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Unnao News: गंगा का 60 सेमी घटा पानी, दुश्वारियां कम नहीं
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फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद
उन्नाव। नरौरा से 1.50 लाख क्यूसेक की जगह 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा के जलस्तर में 24 घंटे में 60 सेमी की कमी आई है। जलस्तर 112.830 मीटर से घटकर 112.770 मीटर पर आ गया है। इसके बाद भी गंगा कटरी के गांवों में दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। रास्तों पर अभी भी पानी भरा है। ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। फसलें भी जलमग्न हैं। क्षेत्रों में दूर-दूर तक पानीही नजर आ रहा है।
पानी भरने से प्राथमिक स्कूल पंचायत भवन में शिफ्ट
सफीपुर। शनिवार को पानी प्राथमिक स्कूल व घरों के बाहर तक पहुंच गया। वहीं 12 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग दो हजार बीघा जलमग्न है। गंगा कटरी क्षेत्र के गांवों को जाने वाली जमालनगर-दबौली व रामपुर मार्ग बंद हो गया है।
ग्रामीण नाव से कस्बा व बाजार पहुंच पा रहे हैं। गहोली-सनहा मार्ग किनारे स्थित हमजापुर प्राथमिक पाठशाला परिसर में भी पानी भर गया। बढ़े पानी ने हमजापुर, नीबीगाड़ा, उडंकपुरवा व रामपुर को घेर लिया है। गांव के किनारे बने मकानों तक पानी पहुंच गया है। बीईओ मनींद्र कुमार ने बताया कि हमजापुर स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को फिलहाल पंचायत भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि अन्य मार्गों के लिए नाव तैयार कर ली गई हैं। ग्रामीणों के आवागमन में कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
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अंतिम संस्कार का चबूतरा बाढ़ से घिरा
बांगरमऊ। नानामऊ गंगाघाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए बनाया गया चबूतरा बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गया है। अब यहां पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को गंगा नदी पुल पार कर कानपुर जनपद की सीमा में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। इससे उन्हें एक और समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नानामऊ घाट पर अंतिम संस्कार किए जाने के बाद परिजनों को मृत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाता है लेकिन कानपुर जनपद की सीमा में अंतिम संस्कार करने पर उन्हें यह प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है।
गांवों के किनारे अभी भी भरा है पानी
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के मानाबंगला, बाबूबंगला, चंडीबंगला, देवीपुरवा, पनपथा व कोलवा आदि गांवों के किनारे पानी लगा है। मानाबंगला में गांव के किनारे बने मकान व दुकानों के पास तक बाढ़ का पानी आ चुका है। जलस्तर अब गांवों के घरों में घुसने की कगार पर है। क्षेत्र के प्रभावित गांवों की सैकड़ों बीघे लौकी, तरोई, भिंडी, कद्दू व लोबिया आदि फसलें डूब चुकी हैं। उधर, ब्लाक सरोसी क्षेत्र के उम्मेदखेड़ा (बंधवा) गांव के पास दो दिन से पानी जमा है। ग्रामीणों में साहबलाल, रामकुमार, बैजनाथ, कल्लू, रमेश, शंकर, कुलदीप आदि ने बताया कि खेतों में पानी भर गया है। अब गांव में पानी घुसने लगा है। गांव के चारों ओर बांस लगा दिए गए हैं। इससे बच्चे गहरे पानी में जाने से बचेंगे। इसी तरह करीमाबाद, मोहद्दीनपुर, चंदनखेड़ा व अमलोना गांव के पास भी पानी लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ा तो जल्द ही सड़कों पर आवाजाही बाधित हो जाएगी।
सई नदी का जलस्तर बढ़ा, संपर्क मार्ग पर बह रहा पानी
हसनगंज। तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को सई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अकबरपुर-रसूलपुर बकिया संपर्क मार्ग पर पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा। तेज बहाव के कारण आवागमन प्रभावित हो गया और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह रास्ता क्षेत्र के सलेमपुर, बहरौली, जहानपुर, रजापुर आदि गांवों को जोड़ता है। हसनगंज तहसील, मियागंज, बांगरमऊ, उन्नाव और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी यही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग बंद होने पर हसनगंज तहसील जाने के लिए करीब 10किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाते हुए समदपुर भावा मार्ग से जाना पड़ेगा। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि जिन गांवों से सड़क से पानी बहने लगा है, उन गांवों के लेखपालों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है।
खड़ंजा मार्ग पर पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
पाटन। गंगा में आई बाढ़ को लेकर गंगा नदी के उस पार तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा दूलीखेड़ा व लालखेड़ा सहित अन्य मजरों मांझा व धरमपुर को जाने वाले खड़ंजा मार्ग पर पानी भर से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दूलीखेड़ा के सरवन यादव, वशिष्ठ नारायण कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, धनंजय व रोहित निषाद ने बताया कि गंगा में बाढ़ के कारण लौकी, तरोई, भिंडी, करेला व कद्दू सहित उड़द व मूंग की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। एसडीएम आनंद कुमार नायक ने बताया कि बाढ़ राहत के लिए बनाई गई सभी चौकियों में राजस्व सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।
वर्जन...
गंगा का जलस्तर कम होने लगा है। एक-दो दिन में क्षेत्रों से पानी कम होने लगेगा। वैसे जहां पर पानी ज्यादा पहुंच गया है, वहां पर नावों की व्यवस्था की गई है। तहसील अधिकारियों को लगातार क्षेत्रों में पानी पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।
