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उन्नाव: फैक्टरी के हैमर की धमक से दस किमी दायरे के मकानों में पड़ी दरारें, 18.93 लाख रुपये जुर्माने की संस्तुति
Tue, 04 Jan 2022 12:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 04 Jan 2022 12:37 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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उन्नाव के मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र स्थित वाहन पुर्जे बनाने वाली फैक्टरी में उपयोग किए जा रहे हैमर (1 से 5 टन वजनी 5 हैमर) की धमक से मगरवारा व आसपास दस किमी दायरे में हो रही धमक से घरों में दरारें पड़ गईं। शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने जांच कराई तो ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण की पुष्टि हुई।
1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक 303 कार्य दिवस फैक्टरी बिना अनुमति संचालन पर 18 लाख 93 हजार 750 रुपये जुर्माने की संस्तुति कर आख्या मुख्यालय भेजी है। फैक्टरी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मगरवारा निवासी वंदना जायसवाल ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में 25 नवंबर 2021 को शिकायती पत्र देकर मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेकेईडब्ल्यू फैक्टरी में बड़े-बड़े हैमर के प्रयोग से दस किमी क्षेत्र में तेज धमक और घरों में दरारें पड़ने की शिकायत की थी। इस पर बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने जांच कराई।
जांच में मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण पाया गया। यहां लगी चिमनी की ऊंचाई महज 12 फिट पाई गई जो मानक से करीब दस फिट कम है। उद्योग संचालक के पास राज्य बोर्ड से इसकी सहमति भी नहीं मिली। क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि उद्योग संचालक को कारण बताओ नोटिस देते हुए 303 दिन तक बिना अनुमति उद्योग चलाने पर 18.93 लाख के जुर्माने की संस्तुति की है। बताया कि जांच रिपोर्ट और जुर्माने की संस्तुति सहित आख्या लखनऊ मुख्यालय (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) भेजी है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक 303 कार्य दिवस फैक्टरी बिना अनुमति संचालन पर 18 लाख 93 हजार 750 रुपये जुर्माने की संस्तुति कर आख्या मुख्यालय भेजी है। फैक्टरी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मगरवारा निवासी वंदना जायसवाल ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में 25 नवंबर 2021 को शिकायती पत्र देकर मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेकेईडब्ल्यू फैक्टरी में बड़े-बड़े हैमर के प्रयोग से दस किमी क्षेत्र में तेज धमक और घरों में दरारें पड़ने की शिकायत की थी। इस पर बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने जांच कराई।
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जांच में मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण पाया गया। यहां लगी चिमनी की ऊंचाई महज 12 फिट पाई गई जो मानक से करीब दस फिट कम है। उद्योग संचालक के पास राज्य बोर्ड से इसकी सहमति भी नहीं मिली। क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि उद्योग संचालक को कारण बताओ नोटिस देते हुए 303 दिन तक बिना अनुमति उद्योग चलाने पर 18.93 लाख के जुर्माने की संस्तुति की है। बताया कि जांच रिपोर्ट और जुर्माने की संस्तुति सहित आख्या लखनऊ मुख्यालय (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) भेजी है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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