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Unnao News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे की मिट्टी धंसी, 10 फीट गहरा गड्ढा
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फोटो-29-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किमी संख्या 71.3 आटा बंथर के पास सड़क किनारे की मिट्टी धंसने
अचलगंज/असोहा (उन्नाव)। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को आजाद मार्ग टोल प्लाजा से आगे आटा बंथर-लक्ष्मणखेड़ा मार्ग के अंडरपास के किनारे के स्लोप की मिट्टी धंस गई। इससे करीब पांच फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इससे सड़क टूटने का खतरा बढ़ गया है। हालत यह है कि आवागमन के दौरान वाहन कब सड़क में समा जाएं भरोसा नहीं। उधर, हल्की बारिश में ही करीब 10 किलोमीटर के दायरे में जगह-जगह सड़क में नालियां (व्हील ट्रैक) बन गई हैं। इससे वाहन लहरा रहे हैं। बारिश का पानी भरने से नालियां साफ नजर आईं।
प्रदेश के पहले सबसे लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे में शुमार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आए दिन धंस रही सड़क और हो रहे गड्ढे निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं। उन्नाव से लखनऊ के बीच के 45 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड हिस्से की हालत खस्ता है। लोकार्पण के 13 वें दिन से ही शुरू हुई सड़क में अब तक 2500 से अधिक स्थानों पर मरम्मत हो चुकी है, लेकिन खामियों का सिलसिला 32वें दिन भी जारी है।
मंगलवार की सुबह लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर आटा बंथर-लक्ष्मण खेड़ा मार्ग के अंडरपास पर बारिश के पानी से मिट्टी बह जाने से करीब पांच फीट चौड़ा और सड़क के नीचे करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। सड़क खोखली होने से धंसने का खतरा हुआ तो पीएनसी की तकनीकी टीम ने आनन-फानन मरम्मत शुरू कराई। हालांकि इसे पूरी तरह ठीक करने में दो दिन का समय लगेगा। हैरानी की बात यह है कि यहां पर पहले भी मिट्टी धंसी थी और गड्ढे को भरा गया था।
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वहीं कानपुर से लखनऊ लेन पर किलोमीटर 65 से 65.7 तक भारी वाहन (100 किमी प्रति घंटा) वाली तीसरी लेन भी जगह-जगह दब गई। उन्नाव-लालगंज हाईवे पुल पर सड़क की ऊपरी परत करीब 40 मीटर दायरे में कई जगह टूट गई है। इसी लेन पर किलोमीटर संख्या 42.6 पर मेदपुर गांव के पास कुछ देर हुई बारिश से हुआ जलभराव वाहन चालकों के लिए घंटों परेशानी का सबब बना रहा। यहां पूरी सड़क में नाली बनी नजर आईं। कानपुर से लखनऊ वाली लेन पर ही किमी संख्या 44.9 पर कुदिकापुर गांव के सामने भी जलभराव की स्थिति रही। किमी संख्या 47.9 के पास सड़क दबने से जलभराव रहा। किमी संख्या 59 नेवरना गांव के पास 40 मीटर सड़क दबने से उसकी ऊपरी परत को उखाड़ कर नई परत बिछाई गई है।
एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे को उसके हाल पर छोड़ा
निर्माण एजेंसी पर जुर्माना और इंजीनियरों पर कार्रवाई के बाद एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को उसके हाल पर छोड़ दिया है। निर्माण एजेंसी पीएनसी लगातार मरम्मत और पैचवर्क तो करा रही है लेकिन लगातार सामने आ रही खामियां मरम्मत की भी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है। वहीं एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि 15 साल तक इस एक्सप्रेसवे की देखरेख और मरम्मत कराने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी पीएनसी की है। कैसे रखरखाव करना है वही जाने। यातायात रुकने पर जिम्मेदारों से सवाल किए जाएंगे। मरम्मत पूरी होने और भारी वाहनों का भी सुरक्षित आवागमन शुरू होने तक जनता से टोल टैक्स भी नहीं लिया जाएगा जितने भी वाहन निकलेंगे उनका टोल टैक्स भी निर्माण एजेंसी से ही वसूला जाएगा।
आधी सड़क तक जेसीबी, खतरे के बीच निकल रहे वाहन
लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के लिए निर्माण एजेंसी पीएनसी ने एक साथ कई जेसीबी लगाई है। इस दौरान किलोमीटर संख्या 54.5 पर तौरा गांव के पास एक्सप्रेसवे से निकल रहे वाहन सवार जोखिम के बीच सफर करते नजर आए। काम कर रहे कर्मचारियों ने यहां पर पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।
वर्जन-- -- -
