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Unnao News: बारिश थमी, अब आई मुश्किलों की बाढ़
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इंद्रानगर बजरंग चौराहे वाली गली में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद
उन्नाव। तीन दिन से हो रही बारिश रविवार की दोपहर थम गई लेकिन शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। शहर के पांच मोहल्लों में घुटनों तक पानी भरा होने से यहां के लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। जलभराव से लोगों को रोगों के फैलने का डर सता रहा है। जाम लगाने के बाद भी इंद्रानगर के लोगों को जलभराव से निजात नहीं मिली। ईओ का कहना है कि पंपसेट लगवाकर पानी निकलवाया जाएगा।
शहर के मोहल्ला इंद्रानगर में जलभराव से परेशान लोगों ने रविवार को जिला अस्पताल-गदनखेड़ा मार्ग पर जाम लगाया था। मौके पर सदर विधायक व एसडीएम सदर पहुंचे थे। पंप लगवाकर पानी निकलवाने का आश्वासन दिया था। सोमवार को केवल उस गली में ही पानी निकलवाया गया, जहां विधायक और एसडीएम जायजा लेने पहुंचे थे। मोहल्ले में अन्य जगहों पर पानी भरा रहा और लोग जलभराव के बीच घरों में कैद होकर रह गए।
मोहल्ला शिवनगर
शिवनगर की गलियाें में भरा पानी
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बाईपास के पास बसे मोहल्ला शिवनगर में भी गलियों में पानी भरा हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। स्कूली छात्र जूता-मोजा हाथ में लेकर पानी मंझाकर आवागमन कर रहे हैं। लोग भी जलभराव से परेशान हैं और पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं। ठहरे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
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मोहल्ला -पीतांबरनगर
गांवों से बदतर पाॅश इलाके के हालात
कहने को तो पीतांबरनगर पॉश क्षेत्रों में गिना जाता है लेकिन जलभराव ऐसा है कि हालत गांवों से बदतर हो गई है। मोहल्ले की प्रत्येक गली में पानी भरा है। बारिश थमने के 24 घंटे बाद भी यहां का पानी कम नहीं हुआ है। लोग जलभराव के कारण परेशान हैं लेकिन नगर पालिका प्रशासन इससे अंजान बना है।
मोहल्ला-लोकनगर
संक्रामक रोगों का सता रहा डर
यहां के हालत भी जलभराव से बदतर हो गए हैं। लोगों के घरों के सामने पानी भरा है। इससे मोहल्लेवासी कहीं आ और जा नहीं पा रहे हैं। घरों में पूरे दिन रहने के लिए मजबूर हैं। पानी में काई सी जमने लगी है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों को सूचना दी लेकिन किसी ने जलभराव से राहत दिलाने के प्रयास नहीं किए।
पीडीनगर
पानी से लबालब हैं मोहल्ले की गलियां
पीडीनगर में नंदनवन पार्क के पीछे वाली गली में भी जलभराव बना हुआ है। शुक्रवार को हुई तेज बारिश से यहां पर पानी भरने लगा था। 24 घंटे बाद गली पानी से लबालब हो गई। यह स्थिति आज भी बनी हुई है। लोगों को जरूरी काम से निकलने के दौरान पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। यह मोहल्ला भी शहर के पॉश एरिया में गिना जाता है। जलभराव से हालत गांवों से ज्यादा खराब हो गई है।
वर्जन...
इंद्रानगर में मुख्य गली का पानी निकलवा दिया गया है। अन्य गलियों का निकलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मोहल्ले का पानी साइफन नाले से निकलता है, जिससे 23 मोहल्ले जुड़े हैं। इतने मोहल्लों का पानी पहुंच जाने से साइफन नाला भी जाम सा हो गया है। पानी निकलते ही जलभराव की समस्या का समाधान हो जाएगा। -रामआसरे कमल, ईओ, नगर पालिका परिषद उन्नाव।
नगर पालिका परिषद उन्नाव की आबादी करीब तीन लाख
कुल वार्ड -32
