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Unnao News: गंगा ने लांघा लाल निशान, ताले में राहत इंतजाम
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फोटो-23-मरौंदा मंझवारा के पंचायत भवन में बनाई गई बाढ़ चौकी में लटकता ताला। संवाद
उन्नाव। गंगा का पानी बृहस्पतिवार शाम छह बजे खतरे के निशान 113 मीटर से चार सेमी ऊपर यानी 113.04 मीटर पर पहुंच गया। गांवों में हालात भयावह हो गए हैं। घरों के चारों ओर पानी भर गया है। रास्ते जलमग्न हैं। इसके बाद भी सदर तहसील क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियों के ताले नहीं खुले हैं।
जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की साफ-सफाई और बिजली की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ठहरने के लिए गद्दा और अन्य किसी सामान की व्यवस्था अभी नहीं की गई है। बिजली निगम ने एहतियात को लेकर बांगरमऊ के छह, फतेहपुर चौरासी के तीन और बीघापुर की दो ग्राम पंचायतों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में फसलें डूब गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से मवेशियों के चारे का इंतजाम भी नहीं पा रहा है।
दरवाजों तक पहुंचा पानी, नाव से आवागमन
परियर। गंगा का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबू बंगला, कोलवा, टपरा सहित कई गांवों के घरों तक पानी भरा है। मानाबंगला से बाबूबंगला व चंडीबंगला जाने वाला रास्ता व मरौंदा से पनपथा रोड डूब गया है। आवागमन के लिए लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। लोग रोजमर्रा के सामान एकत्रित कर रहे हैं।
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बाढ़ के हालात के बाद भी प्रशासनिक व्यवस्थाएं केवल कागजों में ही संचालित हैं। पनपथा के लोगों के लिए बाढ़ चौकी बनाए गए पंचायतघर में अभी ताला लगा है। मरौंदा सूचित के प्राथमिक विद्यालय में बनाया गया बाढ़ राहत शिविर भी बंद है। जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की साफ-सफाई व बिजली की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ठहरने के लिए गद्दा व अन्य किसी सामान की व्यवस्था नहीं है।
बृहस्पतिवार शाम तहसीलदार मनीष द्विवेदी ने पनपथा का निरीक्षण किया। बताया पानी पनपथा गांव के कुछ घरों के बाहर तक पहुंच गया है। चार नावों का संचालन शुरू करा दिया है। शुक्रवार से बाढ़ चौकी व राहत शिविर शुरू करा दिए जाएंगे। मुनादी कराकर प्रभावित लोगों को राहत शिविर बुलाया जाएगा।
नौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप, एक विद्यालय शिफ्ट
फतेहपुर चौरासी/बांगरमऊ। बाढ़ से तीन गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है। एक प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से दूसरे विद्यालय में किया जाएगा। बाढ़ से बचने के लिए ग्रामीणों ने गांव के किनारे बांध बना लिए हैं। गांव चिरंजूपुरवा से कुशेहर बंगला, कबूलपुर व खैरागाड़ा रुस्तमपुर मार्ग पर जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
एसडीओ एजाज अहमद ने बताया कि शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला व गजियापुर गांवों की बिजली बंद कर दी है। ग्राम प्रशासक रोशन ने बताया कि कुशेहर बंगला में ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के लिए गांव के किनारे बांध बनाए हैं। बीईओ विनय कुमार ने बताया कि बाढ़ के चलते गांव शातिर बंगला के प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से पास के दूसरे स्कूल में किया जाएगा।
बांगरमऊ के गांव मल्लाहनपुरवा, नयापुरवा, भिखारपुरवा, हरीगंज, कुशालपुरवा व धन्नापुरवा की बिजली बंद कर दी गई है। ग्रामीणों में तोताराम, तुलाराम, मनोज, रामकुमार, गेंदेलाल आदि ने बताया कि बिजली न आने से समस्या बनी हुई है। महिलाएं दिन में ही खाना बना लेती हैं जबकि रात के समय जरूरी कार्य मोमबत्ती आदि जलाकर निपटाया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप, तहसील प्रशासन ने नहीं किया नाव का इंतजाम
अचलगंज/बीघापुर। सिकंदरपुर कर्ण क्षेत्र के घोसरापुर, पंचमपुर, छड़उवाखेड़ा आदि गांवों के पास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है लेकिन अभी तक बाढ़ राहत केंद्र नहीं शुरू हुआ है। उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा लालखेड़ा व दूलीखेड़ा में बाढ़ से समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
दूलीखेड़ा के मजरे धर्मपुर, मंझा, शंभू का पुरवा तथा लालखेड़ा के चहलहा, मिश्रनखेड़ा में ज्यादातर किसानों की फसल डूब गई है। फतेहपुर जिले से इन गांवों को बिजली दी जाती है। बाढ़ को देखते हुए गांव की बिजली भी बंद कर दी गई है। बाढ़ का पानी बस्ती के किनारे पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। लोगों ने आवागमन के लिए निजी नाव लगा रखी हैं। लोग गृहस्थी, पालतू मवेशी व अन्य जरूरी सामान लेकर शिवराज-फतेहपुर रोड पर पहुंचने लगे हैं।
लालखेड़ा के आशीष यादव बताते हैं कि गांव तथा मजरों में पानी फिर से चारों ओर पहुंच गया है। तहसील प्रशासन ने नाव का भी इंतजाम नहीं किया है। दूलीखेड़ा के धनंजय यादव ने बताया कि बिजली बंद है। टॉर्च की रोशनी में खाना बनाया जाता है। पालतू जानवरों के लिए भी चारे की व्यवस्था नहीं है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि राहत केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गांव में पानी आने पर सभी को सुरक्षित स्थान में पहुंचने के लिए तैयारी है।
परियर-दबौली मार्ग बंद, तीन गांवों में भरा पानी
सफीपुर/चकलवंशी। गंगा व कल्याणी नदी का बहाव बढ़ते ही क्षेत्र में पानी फैल गया है। परियर-दबौली मार्ग पूरी तरह बंद हो जाने से राजस्व विभाग की नाव का सहारा लेकर लोग आवागमन कर रहे हैं। शेरपुर-मुरादपुर के बीच कल्याणी नदी का पानी सड़क पर आ गया है।
अधिकांश शिक्षक व ग्रामीण लंबा चक्कर लगाकर सनहा-गहोली मार्ग से गुजरे। रामपुर, कारीमाबाद, शेरपुर, उड़ंकपुरवा, नीबीगड़ा, हमजापुर आदि गांव के बाहर घरों में चारों ओर पानी पहुंच गया। उधर, ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी के मोहद्दीनपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न हैं।
मोहद्दीनपुर की शांति, रामप्यारे, लवकुश, धर्मेंद्र व मनोज ने बताया कि गांव में शुद्ध पानी की समस्या थी। इस पर पीने का एक टैंकर लेखपाल ने भिजवाया है। आवागमन के लिए एक नाव भी लगी है। प्यारेपुर के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से रास्ता बंद हो गया। प्राथमिक विद्यालय उम्मेदखेड़ा (बंधवा) की प्रधान शिक्षिका ममता कनौजिया ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवन के निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद से प्यारेपुर स्कूल में संचालन किया जा रहा था। गांव के एक निजी बरामदे में विद्यालय संचालित किया जा रहा है।
भदई अमावस्या स्नान आज, बक्सर घाट जलमग्न
पाटन। भदई अमावस्या पर शुक्रवार को बक्सर में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए हैं। हर साल भदई अमावस्या पर बक्सर में गंगा स्नान के लिए कई जिलों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार घाटों पर जगह कम होने और तेज बहाव के कारण स्नान में दिक्कत होगी। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो सकती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर, नाव, मेडिकल टीम और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए। उधर, तहसील व पुलिस प्रशासन देर शाम तक स्नान स्थल पर बैरीकेडिंग, सीसीटीवी, लाउडस्पीकर युक्त सूचना कक्ष की व्यवस्था कराने में जुटा रहा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बैरीकेडिंग लगाई गई है।
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सई नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल डूबा
हसनगंज। मोहान सई नदी का जलस्तर बढ़ने से मोहान कस्बा के बाहर बना अंत्येष्टि स्थल पानी में पूरी तरह डूब गया। मोहान नगर पंचायत अध्यक्ष समरजीत यादव ने बताया कि सई नदी में बाढ़ आने से अंत्येष्टि स्थल जलमग्न हो गया है। उन्होंने बताया कि दूसरी जगह नए अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है।
वर्जन...
