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Unnao News: पांच किमी दूर से आए पीड़ित... नौ घंटे बाद मिली राहत सामग्री
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फोटो-24-राहत सामग्री पर सिर रखकर सोया घंटों इंतजार से थका मासूम। संवाद
परियर। राहत सामग्री देने के लिए बुलाए गए सदर तहसील के पनपथा गांव के बाढ़ पीड़ितों को नौ घंटे इंतजार करना पड़ा। दो किलोमीटर नाव से राहत सामग्री की आस में सुबह नौ बजे ही वितरणस्थल पहुंचे पीड़ितों को अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद सामग्री मिल सकी। बड़ी बात यह रही कि क्षेत्रीय विधायक दो बजे पहुंचे थे तो सांसद शाम चार बजे। पीड़ितों के साथ रहे बच्चे भूख-प्यास से बेहाल रहे। वहीं एसडीएम का कहना है कि बच्चों के लिए केले, बिस्किट आदि की व्यवस्था की गई थी।
सदर तहसील के पनपथा गांव के 170 बाढ़ पीड़ितों को सोमवार को सांसद और विधायक को राहत सामग्री बांटना था। इसकी जानकारी पीड़ितों को पहले ही दे दी गई थी। राहत की उम्मीद में पीड़ित सुबह आठ बजे ही घर से रवाना हो गए थे। वितरणस्थल करीब पांच किलोमीटर दूर परियर स्थित बाबा बलखंडेश्वर मंदिर बनाया गया था।
पनपथा से मरौंदा के बीच बाढ़ के पानी से डूबी सड़क के कारण बाढ़ प्रभावित ग्रामीण लगभग दो किलोमीटर नाव से सफर करते हुए पहले मरौंदा पहुंचे फिर वहां से लगभग तीन किलोमीटर दूर वितरण स्थल पैदल चलकर पहुंचे। ज्यादातर पीड़ित सुबह करीब नौ बजे ही पहुंच गए थे। फिर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आने का इंतजार किया।
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पीड़ितों के लिए न खाने की कोई व्यवस्था थी और न ही पानी कर इंतजाम। भूख और प्यास से बेहाल पीड़ित बच्चों के साथ राहत सामग्री का इंतजार करते रहे। करीब दो बजे सदर विधायक पंकज गुप्ता पहुंचे तो कुछ पीड़ितों को सामग्री दी गई। फिर शाम करीब चार बजे सांसद डॉ. साक्षी महाराज पहुंचे और पीड़ितों को राहत किट का वितरण शुरू किया। शाम सात बजे के आसपास सभी पीड़ितों को सामग्री मिल सकी। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा का कहना है कि वितरण कार्यक्रम का समय दो बजे निर्धारित था। जनप्रतिनिधियों के पहुंचने में कुछ देरी हुई थी। हालांकि इस दौरान बच्चों को केले, बिस्किट व पानी आदि की व्यवस्था कराई गई थी।
उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा कटरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर विधायक आशुतोष शुक्ला ने रामनगर में 90 पीड़ित परिवारों को 15 दिनों की राहत सामग्री वितरित की। नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव, लेखपाल राकेश कुमार, प्रशासक दीक्षा, राम मंगल मिश्रा, सुरेश यादव, राजू रैथाना, पंकज दीक्षित आदि मौजूद रहे।
फोटो-26-पेड़ के नीचे डेरा जमाए बाढ़ प्रभावित परिवार। संवाद
गंगा का जलस्तर घटा, पर कम नहीं दुश्वारियां
परियर। गंगा के जलस्तर घटने लगा है। सोमवार दोपहर जलस्तर घटकर 113.050 मीटर पर आ गया। इसके बाद भी क्षेत्रों में अभी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबूबंगला, चंडीबंगला, देवीपुरवा, लालतूपुरवा व महानंदपुरवा गांवों में करीब आधा फीट जलस्तर कम हुआ है। जिन घरों में बाढ़ का पानी घुसा है, वहां के लोग सामान व मवेशी लेकर पेड़ों के नीचे डेरा डाले हैं।
फोटो-27-अढौली गांव में नष्ट फसल देखता किसान। संवाद
तीन गांवों में करेला, कुम्हड़ा और धान की फसलें हुईं नष्ट
