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Unnao News: आरपीएफ कार्यालय और हवालात की ओर नहीं मिले सीसीटीवी
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उन्नाव। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की हिरासत में नेपाली नागरिक के संदिग्ध हालात में घायल होने और बाद में मौत के मामले में सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिलने की उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार आरपीएफ पोस्ट के कार्यालय और हवालात की ओर कोई कैमरा नहीं लगा मिला है। इस मामले में यह जांच की जा रही है कि क्या कैमरे पहले से नहीं लगे थे या घटना के बाद हटाकर उनकी फुटेज डिलीट कर दी गई। अधिकारी जल्द जांच पूरी होने का दावा कर रहे हैं।
नेपाल के दांग जिले के निवासी अनिल नामक व्यक्ति ने पिछले मंगलवार की रात पुष्पक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान नशे की हालत में यात्रियों से अभद्रता की। यात्रियों के विरोध करने पर उसने ब्लेड जैसे हथियार से हमला कर एक महिला सहित चार यात्रियों को घायल कर दिया था। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर मदद मांगी थी।
ट्रेन के उन्नाव पहुंचने पर आरपीएफ की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया था। कुछ देर बाद वह संदिग्ध हालात में गले पर धारदार हथियार से हुए कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया था। आरपीएफ ने उसे पहले जिला अस्पताल और फिर कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के गले पर नुकीली और धारदार चीज से हमले के दो गहरे जख्म पाए गए थे। गले के सामने की ओर आठ सेंटीमीटर लंबा घाव था और श्वासनली कटी हुई मिली थी। इस चोट के एक सेंटीमीटर नीचे बाईं ओर दो सेंटीमीटर लंबा घाव था, जिसमें दो टांके लगे थे।
आरपीएफ की हिरासत में नेपाली युवक की मौत की घटना पर पर्दा डालने का अधिकारियों द्वारा प्रयास करने के आरोप लग रहे हैं। घटना के छह दिन बाद भी जांच जारी होने का हवाला देकर जिम्मेदार मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ मुख्यालय से जांच के लिए आए अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन पोस्ट के कार्यालय और हवालात की ओर कोई कैमरा नहीं मिला। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैमरे पहले से मौजूद नहीं थे या घटना के बाद उन्हें हटा दिया गया था।
कर्मचारियों ने साधी चुप्पी
अभिरक्षा में लिए गए आरोपी की गहन तलाशी के बाद हवालात में बंद करने का नियम है। लेकिन इस घटना ने आरपीएफ के अफसरों से लेकर घटना के समय ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों तक की लापरवाही सामने आने के बाद कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
वर्जन...
घटना की जांच चल रही है, जो भी सच्चाई होगी जल्द ही सामने आएगी और घटना में अगर कोई कर्मचारी जिम्मेदार पाया गया तो उच्चाधिकारियों की ओर से कार्रवाई भी जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती कुछ भी बताना संभव नहीं है।-रतन सरकार, कार्यवाहक प्रभारी, आरपीएफ पोस्ट।
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नेपाल के दांग जिले के निवासी अनिल नामक व्यक्ति ने पिछले मंगलवार की रात पुष्पक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान नशे की हालत में यात्रियों से अभद्रता की। यात्रियों के विरोध करने पर उसने ब्लेड जैसे हथियार से हमला कर एक महिला सहित चार यात्रियों को घायल कर दिया था। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर मदद मांगी थी।
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ट्रेन के उन्नाव पहुंचने पर आरपीएफ की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया था। कुछ देर बाद वह संदिग्ध हालात में गले पर धारदार हथियार से हुए कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया था। आरपीएफ ने उसे पहले जिला अस्पताल और फिर कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के गले पर नुकीली और धारदार चीज से हमले के दो गहरे जख्म पाए गए थे। गले के सामने की ओर आठ सेंटीमीटर लंबा घाव था और श्वासनली कटी हुई मिली थी। इस चोट के एक सेंटीमीटर नीचे बाईं ओर दो सेंटीमीटर लंबा घाव था, जिसमें दो टांके लगे थे।
आरपीएफ की हिरासत में नेपाली युवक की मौत की घटना पर पर्दा डालने का अधिकारियों द्वारा प्रयास करने के आरोप लग रहे हैं। घटना के छह दिन बाद भी जांच जारी होने का हवाला देकर जिम्मेदार मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ मुख्यालय से जांच के लिए आए अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन पोस्ट के कार्यालय और हवालात की ओर कोई कैमरा नहीं मिला। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैमरे पहले से मौजूद नहीं थे या घटना के बाद उन्हें हटा दिया गया था।
कर्मचारियों ने साधी चुप्पी
अभिरक्षा में लिए गए आरोपी की गहन तलाशी के बाद हवालात में बंद करने का नियम है। लेकिन इस घटना ने आरपीएफ के अफसरों से लेकर घटना के समय ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों तक की लापरवाही सामने आने के बाद कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
वर्जन...
घटना की जांच चल रही है, जो भी सच्चाई होगी जल्द ही सामने आएगी और घटना में अगर कोई कर्मचारी जिम्मेदार पाया गया तो उच्चाधिकारियों की ओर से कार्रवाई भी जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती कुछ भी बताना संभव नहीं है।-रतन सरकार, कार्यवाहक प्रभारी, आरपीएफ पोस्ट।