तहसील अधिकारियों से लगातार क्षेत्र में बढ़ते पानी को लेकर अपडेट लिया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी बात की जा रही है। बताया गया है कि बृहस्पतिवार रात से पानी स्थिर होना शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से पानी उतरने की संभावना है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।
फोटो-24-दूलीखेड़ा के मंझा गांव में गंगा के बढ़े जलस्तर से घरों में भरा पानी। संवाद
फोटो-25-सफीपुर में जमालनगर गैर एहतमाली कल्याणी पुल डूबने के बाद नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
फोटो-26-सफीपुर के जमालनगर-रामपुर में पानी का सैलाब। संवाद
फोटो-27-सफीपुर के उड़ंक पुरवा में पानी में डूबा मकान। संवाद
फोटो-28-सिकंदरपुर सरोसी के उम्मेदखेड़ा में पानी से होकर जाते छात्र। स्रोत: वीडियो
फोटो-29-मोहान में बने अंत्येष्टिस्थल में भरा पानी। संवाद
खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर गंगा, बाढ़ राहत शिविरों के नहीं खुले ताले
बांगरमऊ के छह, फतेहपुर चौरासी के तीन व बीघापुर के दो गांवों की एहतियात के तौर पर बंद की गई बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। गंगा का पानी बृहस्पतिवार शाम छह बजे खतरे के निशान 113 मीटर से चार सेमी ऊपर यानी 113.04 मीटर पर पहुंच गया। गांवों में हालात भयावह हो गए हैं। घरों के चारों ओर पानी भर गया है। रास्ते जलमग्न हैं। इसके बाद भी सदर तहसील क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियों के ताले नहीं खुले हैं।
जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की साफ-सफाई और बिजली की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ठहरने के लिए गद्दा और अन्य किसी सामान की व्यवस्था अभी नहीं की गई है। बिजली निगम ने एहतियात को लेकर बांगरमऊ के छह, फतेहपुर चौरासी के तीन और बीघापुर की दो ग्राम पंचायतों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में फसलें डूब गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से मवेशियों के चारे का इंतजाम भी नहीं पा रहा है।
दरवाजों तक पहुंचा पानी, नाव से आवागमन
परियर। गंगा का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबू बंगला, कोलवा, टपरा सहित कई गांवों के घरों तक पानी भरा है। मानाबंगला से बाबूबंगला व चंडीबंगला जाने वाला रास्ता व मरौंदा से पनपथा रोड डूब गया है। आवागमन के लिए लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। लोग रोजमर्रा के सामान एकत्रित कर रहे हैं।
बाढ़ के हालात के बाद भी प्रशासनिक व्यवस्थाएं केवल कागजों में ही संचालित हैं। पनपथा के लोगों के लिए बाढ़ चौकी बनाए गए पंचायतघर में अभी ताला लगा है। मरौंदा सूचित के प्राथमिक विद्यालय में बनाया गया बाढ़ राहत शिविर भी बंद है। जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की साफ-सफाई व बिजली की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ठहरने के लिए गद्दा व अन्य किसी सामान की व्यवस्था नहीं है।
बृहस्पतिवार शाम तहसीलदार मनीष द्विवेदी ने पनपथा का निरीक्षण किया। बताया पानी पनपथा गांव के कुछ घरों के बाहर तक पहुंच गया है। चार नावों का संचालन शुरू करा दिया है। शुक्रवार से बाढ़ चौकी व राहत शिविर शुरू करा दिए जाएंगे। मुनादी कराकर प्रभावित लोगों को राहत शिविर बुलाया जाएगा।
नौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप, एक विद्यालय शिफ्ट
फतेहपुर चौरासी/बांगरमऊ। बाढ़ से तीन गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है। एक प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से दूसरे विद्यालय में किया जाएगा। बाढ़ से बचने के लिए ग्रामीणों ने गांव के किनारे बांध बना लिए हैं। गांव चिरंजूपुरवा से कुशेहर बंगला, कबूलपुर व खैरागाड़ा रुस्तमपुर मार्ग पर जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
एसडीओ एजाज अहमद ने बताया कि शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला व गजियापुर गांवों की बिजली बंद कर दी है। ग्राम प्रशासक रोशन ने बताया कि कुशेहर बंगला में ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के लिए गांव के किनारे बांध बनाए हैं। बीईओ विनय कुमार ने बताया कि बाढ़ के चलते गांव शातिर बंगला के प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से पास के दूसरे स्कूल में किया जाएगा।
