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लीड : न गैस ली और न कराई केवाईसी, निष्क्रिय हो गए 15 हजार कनेक्शन
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फोटो-30-इंडेन गैस एजेंसी के बाहर खड़े लोग। संवाद
उन्नाव। जिले में करीब 15 हजार गैस कनेक्शन निष्क्रिय हो गए हैं। यह समस्या ग्राहक के केवाईसी न कराने और छह माह से अधिक समय तक सिलिंडर न उठाने से आई है। इन उपभोक्ताओं की गैस बुक नहीं हो रही है जिससे गैस एजेंसियों में लगातार भीड़ बनी हुई है। केंद्र सरकार ने एजेंसियों को घर पर आपूर्ति का स्पष्ट आदेश दिया है।
जिले में इंडेन, एचपी और भारत गैस की लगभग 60 एजेंसियां हैं। निष्क्रिय कनेक्शन धारकों में अधिकांश वे हैं जिनकी केवाईसी नहीं हुई है। यही नहीं, इन उपभोक्ताओं ने छह माह से अधिक समय से सिलिंडर भी नहीं लिया है। शहर की इंडेन गैस में 6000 कनेक्शन निष्क्रिय हैं जबकि 18 हजार कनेक्शन चालू हैं। भारत गैस में 3500 कनेक्शन बंद हो गए हैं और कुल संख्या करीब 16 हजार है। एचपी में भी लगभग 2500 उपभोक्ताओं का इंटरनेट आधारित आरक्षण नहीं हो पा रहा है। पूरे जिले में निष्क्रिय कनेक्शनों की कुल संख्या लगभग 15000 है। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी बुक और आधारकार्ड लेकर एजेंसी आना होगा।
कनेक्शन निष्क्रिय होने के कारण
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, यदि किसी कनेक्शन पर 180 दिन यानी छह महीने तक गैस नहीं ली जाती है या फिर उसकी ग्राहक पहचान प्रक्रिया पूरी नहीं कराई जाती है तो उसका आरक्षण नंबर अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। यदि पांच साल तक गैस नहीं ली जाती है तो कनेक्शन पूरी तरह से रद्द हो जाता है। पूर्व में गैस की किल्लत न होने पर लोग बिना आरक्षण के भी एजेंसी विक्रेता से सिलिंडर ले लेते थे। अब इंटरनेट आधारित आरक्षण अनिवार्य होने पर लोगों को अपने कनेक्शन की याद आई है।
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पुरवा में सिलिंडर की कमी
पुरवा कस्बे की भारत गैस एजेंसी पर बुधवार को 410 उपभोक्ता घरेलू सिलिंडर लेने पहुंचे। हालांकि एजेंसी के पास केवल 360 सिलिंडरों की आपूर्ति ही आई थी। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 50 उपभोक्ता सिलिंडर न मिलने के कारण मायूस होकर लौट गए। लाइन में लगी साबिरा, अंजू और रानी जैसी उपभोक्ताओं ने बताया कि नंबर आने तक सिलिंडर खत्म हो गए थे। यह स्थिति गैस आपूर्ति में कमी को दर्शाती है।
शहर में 9081 पीएनजी उपभोक्ता, एलपीजी कनेक्शन पर संकट
भारत सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन खत्म किए जाएंगे। शहर में पीएनजी की आपूर्ति करने वाली सीयूजीएल कंपनी के विपणन अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि उन्नाव शहर में पीएनजी के घरेलू कनेक्शनों की संख्या 9081 हैं।
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जिले में इंडेन, एचपी और भारत गैस की लगभग 60 एजेंसियां हैं। निष्क्रिय कनेक्शन धारकों में अधिकांश वे हैं जिनकी केवाईसी नहीं हुई है। यही नहीं, इन उपभोक्ताओं ने छह माह से अधिक समय से सिलिंडर भी नहीं लिया है। शहर की इंडेन गैस में 6000 कनेक्शन निष्क्रिय हैं जबकि 18 हजार कनेक्शन चालू हैं। भारत गैस में 3500 कनेक्शन बंद हो गए हैं और कुल संख्या करीब 16 हजार है। एचपी में भी लगभग 2500 उपभोक्ताओं का इंटरनेट आधारित आरक्षण नहीं हो पा रहा है। पूरे जिले में निष्क्रिय कनेक्शनों की कुल संख्या लगभग 15000 है। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी बुक और आधारकार्ड लेकर एजेंसी आना होगा।
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कनेक्शन निष्क्रिय होने के कारण
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, यदि किसी कनेक्शन पर 180 दिन यानी छह महीने तक गैस नहीं ली जाती है या फिर उसकी ग्राहक पहचान प्रक्रिया पूरी नहीं कराई जाती है तो उसका आरक्षण नंबर अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। यदि पांच साल तक गैस नहीं ली जाती है तो कनेक्शन पूरी तरह से रद्द हो जाता है। पूर्व में गैस की किल्लत न होने पर लोग बिना आरक्षण के भी एजेंसी विक्रेता से सिलिंडर ले लेते थे। अब इंटरनेट आधारित आरक्षण अनिवार्य होने पर लोगों को अपने कनेक्शन की याद आई है।
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पुरवा में सिलिंडर की कमी
पुरवा कस्बे की भारत गैस एजेंसी पर बुधवार को 410 उपभोक्ता घरेलू सिलिंडर लेने पहुंचे। हालांकि एजेंसी के पास केवल 360 सिलिंडरों की आपूर्ति ही आई थी। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 50 उपभोक्ता सिलिंडर न मिलने के कारण मायूस होकर लौट गए। लाइन में लगी साबिरा, अंजू और रानी जैसी उपभोक्ताओं ने बताया कि नंबर आने तक सिलिंडर खत्म हो गए थे। यह स्थिति गैस आपूर्ति में कमी को दर्शाती है।
शहर में 9081 पीएनजी उपभोक्ता, एलपीजी कनेक्शन पर संकट
भारत सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन खत्म किए जाएंगे। शहर में पीएनजी की आपूर्ति करने वाली सीयूजीएल कंपनी के विपणन अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि उन्नाव शहर में पीएनजी के घरेलू कनेक्शनों की संख्या 9081 हैं।

फोटो-30-इंडेन गैस एजेंसी के बाहर खड़े लोग। संवाद