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Unnao News: 24 घंटे में 19 सेमी बढ़ी गंगा, कुछ ही दूर लाल निशान
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उन्नाव। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते नरौरा बांध से पिछले तीन दिन में तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटे में 19 सेमी पानी बढ़ने से मंगलवार शाम छह बजे जलस्तर 112.900 मीटर पर पहुंच गया। बुधवार शाम तक पानी खतरे के लाल निशान 113 मीटर पार करने के आसार हैं।
गंगा में तेजी से बढ़ रहे पानी को देखते हुए प्रशासन ने तहसील अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। उधर, लगातार पानी बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांवों में स्थितियां बिगड़ने लगी हैं। घरों के आसपास पानी भर गया है। रास्ते और फसल जलमग्न हैं। ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। पानी और बढ़ा तो ग्रामीण पलायन करने लगेंगे। प्रशासन का कहना है बाढ़ राहत शिविरों में इंतजाम किए जा रहे हैं। पलायन करने वाले लोगों को शिविरों में ठहराया जाएगा।
मानाबंगला-बाबूबंगला रोड पर पहुंचा पानी, चलने लगीं नाव
परियर। तेजी से बढ़े जलस्तर से गांव मानाबंगला, बाबूबंगला, कोलवा व पनपथा सहित अन्य कई गांवों के नजदीक गंगा का पानी पहुंच गया है। मंगलवार को बढ़े जलस्तर के बाद मानाबंगला से बाबू बंगला जाने वाले रोड पर बाढ़ का पानी भर गया। इसकी जानकारी होने पर लेखपाल प्रदीप कमल ने ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव लगवा दी। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। माना बंगला से बाबू बंगला के बीच आवागमन के लिए नाव लगवा दी गई है।
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दो गांवों के पीड़ितों को नहीं मिली राहत सामग्री
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी दो ग्रामसभाओं में लालखेड़ा व दूलीखेड़ा में जलस्तर बढ़ने से समस्याएं बढ़ने लगी हैं। दूलीखेड़ा के मजरे धर्मपुर, मंझा शंभू का पुरवा तथा लालखेड़ा के चहलहा व मिश्रनखेड़ा में अधिकांश किसानों की फसल डूब गई है। धर्मपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में फिर पानी पहुंच गया है। किसान धनंजय यादव, सरवन, मुन्नालाल व नरेंद्र ने बताया कि भगाने का पुरवा व सेढ़वा के बाढ़ पीड़ितों को अभी तक राहत सामग्री नहीं मिली है।
आशीष यादव ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा की जा रही घोषणाएं जमीनी हकीकत से दूर हैं। तहसील प्रशासन को चाहिए कि आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की जाए। दोबारा जलस्तर बढ़ने से जानवरों के लिए चारे का संकट होने लगा है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लेखपाल, सचिव से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
सई नदी के पानी में डूबी धान और मक्का की फसल
हसनगंज। सई नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव रसूलपुर बकिया, नींदेमऊ बिचपरी, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी,अहमदपुर टकटोली, नेपालापुर, दरिहट, सलेमपुर, रजापुर, पखुरदीमऊ, निजामखेड़ा, खपुरा भट्ट, रफीगढ़ी, छरेहरा, सहित 20 से अधिक गांवों के किसानों की सैकड़ाे बीघे में बोई गई धान व मक्का की फसल जलमग्न हो गई है। किसान उदय भान, संजय, मुन्ना, आदमपुर बरेठी के कौशलेंद्र, जितेंद्र, शिवम सिंह, अच्छे लाल आदि ने बताया कि इस बार धान की फसल बहुत अच्छी थी लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से फसल डूब गई। कई बार लेखपाल को फोन कर फसल जलमग्न होने की जानकारी दी लेकिन कोई जांच करने नहीं आया। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि सई नदी के किनारे बोई फसल जलमग्न होने की जानकारी हुई है। लेखपाल को भेजकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
रास्तों पर भरा पानी, जोखिम में ग्रामीणों की जान
चकलवंशी। गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने से ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के उम्मेदखेड़ा, प्यारेपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया, गिरवरखेड़ा व अमलोना आदि गांव के चारों ओर पानी जमा हो गया है। करीमाबाद, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया गांव के निचले रास्तों में पानी से ग्रामीण निकलने को मजबूर हैं। गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने से लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मवेशियों के लिए चारे की समस्या हो गई है।