बांगरमऊ के गांव मल्लाहनपुरवा, नयापुरवा, भिखारपुरवा, हरीगंज, कुशालपुरवा व धन्नापुरवा की बिजली बंद कर दी गई है। ग्रामीणों में तोताराम, तुलाराम, मनोज, रामकुमार, गेंदेलाल आदि ने बताया कि बिजली न आने से समस्या बनी हुई है। महिलाएं दिन में ही खाना बना लेती हैं जबकि रात के समय जरूरी कार्य मोमबत्ती आदि जलाकर निपटाया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप, तहसील प्रशासन ने नहीं किया नाव का इंतजाम
अचलगंज/बीघापुर। सिकंदरपुर कर्ण क्षेत्र के घोसरापुर, पंचमपुर, छड़उवाखेड़ा आदि गांवों के पास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है लेकिन अभी तक बाढ़ राहत केंद्र नहीं शुरू हुआ है। उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा लालखेड़ा व दूलीखेड़ा में बाढ़ से समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
दूलीखेड़ा के मजरे धर्मपुर, मंझा, शंभू का पुरवा तथा लालखेड़ा के चहलहा, मिश्रनखेड़ा में ज्यादातर किसानों की फसल डूब गई है। फतेहपुर जिले से इन गांवों को बिजली दी जाती है। बाढ़ को देखते हुए गांव की बिजली भी बंद कर दी गई है। बाढ़ का पानी बस्ती के किनारे पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। लोगों ने आवागमन के लिए निजी नाव लगा रखी हैं। लोग गृहस्थी, पालतू मवेशी व अन्य जरूरी सामान लेकर शिवराज-फतेहपुर रोड पर पहुंचने लगे हैं।
लालखेड़ा के आशीष यादव बताते हैं कि गांव तथा मजरों में पानी फिर से चारों ओर पहुंच गया है। तहसील प्रशासन ने नाव का भी इंतजाम नहीं किया है। दूलीखेड़ा के धनंजय यादव ने बताया कि बिजली बंद है। टॉर्च की रोशनी में खाना बनाया जाता है। पालतू जानवरों के लिए भी चारे की व्यवस्था नहीं है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि राहत केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गांव में पानी आने पर सभी को सुरक्षित स्थान में पहुंचने के लिए तैयारी है।
परियर-दबौली मार्ग बंद, तीन गांवों में भरा पानी
सफीपुर/चकलवंशी। गंगा व कल्याणी नदी का बहाव बढ़ते ही क्षेत्र में पानी फैल गया है। परियर-दबौली मार्ग पूरी तरह बंद हो जाने से राजस्व विभाग की नाव का सहारा लेकर लोग आवागमन कर रहे हैं। शेरपुर-मुरादपुर के बीच कल्याणी नदी का पानी सड़क पर आ गया है।
अधिकांश शिक्षक व ग्रामीण लंबा चक्कर लगाकर सनहा-गहोली मार्ग से गुजरे। रामपुर, कारीमाबाद, शेरपुर, उड़ंकपुरवा, नीबीगड़ा, हमजापुर आदि गांव के बाहर घरों में चारों ओर पानी पहुंच गया। उधर, ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी के मोहद्दीनपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न हैं।
मोहद्दीनपुर की शांति, रामप्यारे, लवकुश, धर्मेंद्र व मनोज ने बताया कि गांव में शुद्ध पानी की समस्या थी। इस पर पीने का एक टैंकर लेखपाल ने भिजवाया है। आवागमन के लिए एक नाव भी लगी है। प्यारेपुर के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से रास्ता बंद हो गया। प्राथमिक विद्यालय उम्मेदखेड़ा (बंधवा) की प्रधान शिक्षिका ममता कनौजिया ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवन के निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद से प्यारेपुर स्कूल में संचालन किया जा रहा था। गांव के एक निजी बरामदे में विद्यालय संचालित किया जा रहा है।
भदई अमावस्या स्नान आज, बक्सर घाट जलमग्न
पाटन। भदई अमावस्या पर शुक्रवार को बक्सर में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए हैं। हर साल भदई अमावस्या पर बक्सर में गंगा स्नान के लिए कई जिलों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार घाटों पर जगह कम होने और तेज बहाव के कारण स्नान में दिक्कत होगी। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो सकती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर, नाव, मेडिकल टीम और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए। उधर, तहसील व पुलिस प्रशासन देर शाम तक स्नान स्थल पर बैरीकेडिंग, सीसीटीवी, लाउडस्पीकर युक्त सूचना कक्ष की व्यवस्था कराने में जुटा रहा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बैरीकेडिंग लगाई गई है।
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सई नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल डूबा
हसनगंज। मोहान सई नदी का जलस्तर बढ़ने से मोहान कस्बा के बाहर बना अंत्येष्टि स्थल पानी में पूरी तरह डूब गया। मोहान नगर पंचायत अध्यक्ष समरजीत यादव ने बताया कि सई नदी में बाढ़ आने से अंत्येष्टि स्थल जलमग्न हो गया है। उन्होंने बताया कि दूसरी जगह नए अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है।
वर्जन...