बीघापुर। लोन नदी में आई बाढ़ से अढौली, बनपुरा व अफसरी गांव में सब्जी की खेती करने वाले किसानों की फसल नष्ट हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान करेले की फसल को हुआ है। अढौली निवासी दिनेश सिंह की करेला की लगभग डेढ़ बीघा फसल में पानी भर गया। इससे बेल पीली होकर सूख गई है। लगभग ढाई बीघा कुम्हड़ा की फसल में भी पानी भर जाने से सड़न होने लगी है। किसान अजीत पाल ने बताया कि करेला की लगभग तीन बीघा फसल बाढ़ में डूब जाने से पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसान राम प्रताप सिंह की करेला की लगभग दो बीघा, एक बीघा कुम्हड़ा व चार बीघा धान की फसल को नुकसान हुआ है। किसान पियारे लाल ने बताया कि करेला की फसल लगभग पंद्रह बिस्वा फसल बाढ़ की चपेट में आने से नष्ट हो गई है। ग्राम प्रशासक संध्या ने तहसील प्रशासन से फसल का मूल्यांकन कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो को भेजकर सर्वे कराया जा रहा है, जिन किसानों को नुकसान हुआ है उन्हें जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा।
फोटो-28-उम्मेदखेड़ा में भरे पानी के बीच बाइक से बीमार पत्नी को लेकर जाता रमेश। संवाद
नावों का अता-पता नहीं, गहरे पानी से आवागमन करने को मजबूर लोग
चकलवंशी। ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के उम्मेदखेड़ा (बंधवा) में 22 परिवार बाढ़ से जूझ रहे हैं। गलियारों से लेकर घरों में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। प्रशासन की दो नावें कहीं नजर नहीं आ रही हैं। सोमवार को गांव के रमेश बीमार पत्नी को बाइक पर बैठाकर पानी से निकलने को मजबूर हैं। गांव के सुरेश, शंकरी, कल्लू, भइयाल आदि लोगों ने बताया कि गांव में कोई नाव नहीं है, जिससे पानी में पैदल घर आना-जाना हो रहा है। लेखपाल मनोज तिवारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से दो नाव लगाई गई हैं।
फोटो-29-मवेशियों का टीकाकरण करते पशु चिकित्सक। स्रोत: कर्मी।
मवेशियों को लगाए गए टीके
सफीपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रामपुर, उड़नपुरवा, नीबीगाड़ा एवं हमजापुर में पशुपालन विभाग के कर्मियों ने पहुंचकर मवेशियों की जांच की। मवेशियों को बीमारियों से बचाव के टीके लगाए। साथ ही दवा का भी वितरण किया गया। पांच गांवों में करीब 200 मवेशियों को टीके लगाए गए।
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सदर तहसील के पनपथा गांव के 170 बाढ़ पीड़ितों को सोमवार को सांसद और विधायक को राहत सामग्री बांटना था। इसकी जानकारी पीड़ितों को पहले ही दे दी गई थी। राहत की उम्मीद में पीड़ित सुबह आठ बजे ही घर से रवाना हो गए थे। वितरणस्थल करीब पांच किलोमीटर दूर परियर स्थित बाबा बलखंडेश्वर मंदिर बनाया गया था।
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पनपथा से मरौंदा के बीच बाढ़ के पानी से डूबी सड़क के कारण बाढ़ प्रभावित ग्रामीण लगभग दो किलोमीटर नाव से सफर करते हुए पहले मरौंदा पहुंचे फिर वहां से लगभग तीन किलोमीटर दूर वितरण स्थल पैदल चलकर पहुंचे। ज्यादातर पीड़ित सुबह करीब नौ बजे ही पहुंच गए थे। फिर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आने का इंतजार किया।
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पीड़ितों के लिए न खाने की कोई व्यवस्था थी और न ही पानी कर इंतजाम। भूख और प्यास से बेहाल पीड़ित बच्चों के साथ राहत सामग्री का इंतजार करते रहे। करीब दो बजे सदर विधायक पंकज गुप्ता पहुंचे तो कुछ पीड़ितों को सामग्री दी गई। फिर शाम करीब चार बजे सांसद डॉ. साक्षी महाराज पहुंचे और पीड़ितों को राहत किट का वितरण शुरू किया। शाम सात बजे के आसपास सभी पीड़ितों को सामग्री मिल सकी। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा का कहना है कि वितरण कार्यक्रम का समय दो बजे निर्धारित था। जनप्रतिनिधियों के पहुंचने में कुछ देरी हुई थी। हालांकि इस दौरान बच्चों को केले, बिस्किट व पानी आदि की व्यवस्था कराई गई थी।
उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा कटरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर विधायक आशुतोष शुक्ला ने रामनगर में 90 पीड़ित परिवारों को 15 दिनों की राहत सामग्री वितरित की। नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव, लेखपाल राकेश कुमार, प्रशासक दीक्षा, राम मंगल मिश्रा, सुरेश यादव, राजू रैथाना, पंकज दीक्षित आदि मौजूद रहे।
फोटो-26-पेड़ के नीचे डेरा जमाए बाढ़ प्रभावित परिवार। संवाद
गंगा का जलस्तर घटा, पर कम नहीं दुश्वारियां
परियर। गंगा के जलस्तर घटने लगा है। सोमवार दोपहर जलस्तर घटकर 113.050 मीटर पर आ गया। इसके बाद भी क्षेत्रों में अभी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबूबंगला, चंडीबंगला, देवीपुरवा, लालतूपुरवा व महानंदपुरवा गांवों में करीब आधा फीट जलस्तर कम हुआ है। जिन घरों में बाढ़ का पानी घुसा है, वहां के लोग सामान व मवेशी लेकर पेड़ों के नीचे डेरा डाले हैं।
फोटो-27-अढौली गांव में नष्ट फसल देखता किसान। संवाद
तीन गांवों में करेला, कुम्हड़ा और धान की फसलें हुईं नष्ट
बीघापुर। लोन नदी में आई बाढ़ से अढौली, बनपुरा व अफसरी गांव में सब्जी की खेती करने वाले किसानों की फसल नष्ट हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान करेले की फसल को हुआ है। अढौली निवासी दिनेश सिंह की करेला की लगभग डेढ़ बीघा फसल में पानी भर गया। इससे बेल पीली होकर सूख गई है। लगभग ढाई बीघा कुम्हड़ा की फसल में भी पानी भर जाने से सड़न होने लगी है। किसान अजीत पाल ने बताया कि करेला की लगभग तीन बीघा फसल बाढ़ में डूब जाने से पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसान राम प्रताप सिंह की करेला की लगभग दो बीघा, एक बीघा कुम्हड़ा व चार बीघा धान की फसल को नुकसान हुआ है। किसान पियारे लाल ने बताया कि करेला की फसल लगभग पंद्रह बिस्वा फसल बाढ़ की चपेट में आने से नष्ट हो गई है। ग्राम प्रशासक संध्या ने तहसील प्रशासन से फसल का मूल्यांकन कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो को भेजकर सर्वे कराया जा रहा है, जिन किसानों को नुकसान हुआ है उन्हें जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा।
फोटो-28-उम्मेदखेड़ा में भरे पानी के बीच बाइक से बीमार पत्नी को लेकर जाता रमेश। संवाद
नावों का अता-पता नहीं, गहरे पानी से आवागमन करने को मजबूर लोग
चकलवंशी। ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के उम्मेदखेड़ा (बंधवा) में 22 परिवार बाढ़ से जूझ रहे हैं। गलियारों से लेकर घरों में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। प्रशासन की दो नावें कहीं नजर नहीं आ रही हैं। सोमवार को गांव के रमेश बीमार पत्नी को बाइक पर बैठाकर पानी से निकलने को मजबूर हैं। गांव के सुरेश, शंकरी, कल्लू, भइयाल आदि लोगों ने बताया कि गांव में कोई नाव नहीं है, जिससे पानी में पैदल घर आना-जाना हो रहा है। लेखपाल मनोज तिवारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से दो नाव लगाई गई हैं।
फोटो-29-मवेशियों का टीकाकरण करते पशु चिकित्सक। स्रोत: कर्मी।
मवेशियों को लगाए गए टीके
सफीपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रामपुर, उड़नपुरवा, नीबीगाड़ा एवं हमजापुर में पशुपालन विभाग के कर्मियों ने पहुंचकर मवेशियों की जांच की। मवेशियों को बीमारियों से बचाव के टीके लगाए। साथ ही दवा का भी वितरण किया गया। पांच गांवों में करीब 200 मवेशियों को टीके लगाए गए।

फोटो-24-राहत सामग्री पर सिर रखकर सोया घंटों इंतजार से थका मासूम। संवाद