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Unnao News: अवैध नर्सिंग होम का जाल, मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़

Sat, 17 Jan 2026 12:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:46 AM IST
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फोटो-10- अवैध क्लीनिक बंद कराते एसीएमओ डॉ.नरेंद्र सिंह। आर्काइव - फोटो : 1
उन्नाव। अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। जगह-जगह खुले इन नर्सिंग होम पर कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग छापा मारता है। उस समय कागज दिखाने के लिए तीन दिन की मोहलत देकर छोड़ देता है। इसके बाद फिर नर्सिंग होम संचालित होने लगते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में जिले के 122 नर्सिंग होम और क्लीनिक का पंजीकरण है। हकीकत में शहर से लेकर गांवों तक सैकड़ों की तादाद में बिना पंजीकरण अवैध नर्सिंग होम व क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। बेहतर इलाज के नाम पर छोटी-छोटी बीमारी को भी गंभीर बताकर मरीजों को भर्ती कर लेते हैं। इसके बाद एक ही दिन में दवा और इलाज का लंबा चौड़ा बिल बना देते हैं। लोगों की शिकायत पर भी स्वास्थ्य विभाग सिर्फ खानापूर्ति करता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि नवंबर 2025 से अब तक 26 अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम बंद कराए गए हैं। हकीकत में बंद कराए गए ज्यादातर अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम बोर्ड हटाकर या नाम बदल कर दोबारा चलने लगे हैं।
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केस-एक

प्रसूता की हो गई थी मौत
13 फरवरी 2025 को बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के नन्हूपुरवा की पूजा (23) पत्नी विनय कुमार को परिजन ने बांगरमऊ के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। 14 फरवरी को ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। हालत बिगड़ने पर लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान पूजा की मौत हो गई। नाराज परिजन ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन भी किया लेकिन जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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केस-दो
डॉक्टर की लापरवाही से चली गई जान
20 मार्च 2025 को ऊगू नगर पंचायत निवासी कुलदीप की पत्नी राधारानी (29) की पेट दर्द से हालत बिगड़ गई थी। परिजन ने शहर के एक नर्सिंगहोम में जांच हुई तो पता चला कि बांगरमऊ के एक नर्सिंग होम में 18 अक्तूबर 2024 को ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। उस दौरान ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने रुई और पट्टी का टुकड़ा राधारानी के पेट में ही छोड़ दिया था। इसी वजह से सड़न हुई और 23 मार्च को लखनऊ पीजीआई लेकर जाते समय उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में खून में संक्रमण (सेप्टीसीमिया) से मौत की पुष्टि होने पर एफआईआर दर्ज हुई लेकिन मामला अभी जांच में अटका है।

केस-तीन
दो दिन में इलाज के नाम पर वसूले पांच हजार, फिर भी नहीं बची जान
सितंबर 2024 में अजीज नगर निवासी सुरेश की पत्नी पूनम को कई दिन तेज बुखार रहा। सुरेश ने पास के क्लीनिक में दिखाया तो झोलाछाप ने गंभीर हालत बताकर बेड के नाम पर रखी बेंच पर भर्ती कर लिया। दो दिन में इलाज का पांच हजार रुपये का बिल बना दिया। हालत बिगड़ने सीएचसी ले जाने के लिए कहा लेकिन रास्ते में ही पूनम की मौत हो गई।

केस-चार
महिला की मौत में नोटिस से आगे नहीं बढ़ी कार्रवाई
नवंबर 2024 में भुरकुंडी गांव के सोहन की पत्नी दीपा को पेट दर्द होने पर परिजन ने एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। कथित डॉक्टर ने भर्ती किया और ग्लूकोज की बोतल, इंजेक्शन और जांच के नाम पर दो दिन में 15 हजार रुपये ले लिए। बाद में दीपा की मौत हो गई थी। नर्सिंग होम संचालक पर गलत इलाज का आरोप लगाकर शिकायत भी की पर कार्रवाई नोटिस से आगे नहीं बढ़ सकी।


वर्जन...

शिकायत मिलने पर जांच और कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अभियान चलाकर अवैध नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद कराए जाएंगे। बिना पंजीकरण एक भी नर्सिंग होम संचालित नहीं होने दिया जाएगा।- डॉ. एचएन प्रसाद, प्रभारी सीएमओ।
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