तहसील अधिकारियों से लगातार क्षेत्र में बढ़ते पानी को लेकर अपडेट लिया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी बात की जा रही है। बताया गया है कि बृहस्पतिवार रात से पानी स्थिर होना शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से पानी उतरने की संभावना है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।
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परियर। गंगा का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबू बंगला, कोलवा, टपरा सहित कई गांवों के घरों तक पानी भरा है। मानाबंगला से बाबूबंगला व चंडीबंगला जाने वाला रास्ता व मरौंदा से पनपथा रोड डूब गया है। आवागमन के लिए लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। लोग रोजमर्रा के सामान एकत्रित कर रहे हैं।
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बृहस्पतिवार शाम तहसीलदार मनीष द्विवेदी ने पनपथा का निरीक्षण किया। बताया पानी पनपथा गांव के कुछ घरों के बाहर तक पहुंच गया है। चार नावों का संचालन शुरू करा दिया है। शुक्रवार से बाढ़ चौकी व राहत शिविर शुरू करा दिए जाएंगे। मुनादी कराकर प्रभावित लोगों को राहत शिविर बुलाया जाएगा।
नौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप, एक विद्यालय शिफ्ट
फतेहपुर चौरासी/बांगरमऊ। बाढ़ से तीन गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है। एक प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से दूसरे विद्यालय में किया जाएगा। बाढ़ से बचने के लिए ग्रामीणों ने गांव के किनारे बांध बना लिए हैं। गांव चिरंजूपुरवा से कुशेहर बंगला, कबूलपुर व खैरागाड़ा रुस्तमपुर मार्ग पर जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
एसडीओ एजाज अहमद ने बताया कि शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला व गजियापुर गांवों की बिजली बंद कर दी है। ग्राम प्रशासक रोशन ने बताया कि कुशेहर बंगला में ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के लिए गांव के किनारे बांध बनाए हैं। बीईओ विनय कुमार ने बताया कि बाढ़ के चलते गांव शातिर बंगला के प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से पास के दूसरे स्कूल में किया जाएगा।
बांगरमऊ के गांव मल्लाहनपुरवा, नयापुरवा, भिखारपुरवा, हरीगंज, कुशालपुरवा व धन्नापुरवा की बिजली बंद कर दी गई है। ग्रामीणों में तोताराम, तुलाराम, मनोज, रामकुमार, गेंदेलाल आदि ने बताया कि बिजली न आने से समस्या बनी हुई है। महिलाएं दिन में ही खाना बना लेती हैं जबकि रात के समय जरूरी कार्य मोमबत्ती आदि जलाकर निपटाया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप, तहसील प्रशासन ने नहीं किया नाव का इंतजाम
अचलगंज/बीघापुर। सिकंदरपुर कर्ण क्षेत्र के घोसरापुर, पंचमपुर, छड़उवाखेड़ा आदि गांवों के पास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है लेकिन अभी तक बाढ़ राहत केंद्र नहीं शुरू हुआ है। उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा लालखेड़ा व दूलीखेड़ा में बाढ़ से समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
दूलीखेड़ा के मजरे धर्मपुर, मंझा, शंभू का पुरवा तथा लालखेड़ा के चहलहा, मिश्रनखेड़ा में ज्यादातर किसानों की फसल डूब गई है। फतेहपुर जिले से इन गांवों को बिजली दी जाती है। बाढ़ को देखते हुए गांव की बिजली भी बंद कर दी गई है। बाढ़ का पानी बस्ती के किनारे पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। लोगों ने आवागमन के लिए निजी नाव लगा रखी हैं। लोग गृहस्थी, पालतू मवेशी व अन्य जरूरी सामान लेकर शिवराज-फतेहपुर रोड पर पहुंचने लगे हैं।
लालखेड़ा के आशीष यादव बताते हैं कि गांव तथा मजरों में पानी फिर से चारों ओर पहुंच गया है। तहसील प्रशासन ने नाव का भी इंतजाम नहीं किया है। दूलीखेड़ा के धनंजय यादव ने बताया कि बिजली बंद है। टॉर्च की रोशनी में खाना बनाया जाता है। पालतू जानवरों के लिए भी चारे की व्यवस्था नहीं है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि राहत केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गांव में पानी आने पर सभी को सुरक्षित स्थान में पहुंचने के लिए तैयारी है।
