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Unnao News: बाढ़ का पानी घटने के बाद दलदल, फंसे आठ मवेशी
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फोटो-33-बाढ़ का पानी घटने के बाद हुए दलदल में फंसे मवेशियों को देखते ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
अचलगंज। बलाई गंगा तट पर आठ मवेशी बाढ़ के बाद बने दलदल में फंस गए। सूचना पर सामाजिक संगठन, राजस्व टीम व पशु चिकित्सक पहुंचे। जेसीबी की मदद से मवेशियों को निकलवाने का प्रयास शुरू किए। शनिवार शाम तक पांच मवेशियों को निकाला गया।
गंगा की बाढ़ का पानी घटने से अब किनारों पर दलदल हो गया है। बलाई घाट पर चारे की तलाश में निकले आठ गोवंश दलदल में फंस गए। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने निकालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। अचलगंज निवासी भाजपा नेता अखिल गुप्ता को सूचना मिली तो तहसील प्रशासन को जानकारी दी। साथ ही साथियों समेत जेसीबी लेकर पहुंच गए।
इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए हनुमंत जीव आश्रय की सदस्य अर्चना पांडे भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं। दलदल होने के कारण जेसीबी भी फंस गई। इसके बाद दो जेसीबी और मंगानी पड़ी लेकिन दलदल में नाकामयाब रहीं। आखिर में लोगों ने रस्सी के सहारे मवेशियों को निकालना शुरू किया। शाम छह बजे तक पांच गोवंश सकुशल बाहर निकाल लिए गए। बलाई प्रधान राम सिंह यादव, बैरागर प्रधान अखिलेश यादव, पशु चिकित्सक डाॅ. नरेंद्र व क्षेत्रीय लेखपाल समेत क्षेत्र में लोगों की भीड़ लगी रही। बताया जाता कि खन्नापुर, कोलुहागाढ़ा व खुटहा आदि गांवों के तटीय इलाकों में भी मवेशी फंसे होने की सूचना है।
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इंसेट-1
हर साल कटरी क्षेत्र में हो जाता दलदल
कटरी क्षेत्र में लगभग हर वर्ष बाढ़ का पानी घटने के बाद स्थितियां गंभीर हो जाती हैं। तटीय क्षेत्र की मिट्टी में दलदल हो जाता है। इसमें अक्सर मवेशी फंस जाते हैं। समय पर निकाले न जाने से अधिकांश मौत के मुंह में चले जाते हैं।
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गंगा की बाढ़ का पानी घटने से अब किनारों पर दलदल हो गया है। बलाई घाट पर चारे की तलाश में निकले आठ गोवंश दलदल में फंस गए। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने निकालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। अचलगंज निवासी भाजपा नेता अखिल गुप्ता को सूचना मिली तो तहसील प्रशासन को जानकारी दी। साथ ही साथियों समेत जेसीबी लेकर पहुंच गए।
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इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए हनुमंत जीव आश्रय की सदस्य अर्चना पांडे भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं। दलदल होने के कारण जेसीबी भी फंस गई। इसके बाद दो जेसीबी और मंगानी पड़ी लेकिन दलदल में नाकामयाब रहीं। आखिर में लोगों ने रस्सी के सहारे मवेशियों को निकालना शुरू किया। शाम छह बजे तक पांच गोवंश सकुशल बाहर निकाल लिए गए। बलाई प्रधान राम सिंह यादव, बैरागर प्रधान अखिलेश यादव, पशु चिकित्सक डाॅ. नरेंद्र व क्षेत्रीय लेखपाल समेत क्षेत्र में लोगों की भीड़ लगी रही। बताया जाता कि खन्नापुर, कोलुहागाढ़ा व खुटहा आदि गांवों के तटीय इलाकों में भी मवेशी फंसे होने की सूचना है।
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हर साल कटरी क्षेत्र में हो जाता दलदल
कटरी क्षेत्र में लगभग हर वर्ष बाढ़ का पानी घटने के बाद स्थितियां गंभीर हो जाती हैं। तटीय क्षेत्र की मिट्टी में दलदल हो जाता है। इसमें अक्सर मवेशी फंस जाते हैं। समय पर निकाले न जाने से अधिकांश मौत के मुंह में चले जाते हैं।