अब्बासपुर में बड़ी पटाखा मार्केट है। कई जिलों से खरीदार आते हैं। दुकानों का लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, आग से बचाव और बुझाने के इंतजाम आदि बिंदुओं पर जांच हुई थी। एक सप्ताह पहले एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, सीएफओ अनूप सिंह और सीओ सिटी विनी सिंह ने जांच की थी। तीन दुकानों में स्टॉक रजिस्टर सही नहीं मिला था। दोबारा कमी मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी। हालांकि इसके बाद दोबारा जांच नहीं हुई।
तहसील-भंडारण व बिक्री दुकानें
सदर-33
सफीपुर-07
बांगरमऊ-14
हसनगंज-08
पुरवा-15
बीघापुर-32
कुल-109
जिले में बारूद व पटाखा विस्फोट की बड़ी घटनाएं
09 जुलाई 2024- बिहार थाना के पकराखुर्द में दुकान में रखे पटाखों में विस्फोट, बाहर सो रहे आतिशबाज अली अहमद की मौत।
30 जून 2024-सोहरामऊ के बिलौरा गांव में ताहिर उर्फ पप्पू के घर में विस्फोट होने से आसपास के कई मकान दरक गए थे।
25 जून 2024- पुरवा कोतवाली के बिछिया कस्बा में गुड्डू वेल्डिंग की दुकान में रखे बारूद व पटाखों में विस्फोट, बिजली विभाग के एसएसओ सुनील कुमार की मौत।
13 मई 2019- सदर कोतवाली के हरदोई रोड स्थित दोस्तीनगर में चाय की दुकान में आग लगने से पास में अहमद अलगी की पटाखा दुकान में आग लगी, इसके बाद मोहम्मद अख्तर की दुकान भी जली। घंटों अफरातफरी रही।
05 अक्तूबर 2016 को सोहरामऊ के आशाखेड़ा में लोडर में लदे बारूद में विस्फोट में चालक की मौत।
30 अप्रैल 2014 मौरावां कस्बे के मोहल्ला पटेबाजार में पटाखे बनाते समय विस्फोट, आतिशबाज अशरफ खां की मौत।
10 फरवरी 2014 शहर के मोहल्ला पीतांबर नगर स्थित फुलझड़ी कारखाने में सुतली बम बनाते समय विस्फोट में एक महिला श्रमिक सहित तीन की मौत।
20 सितंबर 2013 हसनगंज के मोहान कस्बे के मोहल्ला पकरा में अवैध पटाखा कारखाने में विस्फोट से आतिशबाज की पत्नी, तीन बेटे व बेटी सहित छह की मौत।
11 जून 2013 को सदर कोतवाली में जब्त कर रखे गए पटाखों में विस्फोट से हडक़ंप मच गया था।
19 अगस्त 2012 बांगरमऊ में नानामऊ रोड पर जुनेद के मकान में बारूद के विस्फोट में मकान की छत उड़ी चार लोग घायल हुए।
16 दिसंबर 2011 आसीवन कस्बा के पीरजादा मोहल्ला में अवैध कारखाने में विस्फोट में मां-बेटे समेत तीन की मौत।
21 नवंबर 2010 में शहर के मोहल्ला एबी नगर में पटाखा विक्रेता के घर अवैध भंडार में विस्फोट से एक की मौत।
20 अक्तूबर 2009-आसीवन कस्बा में एक मकान में पटाखा बनाते समय विस्फोट से मकान गिरा, तीन लोगों की मौत।
27 नवंबर 2006- पुरवा के चमियानी गांव में पटाखा बनाते समय बारूदी विस्फोट से पांच लोगों की मौत हो गई थी।
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कन्नौज जिले में मंगलवार को आतिशबाजी के अवैध कारखाने में विस्फोट में श्रमिक की मौत के बाद भी प्रशासन अभी अलर्ट नहीं है। कमाई के लालच में लोगों ने घरों और गांव के बाहर बाग-जंगल में चोरी-छिपे आतिशबाजी तैयार करना शुरू कर दिया है। पुरवा, बीघापुर, हसनगंज, बांगरमऊ, मियागंज, औरास, शुक्लागंज, मियागंज, मौरावां सहित कई क्षेत्रों में अवैध कारखानों में पटाखे बनाए जाते हैं। राजधानी लखनऊ, महानगर कानपुर के बीच का जिला होने के साथ ही हरदोई, रायबरेली, फतेहपुर जिले से भी सटा है। इन जिलों में उन्नाव में बने पटाखों की खूब मांग है।