कुल नाले (बड़े व छोटे) -119
मुख्य नाला-अताउल्ला व साइफन
नाला सफाई पर खर्च-करीब 30 लाख
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शहर के मोहल्ला इंद्रानगर में जलभराव से परेशान लोगों ने रविवार को जिला अस्पताल-गदनखेड़ा मार्ग पर जाम लगाया था। मौके पर सदर विधायक व एसडीएम सदर पहुंचे थे। पंप लगवाकर पानी निकलवाने का आश्वासन दिया था। सोमवार को केवल उस गली में ही पानी निकलवाया गया, जहां विधायक और एसडीएम जायजा लेने पहुंचे थे। मोहल्ले में अन्य जगहों पर पानी भरा रहा और लोग जलभराव के बीच घरों में कैद होकर रह गए।
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मोहल्ला शिवनगर
शिवनगर की गलियाें में भरा पानी
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बाईपास के पास बसे मोहल्ला शिवनगर में भी गलियों में पानी भरा हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। स्कूली छात्र जूता-मोजा हाथ में लेकर पानी मंझाकर आवागमन कर रहे हैं। लोग भी जलभराव से परेशान हैं और पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं। ठहरे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
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मोहल्ला -पीतांबरनगर
गांवों से बदतर पाॅश इलाके के हालात
कहने को तो पीतांबरनगर पॉश क्षेत्रों में गिना जाता है लेकिन जलभराव ऐसा है कि हालत गांवों से बदतर हो गई है। मोहल्ले की प्रत्येक गली में पानी भरा है। बारिश थमने के 24 घंटे बाद भी यहां का पानी कम नहीं हुआ है। लोग जलभराव के कारण परेशान हैं लेकिन नगर पालिका प्रशासन इससे अंजान बना है।
मोहल्ला-लोकनगर
संक्रामक रोगों का सता रहा डर
यहां के हालत भी जलभराव से बदतर हो गए हैं। लोगों के घरों के सामने पानी भरा है। इससे मोहल्लेवासी कहीं आ और जा नहीं पा रहे हैं। घरों में पूरे दिन रहने के लिए मजबूर हैं। पानी में काई सी जमने लगी है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों को सूचना दी लेकिन किसी ने जलभराव से राहत दिलाने के प्रयास नहीं किए।
पीडीनगर
पानी से लबालब हैं मोहल्ले की गलियां
पीडीनगर में नंदनवन पार्क के पीछे वाली गली में भी जलभराव बना हुआ है। शुक्रवार को हुई तेज बारिश से यहां पर पानी भरने लगा था। 24 घंटे बाद गली पानी से लबालब हो गई। यह स्थिति आज भी बनी हुई है। लोगों को जरूरी काम से निकलने के दौरान पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। यह मोहल्ला भी शहर के पॉश एरिया में गिना जाता है। जलभराव से हालत गांवों से ज्यादा खराब हो गई है।
वर्जन...
इंद्रानगर में मुख्य गली का पानी निकलवा दिया गया है। अन्य गलियों का निकलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मोहल्ले का पानी साइफन नाले से निकलता है, जिससे 23 मोहल्ले जुड़े हैं। इतने मोहल्लों का पानी पहुंच जाने से साइफन नाला भी जाम सा हो गया है। पानी निकलते ही जलभराव की समस्या का समाधान हो जाएगा। -रामआसरे कमल, ईओ, नगर पालिका परिषद उन्नाव।
नगर पालिका परिषद उन्नाव की आबादी करीब तीन लाख
कुल वार्ड -32
कुल नाले (बड़े व छोटे) -119
मुख्य नाला-अताउल्ला व साइफन
नाला सफाई पर खर्च-करीब 30 लाख

इंद्रानगर बजरंग चौराहे वाली गली में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद

इंद्रानगर बजरंग चौराहे वाली गली में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद

इंद्रानगर बजरंग चौराहे वाली गली में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद

इंद्रानगर बजरंग चौराहे वाली गली में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद