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Unnao News: साइबर ठग गिरोह का भांडाफोड़, नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, एक भागा
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नवाबगंज। अजगैन पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के चार बदमाशों को पकड़ा है। इसमें एक नाबालिग है। एक अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक आरोपी, बैंक खातों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी के रुपयों का लेनदेन करते थे और बदले में कमीशन भी लेते थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेजा है। नाबालिग को संरक्षण में लिया है।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के भवानीपुर गांव निवासी नन्हकऊ प्रसाद ने पांच अक्तूबर को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि सवा महीने पहले पड़ोसी अमित के फोन से अपनी पासबुक की फोटो खींचकर बेटे को भेजी थी। पासबुक की फोटो अमित के फोन में ही पड़ी रही। छह सितंबर को मेरे खाते में 25-25 हजार करके एक लाख रुपये आए।
अमित ने कहा कि ये मेरे पिता के सरकारी रुपये हैं, इसे निकाल दो। इस पर नौ सितंबर को अमित के पिता सरजू प्रसाद के खाते में पूरे एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। नन्हकऊ के मुताबिक 27 सितंबर को जब बैंक पासबुक में इंट्री कराने गए तो मैनेजर ने बताया कि मेरे खाते में साइबर ठगी के एक लाख रुपये आए हैं। इस कारण खाते पर रोक लगा दी गई है।
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इस पर नन्हकऊ प्रसाद ने सरजू प्रसाद से बात की और 30 सितंबर को चेक के माध्यम से एक लाख रुपये वापस कर दिए। जब नन्हकऊ ने अमित से खाते में गलत तरीके से रुपये मंगवाने की जानकारी ली तो उसने बताया कि वह लखनऊ के थाना गाजीपुर के सर्वोदय नगर निवासी दानिश, थाना मड़ियांव के पल्टन निवासी अमान, गाजीपुर थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग और अजगैन कोतवाली के सुरेश नगर निवासी अंकुश और राहुल उर्फ अजय शर्मा के साथ खातों में साइबर फ्रॉड का पैसा मंगवाकर कमीशन लेते हैं।
अजगैन प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि अमित, अंकुश और राहुल शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बाल अपचारी संरक्षण में है। एक फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।
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अजगैन कोतवाली क्षेत्र के भवानीपुर गांव निवासी नन्हकऊ प्रसाद ने पांच अक्तूबर को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि सवा महीने पहले पड़ोसी अमित के फोन से अपनी पासबुक की फोटो खींचकर बेटे को भेजी थी। पासबुक की फोटो अमित के फोन में ही पड़ी रही। छह सितंबर को मेरे खाते में 25-25 हजार करके एक लाख रुपये आए।
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अमित ने कहा कि ये मेरे पिता के सरकारी रुपये हैं, इसे निकाल दो। इस पर नौ सितंबर को अमित के पिता सरजू प्रसाद के खाते में पूरे एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। नन्हकऊ के मुताबिक 27 सितंबर को जब बैंक पासबुक में इंट्री कराने गए तो मैनेजर ने बताया कि मेरे खाते में साइबर ठगी के एक लाख रुपये आए हैं। इस कारण खाते पर रोक लगा दी गई है।
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इस पर नन्हकऊ प्रसाद ने सरजू प्रसाद से बात की और 30 सितंबर को चेक के माध्यम से एक लाख रुपये वापस कर दिए। जब नन्हकऊ ने अमित से खाते में गलत तरीके से रुपये मंगवाने की जानकारी ली तो उसने बताया कि वह लखनऊ के थाना गाजीपुर के सर्वोदय नगर निवासी दानिश, थाना मड़ियांव के पल्टन निवासी अमान, गाजीपुर थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग और अजगैन कोतवाली के सुरेश नगर निवासी अंकुश और राहुल उर्फ अजय शर्मा के साथ खातों में साइबर फ्रॉड का पैसा मंगवाकर कमीशन लेते हैं।
अजगैन प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि अमित, अंकुश और राहुल शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बाल अपचारी संरक्षण में है। एक फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।