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Unnao News: कानपुर-लखनऊ हाईवे पर नकद टोल बंद, फास्टैग और यूपीआई से ही भुगतान
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फोटो-24- वाहन सवारों को फास्टैग सक्रिय करने व अन्य जानकारी देते फास्टैग बूथ पर मौजूद युवक। संवा
नवाबगंज। कानपुर-लखनऊ हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर बृहस्पतिवार की रात से नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब चालकों को टोल टैक्स का भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई से ही करना होगा। इस व्यवस्था के पहले दिन कई वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
टोल मैनेजर दीपक यादव ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शुरुआती दिन में कुछ दिक्कतें सामने आईं। टोल लेन में पहुंचे कई वाहनों को पीछे कराया गया। चेक करने पर पता चला कि इनमें से कुछ वाहनों के फास्टैग सक्रिय नहीं थे। कुछ वाहनों के फास्टैग पुराने होने से स्कैन होने में दिक्कत हुई। बताया कि फास्टैग स्कैन न होने की स्थिति में किसी भी वाहन चालक को नहीं लौटाया गया। जिन लोगों के फास्टैग में तकनीकी दिक्कत थी, उन्होंने या तो अपना फास्टैग ठीक कराया गया, या फिर यूपीआई से भुगतान किया।
फास्टैग सक्रिय कराने वाले चालकों की संख्या बढ़ी
टोल प्लाजा के पास फास्टैग रिचार्ज करने वाले सोनू ने बताया कि नकद भुगतान बंद होने से फास्टैग ठीक कराने वाले वाहन चालकों की संख्या बढ़ गई है। बताया कि फास्टैग केवाईसी न होने के कारण निष्क्रिय हो जाते हैं। इसकी वजह से बैलेंस होने के बाद भी भुगतान नहीं हो पाता है। सोनू ने बताया कि आधार और मोबाइल नंबर से केवाईसी 10 मिनट में ही फास्टैग सक्रिय कर देता है।
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यूपीआई से इस तरह होता है भुगतान
टोल मैनेजर दीपक यादव ने यूपीआई से भुगतान की प्रक्रिया समझाई। जिस भी वाहन में फास्टैग नहीं है, यदि वह यूपीआई भुगतान करता है तो बूथ कर्मी उसके वाहन को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। वाहन नंबर और वाहन के आकार के आधार पर उसके शुल्क का बार कोड कंप्यूटर पर जनरेट हो जाएगा। वाहन चालक के मोबाइल के यूपीआई स्कैनर से टोल कर्मी बार कोड स्कैन करेगा। इसके बाद भुगतान कर वाहन टोल पार कर सकेगा।
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टोल मैनेजर दीपक यादव ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शुरुआती दिन में कुछ दिक्कतें सामने आईं। टोल लेन में पहुंचे कई वाहनों को पीछे कराया गया। चेक करने पर पता चला कि इनमें से कुछ वाहनों के फास्टैग सक्रिय नहीं थे। कुछ वाहनों के फास्टैग पुराने होने से स्कैन होने में दिक्कत हुई। बताया कि फास्टैग स्कैन न होने की स्थिति में किसी भी वाहन चालक को नहीं लौटाया गया। जिन लोगों के फास्टैग में तकनीकी दिक्कत थी, उन्होंने या तो अपना फास्टैग ठीक कराया गया, या फिर यूपीआई से भुगतान किया।
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फास्टैग सक्रिय कराने वाले चालकों की संख्या बढ़ी
टोल प्लाजा के पास फास्टैग रिचार्ज करने वाले सोनू ने बताया कि नकद भुगतान बंद होने से फास्टैग ठीक कराने वाले वाहन चालकों की संख्या बढ़ गई है। बताया कि फास्टैग केवाईसी न होने के कारण निष्क्रिय हो जाते हैं। इसकी वजह से बैलेंस होने के बाद भी भुगतान नहीं हो पाता है। सोनू ने बताया कि आधार और मोबाइल नंबर से केवाईसी 10 मिनट में ही फास्टैग सक्रिय कर देता है।
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यूपीआई से इस तरह होता है भुगतान
टोल मैनेजर दीपक यादव ने यूपीआई से भुगतान की प्रक्रिया समझाई। जिस भी वाहन में फास्टैग नहीं है, यदि वह यूपीआई भुगतान करता है तो बूथ कर्मी उसके वाहन को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। वाहन नंबर और वाहन के आकार के आधार पर उसके शुल्क का बार कोड कंप्यूटर पर जनरेट हो जाएगा। वाहन चालक के मोबाइल के यूपीआई स्कैनर से टोल कर्मी बार कोड स्कैन करेगा। इसके बाद भुगतान कर वाहन टोल पार कर सकेगा।