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Unnao News: पॉक्सो एक्ट में एक को एक और दूसरे को तीन साल की जेल
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उन्नाव। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के अलग-अलग मामलों की अंतिम सुनवाई के दौरान दो दोषियों को सजा सुनाई। इसमें एक को एक और दूसरे को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर क्रमश: एक हजार और आठ हजार का अर्थदंड भी लगाया।
औरास थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी चाचा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि छह फरवरी 2021 की शाम उसकी 12 वर्षीय भतीजी चारा लेने खेत गई थी। इस दौरान सीमऊ गांव निवासी अरुण उर्फ सुजीत वहां आया और अश्लील हरकत करने लगा। भतीजी के शोर मचाने पर पास के खेतों में काम कर रहा भाई (किशोरी का पिता) पहुंचे तो वह भाग निकला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। 18 फरवरी 2021 को दोषी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस ने 25 मार्च 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। गुरुवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने दलील व साक्ष्य के आधार पर अरुण का दोष साबित होने पर एक साल के कारावास की सजा सुनाई। एक हजार का जुर्माना भी लगाया।
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दूसरे मामले में गंगाघाट निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 24 मई 2017 को वह घर पर नहीं था। इस दौरान मंशाखेड़ा निवासी विपिन घर में घुस आया और बेटी से छेड़छाड़ की। बेटी के शोर मचाने पर घर में मौजूद पत्नी मौके पर पहुंची तो आरोपी गालीगलौज करते हुए मौके से भाग निकला।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। गुरुवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश रवि प्रकाश साहू ने विपिन को दोषी मानते हुए तीन साल कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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औरास थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी चाचा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि छह फरवरी 2021 की शाम उसकी 12 वर्षीय भतीजी चारा लेने खेत गई थी। इस दौरान सीमऊ गांव निवासी अरुण उर्फ सुजीत वहां आया और अश्लील हरकत करने लगा। भतीजी के शोर मचाने पर पास के खेतों में काम कर रहा भाई (किशोरी का पिता) पहुंचे तो वह भाग निकला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। 18 फरवरी 2021 को दोषी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
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पुलिस ने 25 मार्च 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। गुरुवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने दलील व साक्ष्य के आधार पर अरुण का दोष साबित होने पर एक साल के कारावास की सजा सुनाई। एक हजार का जुर्माना भी लगाया।
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दूसरे मामले में गंगाघाट निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 24 मई 2017 को वह घर पर नहीं था। इस दौरान मंशाखेड़ा निवासी विपिन घर में घुस आया और बेटी से छेड़छाड़ की। बेटी के शोर मचाने पर घर में मौजूद पत्नी मौके पर पहुंची तो आरोपी गालीगलौज करते हुए मौके से भाग निकला।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। गुरुवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश रवि प्रकाश साहू ने विपिन को दोषी मानते हुए तीन साल कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।