रुस्तमपुर-खैराखेड़ा मार्ग पर भरा पानी
फतेहपुर चौरासी। गंगा का पानी रुस्तमपुर-खैरागाड़ा मार्ग पर भर गया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्राम प्रशासक प्रियंका ने बताया कि मंगलवार सुबह पानी रुस्तमपुर से खैरागाड़ा को निकले मार्ग पर भरने लगा। इससे दोनों गांवों के साथ गजियापुर के लोगों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है। बताया कि गांव के आसपास भी पानी भर गया है।
झील के पानी से बाढ़ का खतरा, बांटी राहत सामग्री
नवाबगंज। विकास खंड की ग्राम पंचायत भितरेपार तथा इसके मजरे शिवसढ़ व खजूर गांव में झील के बढ़े पानी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गांवों के अंदर पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है। यदि बारिश हुई तो जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाएगा। उधर, तहसील प्रशासन ने प्राथमिक विद्यालय में राहत शिविर लगाया। मोहान विधायक बृजेश रावत की अनुपस्थित में उनकी पत्नी और बहू ने तहसीलदार कीर्तिसेन और नायब तहसीलदार आशीष कुमार की मौजूदगी में 150 पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटी। शिविर में डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और जरूरतमंदों को दवाइयां दीं।
कल्याणी नदी पर बना पुल डूबा, आवागमन बंद
सफीपुर। कल्याणी नदी में तेजी से बढ़ रहे पानी से मंगलवार को परियर-दबौली मार्ग पर जमालनगर गैर एहतमाली गांव के पास बना पुल जलमग्न हो गया। इससे आवागमन बंद हो गया। ग्रामीण नाव से गांव पहुंचे। रामपुर मार्ग पर भी पानी भरने से ग्रामीण जोखिम में डालकर आ-जा रहे हैं। बहाव तेज होने से पानी मुरादपुर गांव के बाहर बने घरों तक पहुंच गया। नीबीगड़ा, अल्लीपुर, हमजापुर, कारीमाबाद, उडंकपुरवा व शेरपुर गांव के चारों ओर पहले से ही पानी भरा है।
वर्जन...
पहाड़ों पर बारिश और नरौरा से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार की शाम सभी तहसील अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली है। बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने, नाविकों व गोताखोरों को अलर्ट रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा कंट्रोलरूम भी खोला गया है। इसका नंबर 0515-2970766 है। कोई समस्या आ रही हो तो इस नंबर पर सूचना दें।-सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।
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गंगा में तेजी से बढ़ रहे पानी को देखते हुए प्रशासन ने तहसील अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। उधर, लगातार पानी बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांवों में स्थितियां बिगड़ने लगी हैं। घरों के आसपास पानी भर गया है। रास्ते और फसल जलमग्न हैं। ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। पानी और बढ़ा तो ग्रामीण पलायन करने लगेंगे। प्रशासन का कहना है बाढ़ राहत शिविरों में इंतजाम किए जा रहे हैं। पलायन करने वाले लोगों को शिविरों में ठहराया जाएगा।
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मानाबंगला-बाबूबंगला रोड पर पहुंचा पानी, चलने लगीं नाव
परियर। तेजी से बढ़े जलस्तर से गांव मानाबंगला, बाबूबंगला, कोलवा व पनपथा सहित अन्य कई गांवों के नजदीक गंगा का पानी पहुंच गया है। मंगलवार को बढ़े जलस्तर के बाद मानाबंगला से बाबू बंगला जाने वाले रोड पर बाढ़ का पानी भर गया। इसकी जानकारी होने पर लेखपाल प्रदीप कमल ने ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव लगवा दी। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। माना बंगला से बाबू बंगला के बीच आवागमन के लिए नाव लगवा दी गई है।
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दो गांवों के पीड़ितों को नहीं मिली राहत सामग्री
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी दो ग्रामसभाओं में लालखेड़ा व दूलीखेड़ा में जलस्तर बढ़ने से समस्याएं बढ़ने लगी हैं। दूलीखेड़ा के मजरे धर्मपुर, मंझा शंभू का पुरवा तथा लालखेड़ा के चहलहा व मिश्रनखेड़ा में अधिकांश किसानों की फसल डूब गई है। धर्मपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में फिर पानी पहुंच गया है। किसान धनंजय यादव, सरवन, मुन्नालाल व नरेंद्र ने बताया कि भगाने का पुरवा व सेढ़वा के बाढ़ पीड़ितों को अभी तक राहत सामग्री नहीं मिली है।