परियर-दबौली मार्ग बंद, तीन गांवों में भरा पानी
सफीपुर/चकलवंशी। गंगा व कल्याणी नदी का बहाव बढ़ते ही क्षेत्र में पानी फैल गया है। परियर-दबौली मार्ग पूरी तरह बंद हो जाने से राजस्व विभाग की नाव का सहारा लेकर लोग आवागमन कर रहे हैं। शेरपुर-मुरादपुर के बीच कल्याणी नदी का पानी सड़क पर आ गया है।
अधिकांश शिक्षक व ग्रामीण लंबा चक्कर लगाकर सनहा-गहोली मार्ग से गुजरे। रामपुर, कारीमाबाद, शेरपुर, उड़ंकपुरवा, नीबीगड़ा, हमजापुर आदि गांव के बाहर घरों में चारों ओर पानी पहुंच गया। उधर, ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी के मोहद्दीनपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न हैं।
मोहद्दीनपुर की शांति, रामप्यारे, लवकुश, धर्मेंद्र व मनोज ने बताया कि गांव में शुद्ध पानी की समस्या थी। इस पर पीने का एक टैंकर लेखपाल ने भिजवाया है। आवागमन के लिए एक नाव भी लगी है। प्यारेपुर के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से रास्ता बंद हो गया। प्राथमिक विद्यालय उम्मेदखेड़ा (बंधवा) की प्रधान शिक्षिका ममता कनौजिया ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवन के निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद से प्यारेपुर स्कूल में संचालन किया जा रहा था। गांव के एक निजी बरामदे में विद्यालय संचालित किया जा रहा है।
भदई अमावस्या स्नान आज, बक्सर घाट जलमग्न
पाटन। भदई अमावस्या पर शुक्रवार को बक्सर में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए हैं। हर साल भदई अमावस्या पर बक्सर में गंगा स्नान के लिए कई जिलों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार घाटों पर जगह कम होने और तेज बहाव के कारण स्नान में दिक्कत होगी। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो सकती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर, नाव, मेडिकल टीम और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए। उधर, तहसील व पुलिस प्रशासन देर शाम तक स्नान स्थल पर बैरीकेडिंग, सीसीटीवी, लाउडस्पीकर युक्त सूचना कक्ष की व्यवस्था कराने में जुटा रहा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बैरीकेडिंग लगाई गई है।
सई नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल डूबा
हसनगंज। मोहान सई नदी का जलस्तर बढ़ने से मोहान कस्बा के बाहर बना अंत्येष्टि स्थल पानी में पूरी तरह डूब गया। मोहान नगर पंचायत अध्यक्ष समरजीत यादव ने बताया कि सई नदी में बाढ़ आने से अंत्येष्टि स्थल जलमग्न हो गया है। उन्होंने बताया कि दूसरी जगह नए अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है।
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तहसील अधिकारियों से लगातार क्षेत्र में बढ़ते पानी को लेकर अपडेट लिया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी बात की जा रही है। बताया गया है कि बृहस्पतिवार रात से पानी स्थिर होना शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से पानी उतरने की संभावना है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।
फोटो-24-दूलीखेड़ा के मंझा गांव में गंगा के बढ़े जलस्तर से घरों में भरा पानी। संवाद
फोटो-25-सफीपुर में जमालनगर गैर एहतमाली कल्याणी पुल डूबने के बाद नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
फोटो-26-सफीपुर के जमालनगर-रामपुर में पानी का सैलाब। संवाद
फोटो-27-सफीपुर के उड़ंक पुरवा में पानी में डूबा मकान। संवाद
फोटो-28-सिकंदरपुर सरोसी के उम्मेदखेड़ा में पानी से होकर जाते छात्र। स्रोत: वीडियो
फोटो-29-मोहान में बने अंत्येष्टिस्थल में भरा पानी। संवाद
खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर गंगा, बाढ़ राहत शिविरों के नहीं खुले ताले
बांगरमऊ के छह, फतेहपुर चौरासी के तीन व बीघापुर के दो गांवों की एहतियात के तौर पर बंद की गई बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। गंगा का पानी बृहस्पतिवार शाम छह बजे खतरे के निशान 113 मीटर से चार सेमी ऊपर यानी 113.04 मीटर पर पहुंच गया। गांवों में हालात भयावह हो गए हैं। घरों के चारों ओर पानी भर गया है। रास्ते जलमग्न हैं। इसके बाद भी सदर तहसील क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियों के ताले नहीं खुले हैं।
जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की साफ-सफाई और बिजली की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ठहरने के लिए गद्दा और अन्य किसी सामान की व्यवस्था अभी नहीं की गई है। बिजली निगम ने एहतियात को लेकर बांगरमऊ के छह, फतेहपुर चौरासी के तीन और बीघापुर की दो ग्राम पंचायतों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में फसलें डूब गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से मवेशियों के चारे का इंतजाम भी नहीं पा रहा है।
दरवाजों तक पहुंचा पानी, नाव से आवागमन
परियर। गंगा का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। सदर तहसील क्षेत्र के पनपथा, बाबू बंगला, कोलवा, टपरा सहित कई गांवों के घरों तक पानी भरा है। मानाबंगला से बाबूबंगला व चंडीबंगला जाने वाला रास्ता व मरौंदा से पनपथा रोड डूब गया है। आवागमन के लिए लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। लोग रोजमर्रा के सामान एकत्रित कर रहे हैं।
बाढ़ के हालात के बाद भी प्रशासनिक व्यवस्थाएं केवल कागजों में ही संचालित हैं। पनपथा के लोगों के लिए बाढ़ चौकी बनाए गए पंचायतघर में अभी ताला लगा है। मरौंदा सूचित के प्राथमिक विद्यालय में बनाया गया बाढ़ राहत शिविर भी बंद है। जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की साफ-सफाई व बिजली की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ठहरने के लिए गद्दा व अन्य किसी सामान की व्यवस्था नहीं है।
बृहस्पतिवार शाम तहसीलदार मनीष द्विवेदी ने पनपथा का निरीक्षण किया। बताया पानी पनपथा गांव के कुछ घरों के बाहर तक पहुंच गया है। चार नावों का संचालन शुरू करा दिया है। शुक्रवार से बाढ़ चौकी व राहत शिविर शुरू करा दिए जाएंगे। मुनादी कराकर प्रभावित लोगों को राहत शिविर बुलाया जाएगा।
नौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप, एक विद्यालय शिफ्ट
फतेहपुर चौरासी/बांगरमऊ। बाढ़ से तीन गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है। एक प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से दूसरे विद्यालय में किया जाएगा। बाढ़ से बचने के लिए ग्रामीणों ने गांव के किनारे बांध बना लिए हैं। गांव चिरंजूपुरवा से कुशेहर बंगला, कबूलपुर व खैरागाड़ा रुस्तमपुर मार्ग पर जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
एसडीओ एजाज अहमद ने बताया कि शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला व गजियापुर गांवों की बिजली बंद कर दी है। ग्राम प्रशासक रोशन ने बताया कि कुशेहर बंगला में ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के लिए गांव के किनारे बांध बनाए हैं। बीईओ विनय कुमार ने बताया कि बाढ़ के चलते गांव शातिर बंगला के प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुक्रवार से पास के दूसरे स्कूल में किया जाएगा।
बांगरमऊ के गांव मल्लाहनपुरवा, नयापुरवा, भिखारपुरवा, हरीगंज, कुशालपुरवा व धन्नापुरवा की बिजली बंद कर दी गई है। ग्रामीणों में तोताराम, तुलाराम, मनोज, रामकुमार, गेंदेलाल आदि ने बताया कि बिजली न आने से समस्या बनी हुई है। महिलाएं दिन में ही खाना बना लेती हैं जबकि रात के समय जरूरी कार्य मोमबत्ती आदि जलाकर निपटाया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप, तहसील प्रशासन ने नहीं किया नाव का इंतजाम
अचलगंज/बीघापुर। सिकंदरपुर कर्ण क्षेत्र के घोसरापुर, पंचमपुर, छड़उवाखेड़ा आदि गांवों के पास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है लेकिन अभी तक बाढ़ राहत केंद्र नहीं शुरू हुआ है। उधर, बीघापुर तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा लालखेड़ा व दूलीखेड़ा में बाढ़ से समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