बारिश के कारण कटान से आटा बंथर के पास किनारे की मिट्टी धंसी है लेकिन इससे कोई खतरा नहीं है। अंडरपास होने से यहां पर बीम वॉल है। हालांकि जानकारी होते ही मरम्मत शुरू करा दी गई है। सड़क पर जहां भी व्हील ट्रैक बने हैं, वहां मरम्मत कराई जा रही है। साइड रोड दबने या सेफ्टी वॉल में समस्या आने पर उसे भी ठीक कराया जा रहा है। मरम्मत का ज्यादातर काम हो गया है। ड्रेनेज सिस्टम को भी ठीक किया जा रहा है।
- सत्य नारायण मैनेजर पीएनसी।
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प्रदेश के पहले सबसे लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे में शुमार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आए दिन धंस रही सड़क और हो रहे गड्ढे निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं। उन्नाव से लखनऊ के बीच के 45 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड हिस्से की हालत खस्ता है। लोकार्पण के 13 वें दिन से ही शुरू हुई सड़क में अब तक 2500 से अधिक स्थानों पर मरम्मत हो चुकी है, लेकिन खामियों का सिलसिला 32वें दिन भी जारी है।
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मंगलवार की सुबह लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर आटा बंथर-लक्ष्मण खेड़ा मार्ग के अंडरपास पर बारिश के पानी से मिट्टी बह जाने से करीब पांच फीट चौड़ा और सड़क के नीचे करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। सड़क खोखली होने से धंसने का खतरा हुआ तो पीएनसी की तकनीकी टीम ने आनन-फानन मरम्मत शुरू कराई। हालांकि इसे पूरी तरह ठीक करने में दो दिन का समय लगेगा। हैरानी की बात यह है कि यहां पर पहले भी मिट्टी धंसी थी और गड्ढे को भरा गया था।
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वहीं कानपुर से लखनऊ लेन पर किलोमीटर 65 से 65.7 तक भारी वाहन (100 किमी प्रति घंटा) वाली तीसरी लेन भी जगह-जगह दब गई। उन्नाव-लालगंज हाईवे पुल पर सड़क की ऊपरी परत करीब 40 मीटर दायरे में कई जगह टूट गई है। इसी लेन पर किलोमीटर संख्या 42.6 पर मेदपुर गांव के पास कुछ देर हुई बारिश से हुआ जलभराव वाहन चालकों के लिए घंटों परेशानी का सबब बना रहा। यहां पूरी सड़क में नाली बनी नजर आईं। कानपुर से लखनऊ वाली लेन पर ही किमी संख्या 44.9 पर कुदिकापुर गांव के सामने भी जलभराव की स्थिति रही। किमी संख्या 47.9 के पास सड़क दबने से जलभराव रहा। किमी संख्या 59 नेवरना गांव के पास 40 मीटर सड़क दबने से उसकी ऊपरी परत को उखाड़ कर नई परत बिछाई गई है।
एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे को उसके हाल पर छोड़ा
निर्माण एजेंसी पर जुर्माना और इंजीनियरों पर कार्रवाई के बाद एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को उसके हाल पर छोड़ दिया है। निर्माण एजेंसी पीएनसी लगातार मरम्मत और पैचवर्क तो करा रही है लेकिन लगातार सामने आ रही खामियां मरम्मत की भी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है। वहीं एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि 15 साल तक इस एक्सप्रेसवे की देखरेख और मरम्मत कराने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी पीएनसी की है। कैसे रखरखाव करना है वही जाने। यातायात रुकने पर जिम्मेदारों से सवाल किए जाएंगे। मरम्मत पूरी होने और भारी वाहनों का भी सुरक्षित आवागमन शुरू होने तक जनता से टोल टैक्स भी नहीं लिया जाएगा जितने भी वाहन निकलेंगे उनका टोल टैक्स भी निर्माण एजेंसी से ही वसूला जाएगा।
आधी सड़क तक जेसीबी, खतरे के बीच निकल रहे वाहन
लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के लिए निर्माण एजेंसी पीएनसी ने एक साथ कई जेसीबी लगाई है। इस दौरान किलोमीटर संख्या 54.5 पर तौरा गांव के पास एक्सप्रेसवे से निकल रहे वाहन सवार जोखिम के बीच सफर करते नजर आए। काम कर रहे कर्मचारियों ने यहां पर पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।
वर्जन
बारिश के कारण कटान से आटा बंथर के पास किनारे की मिट्टी धंसी है लेकिन इससे कोई खतरा नहीं है। अंडरपास होने से यहां पर बीम वॉल है। हालांकि जानकारी होते ही मरम्मत शुरू करा दी गई है। सड़क पर जहां भी व्हील ट्रैक बने हैं, वहां मरम्मत कराई जा रही है। साइड रोड दबने या सेफ्टी वॉल में समस्या आने पर उसे भी ठीक कराया जा रहा है। मरम्मत का ज्यादातर काम हो गया है। ड्रेनेज सिस्टम को भी ठीक किया जा रहा है।
- सत्य नारायण मैनेजर पीएनसी।

फोटो-29-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किमी संख्या 71.3 आटा बंथर के पास सड़क किनारे की मिट्टी धंसने

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