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पानी भरने से प्राथमिक स्कूल पंचायत भवन में शिफ्ट
सफीपुर। शनिवार को पानी प्राथमिक स्कूल व घरों के बाहर तक पहुंच गया। वहीं 12 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग दो हजार बीघा जलमग्न है। गंगा कटरी क्षेत्र के गांवों को जाने वाली जमालनगर-दबौली व रामपुर मार्ग बंद हो गया है।
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ग्रामीण नाव से कस्बा व बाजार पहुंच पा रहे हैं। गहोली-सनहा मार्ग किनारे स्थित हमजापुर प्राथमिक पाठशाला परिसर में भी पानी भर गया। बढ़े पानी ने हमजापुर, नीबीगाड़ा, उडंकपुरवा व रामपुर को घेर लिया है। गांव के किनारे बने मकानों तक पानी पहुंच गया है। बीईओ मनींद्र कुमार ने बताया कि हमजापुर स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को फिलहाल पंचायत भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि अन्य मार्गों के लिए नाव तैयार कर ली गई हैं। ग्रामीणों के आवागमन में कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
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अंतिम संस्कार का चबूतरा बाढ़ से घिरा
बांगरमऊ। नानामऊ गंगाघाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए बनाया गया चबूतरा बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गया है। अब यहां पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को गंगा नदी पुल पार कर कानपुर जनपद की सीमा में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। इससे उन्हें एक और समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नानामऊ घाट पर अंतिम संस्कार किए जाने के बाद परिजनों को मृत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाता है लेकिन कानपुर जनपद की सीमा में अंतिम संस्कार करने पर उन्हें यह प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है।
गांवों के किनारे अभी भी भरा है पानी
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के मानाबंगला, बाबूबंगला, चंडीबंगला, देवीपुरवा, पनपथा व कोलवा आदि गांवों के किनारे पानी लगा है। मानाबंगला में गांव के किनारे बने मकान व दुकानों के पास तक बाढ़ का पानी आ चुका है। जलस्तर अब गांवों के घरों में घुसने की कगार पर है। क्षेत्र के प्रभावित गांवों की सैकड़ों बीघे लौकी, तरोई, भिंडी, कद्दू व लोबिया आदि फसलें डूब चुकी हैं। उधर, ब्लाक सरोसी क्षेत्र के उम्मेदखेड़ा (बंधवा) गांव के पास दो दिन से पानी जमा है। ग्रामीणों में साहबलाल, रामकुमार, बैजनाथ, कल्लू, रमेश, शंकर, कुलदीप आदि ने बताया कि खेतों में पानी भर गया है। अब गांव में पानी घुसने लगा है। गांव के चारों ओर बांस लगा दिए गए हैं। इससे बच्चे गहरे पानी में जाने से बचेंगे। इसी तरह करीमाबाद, मोहद्दीनपुर, चंदनखेड़ा व अमलोना गांव के पास भी पानी लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ा तो जल्द ही सड़कों पर आवाजाही बाधित हो जाएगी।
सई नदी का जलस्तर बढ़ा, संपर्क मार्ग पर बह रहा पानी
हसनगंज। तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को सई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अकबरपुर-रसूलपुर बकिया संपर्क मार्ग पर पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा। तेज बहाव के कारण आवागमन प्रभावित हो गया और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह रास्ता क्षेत्र के सलेमपुर, बहरौली, जहानपुर, रजापुर आदि गांवों को जोड़ता है। हसनगंज तहसील, मियागंज, बांगरमऊ, उन्नाव और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी यही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग बंद होने पर हसनगंज तहसील जाने के लिए करीब 10किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाते हुए समदपुर भावा मार्ग से जाना पड़ेगा। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि जिन गांवों से सड़क से पानी बहने लगा है, उन गांवों के लेखपालों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है।
खड़ंजा मार्ग पर पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
पाटन। गंगा में आई बाढ़ को लेकर गंगा नदी के उस पार तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा दूलीखेड़ा व लालखेड़ा सहित अन्य मजरों मांझा व धरमपुर को जाने वाले खड़ंजा मार्ग पर पानी भर से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दूलीखेड़ा के सरवन यादव, वशिष्ठ नारायण कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, धनंजय व रोहित निषाद ने बताया कि गंगा में बाढ़ के कारण लौकी, तरोई, भिंडी, करेला व कद्दू सहित उड़द व मूंग की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। एसडीएम आनंद कुमार नायक ने बताया कि बाढ़ राहत के लिए बनाई गई सभी चौकियों में राजस्व सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।
वर्जन...
गंगा का जलस्तर कम होने लगा है। एक-दो दिन में क्षेत्रों से पानी कम होने लगेगा। वैसे जहां पर पानी ज्यादा पहुंच गया है, वहां पर नावों की व्यवस्था की गई है। तहसील अधिकारियों को लगातार क्षेत्रों में पानी पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।

फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद

फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद

फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद

फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद

फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद

फोटो-28-बांगरमऊ में नानामऊ घाट पर बाढ़ के पानी से घिरा शवदाह चबूतरा। संवाद