दूलीखेड़ा के मजरे धर्मपुर, मंझा, शंभू का पुरवा तथा लालखेड़ा के चहलहा, मिश्रनखेड़ा में ज्यादातर किसानों की फसल डूब गई है। फतेहपुर जिले से इन गांवों को बिजली दी जाती है। बाढ़ को देखते हुए गांव की बिजली भी बंद कर दी गई है। बाढ़ का पानी बस्ती के किनारे पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। लोगों ने आवागमन के लिए निजी नाव लगा रखी हैं। लोग गृहस्थी, पालतू मवेशी व अन्य जरूरी सामान लेकर शिवराज-फतेहपुर रोड पर पहुंचने लगे हैं।
लालखेड़ा के आशीष यादव बताते हैं कि गांव तथा मजरों में पानी फिर से चारों ओर पहुंच गया है। तहसील प्रशासन ने नाव का भी इंतजाम नहीं किया है। दूलीखेड़ा के धनंजय यादव ने बताया कि बिजली बंद है। टॉर्च की रोशनी में खाना बनाया जाता है। पालतू जानवरों के लिए भी चारे की व्यवस्था नहीं है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि राहत केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गांव में पानी आने पर सभी को सुरक्षित स्थान में पहुंचने के लिए तैयारी है।
परियर-दबौली मार्ग बंद, तीन गांवों में भरा पानी
सफीपुर/चकलवंशी। गंगा व कल्याणी नदी का बहाव बढ़ते ही क्षेत्र में पानी फैल गया है। परियर-दबौली मार्ग पूरी तरह बंद हो जाने से राजस्व विभाग की नाव का सहारा लेकर लोग आवागमन कर रहे हैं। शेरपुर-मुरादपुर के बीच कल्याणी नदी का पानी सड़क पर आ गया है।
अधिकांश शिक्षक व ग्रामीण लंबा चक्कर लगाकर सनहा-गहोली मार्ग से गुजरे। रामपुर, कारीमाबाद, शेरपुर, उड़ंकपुरवा, नीबीगड़ा, हमजापुर आदि गांव के बाहर घरों में चारों ओर पानी पहुंच गया। उधर, ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी के मोहद्दीनपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न हैं।
मोहद्दीनपुर की शांति, रामप्यारे, लवकुश, धर्मेंद्र व मनोज ने बताया कि गांव में शुद्ध पानी की समस्या थी। इस पर पीने का एक टैंकर लेखपाल ने भिजवाया है। आवागमन के लिए एक नाव भी लगी है। प्यारेपुर के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से रास्ता बंद हो गया। प्राथमिक विद्यालय उम्मेदखेड़ा (बंधवा) की प्रधान शिक्षिका ममता कनौजिया ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवन के निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद से प्यारेपुर स्कूल में संचालन किया जा रहा था। गांव के एक निजी बरामदे में विद्यालय संचालित किया जा रहा है।
भदई अमावस्या स्नान आज, बक्सर घाट जलमग्न
पाटन। भदई अमावस्या पर शुक्रवार को बक्सर में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए हैं। हर साल भदई अमावस्या पर बक्सर में गंगा स्नान के लिए कई जिलों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार घाटों पर जगह कम होने और तेज बहाव के कारण स्नान में दिक्कत होगी। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो सकती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर, नाव, मेडिकल टीम और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए। उधर, तहसील व पुलिस प्रशासन देर शाम तक स्नान स्थल पर बैरीकेडिंग, सीसीटीवी, लाउडस्पीकर युक्त सूचना कक्ष की व्यवस्था कराने में जुटा रहा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बैरीकेडिंग लगाई गई है।
सई नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल डूबा
हसनगंज। मोहान सई नदी का जलस्तर बढ़ने से मोहान कस्बा के बाहर बना अंत्येष्टि स्थल पानी में पूरी तरह डूब गया। मोहान नगर पंचायत अध्यक्ष समरजीत यादव ने बताया कि सई नदी में बाढ़ आने से अंत्येष्टि स्थल जलमग्न हो गया है। उन्होंने बताया कि दूसरी जगह नए अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है।
वर्जन...
तहसील अधिकारियों से लगातार क्षेत्र में बढ़ते पानी को लेकर अपडेट लिया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी बात की जा रही है। बताया गया है कि बृहस्पतिवार रात से पानी स्थिर होना शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से पानी उतरने की संभावना है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।

फोटो-23-मरौंदा मंझवारा के पंचायत भवन में बनाई गई बाढ़ चौकी में लटकता ताला। संवाद

फोटो-23-मरौंदा मंझवारा के पंचायत भवन में बनाई गई बाढ़ चौकी में लटकता ताला। संवाद