हसनगंज। विकास खंड के गांव बाराखेड़ा की महिला किसान ने 60 युवतियों को फल संरक्षण और सिलाई का प्रशिक्षण दिया। साथ ही मोमबत्ती बनाना भी सिखाया। वह ही खुद भी आलू की खेती करती हैं। उन्हें 25 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्यपाल ने पुरस्कृत किया।
बाराखेड़ा की संगीता प्रगतिशील किसान हैं। उन्होंने 15 बिस्वा में करीब 35 क्विंटल आलू पैदा की है। स्वयं सहायता समूह गठित करके पहले खुद फल संरक्षण, सिलाई और मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद आसपास के गांवों की अनुसूचित जाति की 60 युवतियों को प्रशिक्षण लेकर दक्ष किया।
संगीता के साथ ये युवतियां कृषि विज्ञान केंद्र धौरा की वैज्ञानिक डॉ. अर्चना की देखरेख में आचार, पापड़, जैम जेली आदि उत्पाद बनाने का भी कार्य कर रही हैं। संगीता के कृषि व युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए गए कार्यों को देखते हुए 25 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मोमेंटो व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।