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ब्रांडेड कंपनियों से काफी कम कीमत में मिलने और छह-सात गुना अधिक कीमत में बिक्री होने से विक्रेताओं को खूब मुनाफा होता है। यही वजह है कि जिले में अवैध तरीके से आतिशबाजी बनाने का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार जिले में हर साल पटाखों का कारोबार करीब 20 करोड़ रुपये का होता है। आतिशबाजी बनाने का सबसे ज्यादा काम पुरवा और बीघापुर तहसील क्षेत्र में होता है। यहां हर साल अवैध भंडारण पकड़ा जाता है।
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जिले में आतिश बनाने का कोई लाइसेंस नहीं है। सिर्फ बिक्री का लाइसेंस हैं। समय-समय पर जांच भी की जा रही है। अगर कोई आतिशबाजी बना रहा है तो वह कारखाने अवैध हैं। बताया कि आयुध कार्यालय और विभाग के रिकार्ड का मिलान कर सभी आतिशबाजी दुकानों का सत्यापन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि भंडारण और बिक्री, लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।-अनूप सिंह, सीएफओ।
पटाखा बाजार का एसडीएम और सीओ ने किया था निरीक्षण
शहर के पास अब्बासपुर में बड़ी पटाखा मार्केट है। कई जिलों से खरीदार आते हैं। दुकानों का लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, आग से बचाव और बुझाने के इंतजाम आदि बिंदुओं पर जांच हुई थी। एक सप्ताह पहले एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, सीएफओ अनूप सिंह और सीओ सिटी विनी सिंह ने जांच की थी। तीन दुकानों में स्टॉक रजिस्टर सही नहीं मिला था। दोबारा कमी मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी। हालांकि इसके बाद दोबारा जांच नहीं हुई।
तहसील-भंडारण व बिक्री दुकानें
सदर-33
सफीपुर-07
बांगरमऊ-14
हसनगंज-08
पुरवा-15
बीघापुर-32
कुल-109
जिले में बारूद व पटाखा विस्फोट की बड़ी घटनाएं
09 जुलाई 2024- बिहार थाना के पकराखुर्द में दुकान में रखे पटाखों में विस्फोट, बाहर सो रहे आतिशबाज अली अहमद की मौत।
30 जून 2024-सोहरामऊ के बिलौरा गांव में ताहिर उर्फ पप्पू के घर में विस्फोट होने से आसपास के कई मकान दरक गए थे।
25 जून 2024- पुरवा कोतवाली के बिछिया कस्बा में गुड्डू वेल्डिंग की दुकान में रखे बारूद व पटाखों में विस्फोट, बिजली विभाग के एसएसओ सुनील कुमार की मौत।
13 मई 2019- सदर कोतवाली के हरदोई रोड स्थित दोस्तीनगर में चाय की दुकान में आग लगने से पास में अहमद अलगी की पटाखा दुकान में आग लगी, इसके बाद मोहम्मद अख्तर की दुकान भी जली। घंटों अफरातफरी रही।
05 अक्तूबर 2016 को सोहरामऊ के आशाखेड़ा में लोडर में लदे बारूद में विस्फोट में चालक की मौत।
30 अप्रैल 2014 मौरावां कस्बे के मोहल्ला पटेबाजार में पटाखे बनाते समय विस्फोट, आतिशबाज अशरफ खां की मौत।
10 फरवरी 2014 शहर के मोहल्ला पीतांबर नगर स्थित फुलझड़ी कारखाने में सुतली बम बनाते समय विस्फोट में एक महिला श्रमिक सहित तीन की मौत।
20 सितंबर 2013 हसनगंज के मोहान कस्बे के मोहल्ला पकरा में अवैध पटाखा कारखाने में विस्फोट से आतिशबाज की पत्नी, तीन बेटे व बेटी सहित छह की मौत।
11 जून 2013 को सदर कोतवाली में जब्त कर रखे गए पटाखों में विस्फोट से हडक़ंप मच गया था।
19 अगस्त 2012 बांगरमऊ में नानामऊ रोड पर जुनेद के मकान में बारूद के विस्फोट में मकान की छत उड़ी चार लोग घायल हुए।
16 दिसंबर 2011 आसीवन कस्बा के पीरजादा मोहल्ला में अवैध कारखाने में विस्फोट में मां-बेटे समेत तीन की मौत।
21 नवंबर 2010 में शहर के मोहल्ला एबी नगर में पटाखा विक्रेता के घर अवैध भंडार में विस्फोट से एक की मौत।
20 अक्तूबर 2009-आसीवन कस्बा में एक मकान में पटाखा बनाते समय विस्फोट से मकान गिरा, तीन लोगों की मौत।
27 नवंबर 2006- पुरवा के चमियानी गांव में पटाखा बनाते समय बारूदी विस्फोट से पांच लोगों की मौत हो गई थी।