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Unnao News: पड़ोसी पर जानलेवा हमले और उसके भांजे की हत्या में दो चचेरे भाइयों को उम्रकैद
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उन्नाव। पड़ोसी के भांजे की हत्या और पड़ोसी पर जानलेवा हमले में दो चचेरे भाइयों को अपर जिला जज ममता सिंह की अदालत ने दोषी पाया है। दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 2.40 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
करवासा निवासी संतोष कुमार ने 19 फरवरी 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया कि 18 फरवरी 2019 की शाम गांव में ही रहने वाली नानी रामदुलारी और मामी मिथलेश कुमारी का पड़ोसी नित्यानंद उर्फ नीतू की पत्नी सुनीता व बहन ऊषा से हो रहा था। उसी समय भाई सर्वेश, नानी रामदुलारी के घर पहुंचा और बीच बचाव करने लगा। इस दौरान नित्यानंद उर्फ नीतू और उसके पिता चेतराम ने सर्वेश को पकड़ लिया। मौका पाते ही गांव में रहने वाले नित्यानंद का चचेरा भाई सुरेंद्र भी पहुंच गया और सर्वेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सर्वेश को घायल देखकर बचाने पहुंचे मामा सियाराम को भी दोनों ने चाकू घोंपकर घायल कर दिया।
शोर सुनकर लोग दौड़े तो दोनों आरोपी भाग निकले। ग्रामीणों की मदद से घायल सर्वेश और उसके मामा सियाराम को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज दौरान सर्वेश की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चेतराम, नित्यानंद उर्फ नीतू और सुरेंद्र के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने चार मई 2019 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमा अपर जिला जज तृतीय की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई में न्यायाधीश ममता सिंह ने दलील व साक्ष्य के आधार पर हत्यारोपी नित्यानंद उर्फ नीतू और सुरेंद्र का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चेतराम के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने पर दोषमुक्त किया। दोनों पर 1.20-1.20 लाख रुपये अर्थ दंड लगाया।
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करवासा निवासी संतोष कुमार ने 19 फरवरी 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया कि 18 फरवरी 2019 की शाम गांव में ही रहने वाली नानी रामदुलारी और मामी मिथलेश कुमारी का पड़ोसी नित्यानंद उर्फ नीतू की पत्नी सुनीता व बहन ऊषा से हो रहा था। उसी समय भाई सर्वेश, नानी रामदुलारी के घर पहुंचा और बीच बचाव करने लगा। इस दौरान नित्यानंद उर्फ नीतू और उसके पिता चेतराम ने सर्वेश को पकड़ लिया। मौका पाते ही गांव में रहने वाले नित्यानंद का चचेरा भाई सुरेंद्र भी पहुंच गया और सर्वेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सर्वेश को घायल देखकर बचाने पहुंचे मामा सियाराम को भी दोनों ने चाकू घोंपकर घायल कर दिया।
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शोर सुनकर लोग दौड़े तो दोनों आरोपी भाग निकले। ग्रामीणों की मदद से घायल सर्वेश और उसके मामा सियाराम को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज दौरान सर्वेश की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चेतराम, नित्यानंद उर्फ नीतू और सुरेंद्र के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने चार मई 2019 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमा अपर जिला जज तृतीय की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई में न्यायाधीश ममता सिंह ने दलील व साक्ष्य के आधार पर हत्यारोपी नित्यानंद उर्फ नीतू और सुरेंद्र का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चेतराम के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने पर दोषमुक्त किया। दोनों पर 1.20-1.20 लाख रुपये अर्थ दंड लगाया।
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