आशीष यादव ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा की जा रही घोषणाएं जमीनी हकीकत से दूर हैं। तहसील प्रशासन को चाहिए कि आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की जाए। दोबारा जलस्तर बढ़ने से जानवरों के लिए चारे का संकट होने लगा है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लेखपाल, सचिव से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
सई नदी के पानी में डूबी धान और मक्का की फसल
हसनगंज। सई नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव रसूलपुर बकिया, नींदेमऊ बिचपरी, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी,अहमदपुर टकटोली, नेपालापुर, दरिहट, सलेमपुर, रजापुर, पखुरदीमऊ, निजामखेड़ा, खपुरा भट्ट, रफीगढ़ी, छरेहरा, सहित 20 से अधिक गांवों के किसानों की सैकड़ाे बीघे में बोई गई धान व मक्का की फसल जलमग्न हो गई है। किसान उदय भान, संजय, मुन्ना, आदमपुर बरेठी के कौशलेंद्र, जितेंद्र, शिवम सिंह, अच्छे लाल आदि ने बताया कि इस बार धान की फसल बहुत अच्छी थी लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से फसल डूब गई। कई बार लेखपाल को फोन कर फसल जलमग्न होने की जानकारी दी लेकिन कोई जांच करने नहीं आया। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि सई नदी के किनारे बोई फसल जलमग्न होने की जानकारी हुई है। लेखपाल को भेजकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
रास्तों पर भरा पानी, जोखिम में ग्रामीणों की जान
चकलवंशी। गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने से ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के उम्मेदखेड़ा, प्यारेपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया, गिरवरखेड़ा व अमलोना आदि गांव के चारों ओर पानी जमा हो गया है। करीमाबाद, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया गांव के निचले रास्तों में पानी से ग्रामीण निकलने को मजबूर हैं। गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने से लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मवेशियों के लिए चारे की समस्या हो गई है।
रुस्तमपुर-खैराखेड़ा मार्ग पर भरा पानी
फतेहपुर चौरासी। गंगा का पानी रुस्तमपुर-खैरागाड़ा मार्ग पर भर गया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्राम प्रशासक प्रियंका ने बताया कि मंगलवार सुबह पानी रुस्तमपुर से खैरागाड़ा को निकले मार्ग पर भरने लगा। इससे दोनों गांवों के साथ गजियापुर के लोगों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है। बताया कि गांव के आसपास भी पानी भर गया है।
झील के पानी से बाढ़ का खतरा, बांटी राहत सामग्री
नवाबगंज। विकास खंड की ग्राम पंचायत भितरेपार तथा इसके मजरे शिवसढ़ व खजूर गांव में झील के बढ़े पानी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गांवों के अंदर पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है। यदि बारिश हुई तो जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाएगा। उधर, तहसील प्रशासन ने प्राथमिक विद्यालय में राहत शिविर लगाया। मोहान विधायक बृजेश रावत की अनुपस्थित में उनकी पत्नी और बहू ने तहसीलदार कीर्तिसेन और नायब तहसीलदार आशीष कुमार की मौजूदगी में 150 पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटी। शिविर में डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और जरूरतमंदों को दवाइयां दीं।
कल्याणी नदी पर बना पुल डूबा, आवागमन बंद
सफीपुर। कल्याणी नदी में तेजी से बढ़ रहे पानी से मंगलवार को परियर-दबौली मार्ग पर जमालनगर गैर एहतमाली गांव के पास बना पुल जलमग्न हो गया। इससे आवागमन बंद हो गया। ग्रामीण नाव से गांव पहुंचे। रामपुर मार्ग पर भी पानी भरने से ग्रामीण जोखिम में डालकर आ-जा रहे हैं। बहाव तेज होने से पानी मुरादपुर गांव के बाहर बने घरों तक पहुंच गया। नीबीगड़ा, अल्लीपुर, हमजापुर, कारीमाबाद, उडंकपुरवा व शेरपुर गांव के चारों ओर पहले से ही पानी भरा है।
वर्जन...
पहाड़ों पर बारिश और नरौरा से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार की शाम सभी तहसील अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली है। बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने, नाविकों व गोताखोरों को अलर्ट रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा कंट्रोलरूम भी खोला गया है। इसका नंबर 0515-2970766 है। कोई समस्या आ रही हो तो इस नंबर पर सूचना दें।-सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।