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Unnao News: सिर और सीने में गोली मारकर की थी मुंशी की हत्या
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अलचगंज। कचहरी से घर जा रहे अधिवक्ता के मुंशी की सिर और सीने में दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी। पैनल और वीडियोग्रॉफी के बीच हुए पोस्टमार्टम में यह बात सामने आई है। सिर में दाहिने ओर से गोली मारी गई थी जो बायीं ओर से पार हो गई। सीने में भी मारी गई गोली पार हो गई। पत्नी की तहरीर पर परिवार के ही दो भाइयों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अभी तक कि जांच में जमीन के विवाद में ही हत्या की बात सामने आ रही है।
अचलगंज थाना क्षेत्र के नेवरना चौकी के अजीतखेड़ा निवासी गोविंद यादव (48) सिविल लाइंस निवासी अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी के बस्ते पर मुंशी थे। बृहस्पतिवार की शाम कचहरी से घर जाते समय उन्नाव-पड़री मार्ग पर नेवरना चौकी से पहले लालीहार स्थित शराब ठेके के पास उनकी हत्या कर दी गई थी।
पत्नी शांतिदेवी ने परिवार के ही अनुज उर्फ छोटू और उसके भाई धुनारी उर्फ आलोक पर जमीन के विवाद में हत्या करने की तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि दोनों ने 15 दिन पहले धमकी दी थी। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने रात में ही अनुज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में जमीन के विवाद की बात सामने आई है। शुक्रवार को डॉ. सुमित सौरभ सिंह और डॉक्टर राजेश ने वीडियोग्रॉफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। गोली न मिलने पर शव का एक्सरे कराया गया। इसमें सिर और सीने में सटाकर मारने से गोली पार होने की पुष्टि हुई है।
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दोपहर करीब 2:30 बजे शव गांव पहुंचा। बेटी दीक्षा यादव दक्षिण भारत में रहती है, देर शाम पहुंचने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में हत्यारोपी का छोटा भाई और पिता भी शामिल हुए। सीओ मधुपनाथ मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पत्नी ने जिसे किया नामजद वह अपनी कार से ले गया था अस्पताल
पत्नी की तहरीर पर जिन दो भाइयों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, उसमें एक ने घायल मुंशी को अपनी कार से जिला अस्पताल पहुंचाया था। छोटा भाई बाद में आया था। गोविंद यादव की गोली मारकर हत्या करने के बाद परिवार का ही अनुज उर्फ छोटू मौके से भाग गया था। बाद में जिला अस्पताल पहुंचा। आरोपी अनुज का भाई और मृतक का भतीजा आलोक उर्फ धुनारी शराब ठेके के सामने खेत में कैंटीन चलाता था, वह घायल गोविंद को अपनी कार से जिला अस्पताल लाया था। तहरीर में उसका नाम होने पर पुलिस ने जिला अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया था।
यह है विवाद का कारण
गोविंद का भतीजे अनुज उर्फ छोटू से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद था। गोविंद अकेले थे और छोटू तीन भाई हैं। छोटकवा खेड़ा गांव स्थित गोविंद की जमीन के कुछ हिस्से पर अनुज कब्जा किए है। पुश्तैनी घर पर भी छोटू ने हक जमा रखा है। इधर कुछ साल से गोविंद के दो बेटे भी सक्षम हो गए और वह अपना हिस्सा वापस लेना चाहते थे। इसी साल जमीन में तारबंदी करते समय विवाद भी हुआ था।
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अचलगंज थाना क्षेत्र के नेवरना चौकी के अजीतखेड़ा निवासी गोविंद यादव (48) सिविल लाइंस निवासी अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी के बस्ते पर मुंशी थे। बृहस्पतिवार की शाम कचहरी से घर जाते समय उन्नाव-पड़री मार्ग पर नेवरना चौकी से पहले लालीहार स्थित शराब ठेके के पास उनकी हत्या कर दी गई थी।
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पत्नी शांतिदेवी ने परिवार के ही अनुज उर्फ छोटू और उसके भाई धुनारी उर्फ आलोक पर जमीन के विवाद में हत्या करने की तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि दोनों ने 15 दिन पहले धमकी दी थी। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने रात में ही अनुज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में जमीन के विवाद की बात सामने आई है। शुक्रवार को डॉ. सुमित सौरभ सिंह और डॉक्टर राजेश ने वीडियोग्रॉफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। गोली न मिलने पर शव का एक्सरे कराया गया। इसमें सिर और सीने में सटाकर मारने से गोली पार होने की पुष्टि हुई है।
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दोपहर करीब 2:30 बजे शव गांव पहुंचा। बेटी दीक्षा यादव दक्षिण भारत में रहती है, देर शाम पहुंचने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में हत्यारोपी का छोटा भाई और पिता भी शामिल हुए। सीओ मधुपनाथ मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पत्नी ने जिसे किया नामजद वह अपनी कार से ले गया था अस्पताल
पत्नी की तहरीर पर जिन दो भाइयों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, उसमें एक ने घायल मुंशी को अपनी कार से जिला अस्पताल पहुंचाया था। छोटा भाई बाद में आया था। गोविंद यादव की गोली मारकर हत्या करने के बाद परिवार का ही अनुज उर्फ छोटू मौके से भाग गया था। बाद में जिला अस्पताल पहुंचा। आरोपी अनुज का भाई और मृतक का भतीजा आलोक उर्फ धुनारी शराब ठेके के सामने खेत में कैंटीन चलाता था, वह घायल गोविंद को अपनी कार से जिला अस्पताल लाया था। तहरीर में उसका नाम होने पर पुलिस ने जिला अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया था।
यह है विवाद का कारण
गोविंद का भतीजे अनुज उर्फ छोटू से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद था। गोविंद अकेले थे और छोटू तीन भाई हैं। छोटकवा खेड़ा गांव स्थित गोविंद की जमीन के कुछ हिस्से पर अनुज कब्जा किए है। पुश्तैनी घर पर भी छोटू ने हक जमा रखा है। इधर कुछ साल से गोविंद के दो बेटे भी सक्षम हो गए और वह अपना हिस्सा वापस लेना चाहते थे। इसी साल जमीन में तारबंदी करते समय विवाद भी हुआ था।