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Unnao News: बारिश ने छीनी छत...न आवास मिला न मुआवजा
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असोहा ब्लाक की ग्राम पंचायत पाठकपुर में गिरे कच्चे घर को दिखाता मोनू। स्रोत: आर्काइव
उन्नाव। बारिश से जिले में दो माह में घरगिरी की 2164 घटनाएं हुई लेकिन मुआवजा केवल 25 लोगों को ही मिल पाया है। मुआवजा उन मामलों में मिला जिनमें जनहानि हुई है। बाकी लोग इंतजार ही कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना से पक्के आवास देने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है जिससे पीड़ित खुले में जीवनयापन करने के लिए मजबूर हैं।
तेज बारिश के दौरान कच्चे घर गिरने की घटनाएं हुईं। आपदा विभाग में आई सूचना रिपोर्ट में सदर तहसील ने सबसे ज्यादा 897 घरगिरी की जानकारी दी है। दूसरे नंबर पर बीघापुर तहसील रही है। यहां से 450 घर गिरने की सूचना भेजी गई है। पुरवा तहसील में 290, मोहान में 259, बांगरमऊ में 129 और सफीपुर में 106 घरगिरी के मामले सामने आए हैं। कच्चे घर गिरने के इन मामलों को दो माह बीत गए लेकिन किसी को मुआवजा नहीं मिल सका है।
आपदा विभाग के सूत्रों का कहना है कि जो घरगिरी की रिपोर्ट तहसीलों से आई है उनकी संख्या काफी ज्यादा है, जो संदेह के घेरे में है। इस कारण दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। इसके चलते ही अभी मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। घरगिरी के पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल करने के निर्देश हैं लेकिन तहसील से मुआवजा राशि निर्धारित न होने से पक्का आवास भी अभी नहीं दिया जा रहा है।
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इंसेट-1
घरगिरी में 25 लोगों की जान गई, मिला एक करोड़ मुआवजा
आपदा विभाग की ओर से अभी तक घरगिरी के 25 मामलों में जान गवाने वालों के आश्रितों को करीब एक करोड़ का मुआवजा दिया गया है। शासन के कड़े निर्देशों के कारण ही घरगिरी में जनहानि के आश्रितों में प्रत्येक को चार लाख की आपदा राहत दी गई। अन्य को राजस्व विभाग से कोई सहायता राशि नहीं मिल पाई है। इसके अलावा 13 मवेशियों की मौत पर भी पशुपालकों को करीब तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
केस-1
पक्के आवास के लिए अधिकारियों के लगा रहे चक्कर
असोहा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत पाठकपुर निवासी मोनू शुक्ला का कच्चा घर बारिश से गिर गया था। अब मोनू के पास रहने के लिए पक्की छत नहीं है। परिवार को रहने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वह पक्के आवास के लिए ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक के चक्कर लगा रहे हैं।
केस-2
घर गिरने से खुले आसमान के नीचे आ गई महिला
मौरावां। ब्लॉक हिलौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत संदाना के मजरे रामपुर निवासी मीना देवी का घर 19 अगस्त की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से ढह गया था। पति बिंदाचरन की मौत हो चुकी है। लेखपाल ने क्षतिग्रस्त हुए घर का निरीक्षण करते रिपोर्ट तैयार की थी। अभी तक पक्का आवास नहीं मिल सका है।
वर्जन....
घरगिरी के जिन मामलों की रिपोर्ट तहसीलों से आई है, उनका दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए तहसीलदारों को सूची वापस लेकर आख्या मांगी गई है। जैसे ही सत्यापन रिपोर्ट आ जाएगी, वैसे ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।
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तेज बारिश के दौरान कच्चे घर गिरने की घटनाएं हुईं। आपदा विभाग में आई सूचना रिपोर्ट में सदर तहसील ने सबसे ज्यादा 897 घरगिरी की जानकारी दी है। दूसरे नंबर पर बीघापुर तहसील रही है। यहां से 450 घर गिरने की सूचना भेजी गई है। पुरवा तहसील में 290, मोहान में 259, बांगरमऊ में 129 और सफीपुर में 106 घरगिरी के मामले सामने आए हैं। कच्चे घर गिरने के इन मामलों को दो माह बीत गए लेकिन किसी को मुआवजा नहीं मिल सका है।
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आपदा विभाग के सूत्रों का कहना है कि जो घरगिरी की रिपोर्ट तहसीलों से आई है उनकी संख्या काफी ज्यादा है, जो संदेह के घेरे में है। इस कारण दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। इसके चलते ही अभी मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। घरगिरी के पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल करने के निर्देश हैं लेकिन तहसील से मुआवजा राशि निर्धारित न होने से पक्का आवास भी अभी नहीं दिया जा रहा है।
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घरगिरी में 25 लोगों की जान गई, मिला एक करोड़ मुआवजा
आपदा विभाग की ओर से अभी तक घरगिरी के 25 मामलों में जान गवाने वालों के आश्रितों को करीब एक करोड़ का मुआवजा दिया गया है। शासन के कड़े निर्देशों के कारण ही घरगिरी में जनहानि के आश्रितों में प्रत्येक को चार लाख की आपदा राहत दी गई। अन्य को राजस्व विभाग से कोई सहायता राशि नहीं मिल पाई है। इसके अलावा 13 मवेशियों की मौत पर भी पशुपालकों को करीब तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
केस-1
पक्के आवास के लिए अधिकारियों के लगा रहे चक्कर
असोहा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत पाठकपुर निवासी मोनू शुक्ला का कच्चा घर बारिश से गिर गया था। अब मोनू के पास रहने के लिए पक्की छत नहीं है। परिवार को रहने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वह पक्के आवास के लिए ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक के चक्कर लगा रहे हैं।
केस-2
घर गिरने से खुले आसमान के नीचे आ गई महिला
मौरावां। ब्लॉक हिलौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत संदाना के मजरे रामपुर निवासी मीना देवी का घर 19 अगस्त की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से ढह गया था। पति बिंदाचरन की मौत हो चुकी है। लेखपाल ने क्षतिग्रस्त हुए घर का निरीक्षण करते रिपोर्ट तैयार की थी। अभी तक पक्का आवास नहीं मिल सका है।
वर्जन....
घरगिरी के जिन मामलों की रिपोर्ट तहसीलों से आई है, उनका दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए तहसीलदारों को सूची वापस लेकर आख्या मांगी गई है। जैसे ही सत्यापन रिपोर्ट आ जाएगी, वैसे ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।

असोहा ब्लाक की ग्राम पंचायत पाठकपुर में गिरे कच्चे घर को दिखाता मोनू। स्रोत: आर्काइव